NASA Full Form in Hindi – नासा की फुल फॉर्म

मित्रों नमस्कार , आप या हममें से जब भी आसमान की तरफ देखते हैं तो हम सभी के दिमाग में आसमान और अंतरिक्ष के गूढ़ रहस्यों के बारे में जानने की इच्छा होती है और इस कारण हम सबके दिमाग में एक नाम जरूर आता है “NASA”। नासा का नाम आपने अक्सर फिल्मों , Science Documentary ,अखबारों , मैगजीन में अवश्य ही सुना होगा। नासा का नाम सुनकर हम सभी के मन में जरूर यह इच्छा होती है कि क्या है NASA और यह कैसे काम करती है। आप पाठकों में से जिसकी भी रुचि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में होगी वह नासा के बारे में जरूर जानते होंगे। हमारे इस आर्टिकल में आपको NASA Full Form in Hindi, नासा का इतिहास , स्थापना आदि से संबंधित उपयोगी जानकारीयां मिलेगी तो आपसे आग्रह है की नासा के बारे में जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

NASA Full Form in Hindi - नासा की फुल फॉर्म
NASA Full Form in Hindi – नासा की फुल फॉर्म

क्या है नासा – नासा की फुल फॉर्म

NASA अमेरिकी फेडरल गोवर्मेंट (U.S. federal government) के अंतर्गत भौतिकी व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक स्वतंत्र एजेंसी (Independent Agency) है। नासा की फुल फॉर्म है (NASA-National Aeronautics and Space Administration) हिन्दी में इस संस्था को (राष्ट्रीय वैमानिकी और अन्तरिक्ष प्रबंधन) के नाम से जाना जाता है। यह विश्व की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी है। नासा का मुख्य लक्ष्य अंतरिक्ष खोज , एरोनॉटिक्स संशोधन , ग्रहों और उपग्रहों के बारे में जानकारियाँ जुटाना , अंतरिक्ष के क्षेत्र में जुड़े सभी मिशन को सफलतापूर्वक पूर्ण करना है।

क्रम संख्या नासा से जुड़े तथ्य तथ्यों से संबंधित जानकारी
1 नासा का मुख्यालय NASA Headquarter’s
300 E. Street SW, Suite 5R30
Washington, DC 20546
यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका
2 वर्तमान में नासा में कार्यरत कर्मचारीयों की संख्या 18,800
3 नासा के Administrator प्रमुखबिल नेल्सन
4 नासा की आधिकारीक वेबसाईट nasa.gov
5नासा के ऑफिस का फोन नंबर (202) 358-0001
6 नासा की टैगलाइन फॉर द बेनिफिट ऑफ़ ऑल (सबकी भलाई के लिए)

क्या है नासा का इतिहास ?

आपको बता दें की नासा (पूर्व में नाका ) की स्थापना 3 मार्च 1915 को एक United States federal agency के रूप में हुई । जिसको सन 1915 से सन 1958 तक (NACA – National Advisory Committee for Aeronautics) के नाम से जाना जाता था । बाद में 19 जुलाई 1948 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Dwight D. Eisenhower के नेतृत्व में अमेरिकी फेडरल सरकार के द्वारा इस एजेंसी का नाम बदलकर नासा – नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन कर दिया गया।

जिसके बाद नासा ने 1 अक्टूबर 1948 से एक स्वतंत्र अंतरिक्ष एजेंसी के रूप में अपना कार्य करना शुरू किया। नासा ने अब तक अपोलो मिशन के द्वारा मनुष्य को चाँद पर उतारना, स्काइलैब स्टेशन स्थापित करना, अंतरिक्ष शटल मिशन के तहत सैटलाइट लॉन्च करना आदि ये सभी कार्य सफल तरीके से सपन्न किए हैं। नासा Aeronautics Space Research के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम है।

नासा का आपोलो 11 मिशन :

नासा का अपोलो 11 मिशन दुनिया के अंतरिक्ष इतिहास में एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप देखा जाता रहा है जो की उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति John F. Kennedy के साथ – साथ पूरे अमेरिका के लिए गर्व का विषय रहा। अपोलो 11 मिशन जिसके तहत पहली बार किसी इंसान ने चाँद की धरती पर अपने कदम रखे थे। Apollo 11 मिशन की शुरुआत 19 जुलाई 1969 को अमेरिका के मेरिट आई लैंड में स्थित Kennedy Space Center Launch Complex 39 से हुई थी। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से 2,40,000 मील दूर चाँद की धरती पर जाकर जांच के लिए मिट्टी और पत्थर के नमूने एकत्रित करने थे। 21 घंटे और 31 मिनट का सफर तय करने के बाद नील आर्मस्ट्रांग और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बज़ एलड्रीन और माइकल कॉलिन्स 20 जुलाई 1969 को रात में अपना अंतरिक्षयान लेकर चाँद की सतह पर पहुंचे।

आपको बता दें की 21 जुलाई 1969 को चाँद पर पहुंचकर जैसे ही नासा के लुनार मॉड्युल इगल से बाहर आकर नील आर्मस्ट्रांग ने चाँद की धरती पर अपना पहला कदम रखा तो उन्होंने अपना सबसे पहला यह संदेश “One Giant Leap for Mankind – मानव जाति के लिए एक बड़ा कदम ” अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को दिया जिसके बाद पूरे अमेरिका और दुनिया को इस असंभव से कार्य का पता समाचार पत्रों और टीवी के माध्यम से चला। अपना मिशन पूरा करने के बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री 24 जुलाई को पृथ्वी पर सफलता पूर्वक वापस लौट आए। यह घटना मानव इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई। अपोलो 11 के बाद नासा ने छः Moon मिशन चांद पर भेजे जिसमें से पाँच ही सफल हो सके।

NASA की हबल टेलिस्कोप :

यहाँ हम आपको एक और मिशन नासा के हबल टेलिस्कोप के बारे में जानकारी देना चाहते हैं । नासा का हबल टेलिस्कोप अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीन है । जिसने हमारे सौर मंडल , ब्रह्मांड की कुछ आश्चर्य जनक तस्वीरें खींचकर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को दी हैं । इन तस्वीरों का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों को हमारे गैलक्सी और ब्रह्मांड को समझने में बहुत सहायता हुई है ।

NASA की हबल टेलिस्कोप से जुड़े तथ्य :

  1. हबल स्पेस टेलिस्कोप की लॉन्च डेट :- 24 अप्रैल 1990
  2. टेलिस्कोप का वजन :- 11,110 KG
  3. लॉन्च सैटलाइट रॉकेट का नाम :- Space Shuttle Discovery
  4. पावर :- 2,880 वाट
  5. लॉन्च साइट का नाम :- Kennedy Space Center Launch Complex 39

आशा करते हैं की हमारा यह आर्टिकल आपको नासा के बारे में जानने के लिए आपकी सहायता की होगी । इस तरह की और जानकारियों को जानने के लिए आप कमेन्ट बॉक्स में अपने सुझाव और विचार मैसेज कर सकते हैं ।

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