UPSC Full Form in Hindi: यूपीएससी का मतलब क्या होता है?

मित्रों नमस्कार, आज हम आपको बताने जा रहे हैं यूपीएससी (UPSC Full Form) के बारे में। दोस्तों आपने कभी न कभी किसी प्रशासनिक सेवा अधिकारी को अपनी ड्यूटी करते हुए जरूर देखा होगा। आप में कई लोगों की इच्छा होती होगी की हमारी भी नौकरी देश के एक अच्छे प्रशासनिक पद पर हो लेकिन क्या आपको पता है की UPSC की Full Form क्या होती है , देश के इन प्रशासनिक अधिकारियों का चयन किस प्रकार से किया जाता है, क्या होती है पूरी प्रक्रिया आज हमारे इस आर्टिकल में इन्हीं सब बातों के बारे में जानेंगे तो कृपया आपसे अनुरोध है की आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

UPSC Full Form in Hindi: यूपीएससी का मतलब क्या होता है?
UPSC Full Form in Hindi: यूपीएससी का मतलब क्या होता है?

UPSC क्या है ?

हम आपको बता दें देश में केंद्र सरकार के लेवल A और लेवल B के पदों के लिए योग्य कर्मचारियों की भर्ती हेतु कार्य करने संस्था है यूपीएससी जिसका पूरा नाम हिन्दी में “संघ लोक सेवा आयोग” और अंग्रेजी में “Union Public Service Commission” है। यूपीएससी एक प्रकार से देश की बहु प्रतिष्ठित , लोकप्रिय तथा स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली संस्था है।

UPSC का इतिहास ?

भारत में जब ब्रिटिश सरकार का शासन था तब उस समय 1923 में फरेहम के लॉर्ड ली की अध्यक्षता में एक रॉयल सिवल सेवा रॉयल कमीशन की स्थापना की गई। आयोग ने ब्रिटिश सरकार के सामने 1924 में एक रिपोर्ट जारी की जिसमें यह प्रस्ताव रखा गया की सिविल सेवा में 40% ब्रिटिश, 40% भारतीय और 20% वह लोग जो भारत की प्रांतीय सेवाओं में कार्यरत हैं उनको पदोन्नत कर सिवल सेवा में भर्ती किया जाए।

ब्रिटिश सरकार ने रिपोर्ट के प्रस्ताव को मानते हुए 1 अक्टूबर 1926 में यूपीएससी की स्थापना की जिसे आज हम संघ लोक सेवा आयोग के रूप में जानते हैं। वर्तमान में यूपीएससी का मुख्यालय दिल्ली में है। यूपीएससी के हेड Commission executive होते हैं। इस समय यूपीएससी के हेड “Prof. (Dr.) Pradeep Kumar Joshi जी” हैं। UPSC केंद्र सरकार के Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions के आधीन कार्य करती है।

UPSC के अंतर्गत आने वाली प्रशासनिक सेवाएँ :-

आपको बता दें की यूपीएससी देश भर की 24 सिविल सेवाओं के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन सिविल सेवा परीक्षा के द्वारा किया जाता है यहाँ हम आपको UPSC की इन सभी 24 सिविल सेवाओं की सूची दे रहे हैं –

क्रम संख्या सिविल सेवा पद का नाम
1भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
2भारतीय विदेश सेवा (IFS)
3भारतीय पुलिस सेवा (IPS)
4भारतीय राजस्व सेवा (कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज) ग्रुप ए (Indian Revenue Service)
5भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) ग्रुप ए
6भारतीय डाक सेवा, ग्रुप ए (Indian Postal Service)
7भारतीय सूचना सेवा (जूनियर ग्रेड), ग्रुप ए
8इंडियन पी एंड टी अकाउंट्स एंड फाइनांस सर्विस, ग्रुप ए
9इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस, ग्रुप ए
10इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस, ग्रुप ए
11इंडियन ट्रेड सर्विस, ग्रुप ए (ग्रेड-3)
12इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विस, ग्रुप ए
13दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली पुलिस सेवा, ग्रुप बी
14पुडुचेरी प्रशासनिक सेवा, ग्रुप बी
15पुडुचेरी पुलिस सेवा, ग्रुप बी
16दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली सिविल सेवा (प्रशासनिक), ग्रुप बी
17इंडियन डिफेंस एस्टेट सर्विस, ग्रुप ए
18रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर का पद
19इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस, ग्रुप ए
20इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस, ग्रुप ए
21इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस, ग्रुप ए
22इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज सर्विस, ग्रुप ए
23इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस, ग्रुप ए
24आर्म्ड फोर्सेस हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस, ग्रुप बी (सेक्शन ऑफिसर्स ग्रेड)

यूपीएससी Civil Services Examination :-

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा जिसे Civil Services Examination भी कहा जाता है देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए देश भर से औसतन 9,00,000 से 10,00,000 उम्मीदवार अभ्यर्थी हर साल आवेदन करते हैं। जिसमें से प्रारंभिक परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगभग 5,50,000 होती है। यूपीएससी की सिविल सेवा की परीक्षा की चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूर्ण की जाती है।

  • चरण 1 (प्रारंभिक परीक्षा):- Preliminary Examination (प्रारंभिक परीक्षा) हर साल जून में आयोजित की जाती है। तथा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम अगस्त में घोषित किए जाते हैं।
  • चरण 2 ( मैंस परीक्षा ) :-
    • मैंस परीक्षा हर साल अक्टूबर में आयोजित की जाती है। परिणाम जनवरी में घोषित किए जाते हैं।
    • Personality Test (साक्षात्कार) – उपरोक्त दोनों परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है जो की मार्च में आयोजित किए जाते हैं । जिसके बाद सफल अभ्यर्थियों अंतिम परिणाम की सूची साल के मई महीने में घोषित की जाती है ।

अंत में चयनित उम्मीदवारों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सितंबर माह से शुरू हो जाता है । प्रशिक्षण की अवधि 2 वर्ष की होती है जिसको पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को पदों के लिए नियुक्त कर लिया जाता है ।

सिविल सेवा परीक्षा के लिए योग्यता :-

यदि आप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं आपके पास निम्नलिखित योग्यतायें होनी चाहिए –

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय विदेश सेवा के लिए उम्मीदवारों का भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
  • यूपीएससी की अन्य सेवाओं के आवेदन लिए, उम्मीदवार के पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए –
    • उम्मीदवार भारत का नागरिक हो ।
    • यदि उम्मीदवार नेपाल , भूटान का नागरिक है तो वो भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
    • यदि उम्मीदवार 1 जनवरी 1962 से पहले आकर एक तिब्बती शरणार्थी के रूप में देश में रह रहा हो।
    • जो उम्मीदवार पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका, केन्या, युगांडा, तंजानिया, जाम्बिया, मलावी, ज़ैरे, इथियोपिया या वियतनाम से पलायन कर भारत आया हो और शरणार्थी के रूप में देश में रह रहा हो तो वह भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

UPSC हेतु शैक्षणिक योग्यता:-

सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों के पास निम्न शैक्षणिक योग्यताओं में से कोई एक होनी चाहिए –

  • देश के किसी केंद्रीय, राज्य या एक डीम्ड विश्वविद्यालय से प्राप्त किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री
  • डिस्टन्स के माध्यम से पत्राचार या दूरस्थ शिक्षा के द्वारा प्राप्त डिग्री
  • देश के किसी एक मुक्त विश्वविद्यालय से प्राप्त किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री
  • उपरोक्त में से किसी एक के समकक्ष भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त योग्यता होनी चाहिए
  1. उम्मीदवार जिन्होंने एमबीबीएस डिग्री की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन अभी तक इंटर्नशिप पूरी नहीं की है परीक्षा देने के लिए पात्र हैं।
  2. जिन उम्मीदवारों ने ICAI, ICSI और ICWAI की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण की है परीक्षा में बैठने के लिए पात्र हैं।
  3. यदि उम्मीदवार ने किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त की है तो भी वह परीक्षा में बैठने के लिए पात्र हैं।
  4. भारतीय विश्वविद्यालयों के संघ के द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विदेशी विश्वविद्यालय से प्राप्त डिग्री पाने वाला उम्मीदवार परीक्षा में बैठने के लिए योग्य हैं।

UPSC के लिए आयु सीमा :-

  • सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष के बीच है।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आयु सीमा 35 वर्ष है।
  • अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आयु सीमा 37 वर्ष है।
  • रक्षा सेवा कर्मियों के लिए आयु सीमा 40 वर्ष है।
  • पीडब्ल्यूडी (दिव्यांग ) उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 37 वर्ष है।
  • ईसीओ / एसएससीओ के तहत जिन्होंने पांच साल की सैन्य सेवा की अवधि पूरी कर ली है उनके लिए आयु सीमा 32 वर्ष है
  • 1 जनवरी 1980 से 31 दिसंबर 1989 तक जम्मू और कश्मीर के स्थायी निवासियों के लिए आयु सीमा 32 वर्ष है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा सामान्य अभ्यर्थियों वाली लागू होगी।

Number of attempts :

  • सामान्य वर्ग के उम्मींदवार के लिए परीक्षा में बैठने के मौके – 6 बार
  • OBC वर्ग के उम्मींदवार के लिए परीक्षा में बैठने के मौके – 9 बार
  • SC/ST वर्ग के उम्मींदवार के लिए परीक्षा में बैठने के मौके – उम्मींदवार के 37 वर्ष की आयु तक

Civil Services Examination पैटर्न :-

सिविल सेवा मुख्य लिखित परीक्षा में नौ पेपर होते हैं । प्रत्येक पेपर 3 घंटे की अवधि का होता है। पेपर्स के बारे में हमने विस्तार से नीचे बताया है –

क्रम संख्या पेपर विषय पूर्णांक
1पेपर Aभारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषा प्रश्न पत्र 300
2पेपर Bअंग्रेजी (Qualifying)300
3पेपर 1निबंध 250
4पेपर 2 सामान्य अध्ययन 1 (भारत की विरासत और संस्कृति , विश्व का सामाजिक इतिहास और भूगोल )250
5पेपर 3 सामान्य अध्ययन 2 (भारतीय संविधान , राजनीति , न्यायपालिका )250
6पेपर 4 सामान्य अध्ययन 3 (आर्थिक अर्थव्यवस्था , तकनीकी , पर्यावरण संबंधी )250
7पेपर 5सामान्य अध्ययन 4 ( नैतिकता , अखंडता और ऐप्टिटयूड )250
8पेपर 6 और 7 वैकल्पिक विषय 500
लिखित परीक्षा के कुल अंक 1750
इंटरव्यू 275
कुल अंक 2025

UPSC सिविल सेवा परीक्षा की भाषाओं की सूची :-

भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 23 भाषाओं को अपनी परीक्षा प्रणाली में शामिल किया है जो इस प्रकार से है –

  1. आसामी
  2. बंगाली
  3. बोड़ो
  4. डोगरी
  5. इंग्लिश
  6. गुजराती
  7. हिन्दी
  8. कन्नड़
  9. कश्मीरी
  10. कोंकणी
  11. मैथिली
  12. मलयालम
  13. मणिपुरी
  14. मराठी
  15. नेपाली
  16. ओड़िया
  17. पंजाबी
  18. संस्कृत
  19. संथाली
  20. सिन्धी
  21. तमिल
  22. तेलेगु
  23. उर्दू

UPSC सिविल सेवा परीक्षा हेतु वैकल्पिक विषयों की सूची : –

पेपर 6 और 7 के लिए उपलब्ध वैकल्पिक विषयों की सूची इस प्रकार से है –

  • Agriculture (कृषि विज्ञान )
  • Animal Husbandry and Veterinary Science (पशुपालन विभाग)
  • Anthropology (मानव शास्त्र)
  • Botany (वनस्पति विज्ञान)
  • Chemistry (रसायन विज्ञान)
  • Civil Engineering (सिविल अभियांत्रिकी)
  • Commerce and Accountancy
  • Economics (अर्थशास्त्र )
  • Electrical Engineering (इलेट्रिकल अभियांत्रिकी)
  • Geography (भूगर्भ विज्ञान)
  • Geology (भूगोल)
  • History (इतिहास)
  • Law (न्याय व्ययस्था)
  • Literature (साहित्यकी)
  • Management (मैनेजमेंट)
  • Mathematics (गणित)
  • Mechanical Engineering (मैकेनिकल अभियांत्रिकी)
  • Philosophy (दर्शनशास्त्र)
  • Political Science (राजनीति शास्त्र)
  • Public Administration (लोक प्रशासन शास्त्र)
  • Sociology (समाज शास्त्र)
  • Statistics (सांख्यिकी)
  • Zoology (जन्तु विज्ञान )

यूपीएससी के संपर्क हेतु कान्टैक्ट :-

क्रम संख्या संपर्क संबंधित जानकारी
1कार्यालय का पता : UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION
Dholpur House,
Shahjahan Road, New Delhi – 110069
2ऑफिसियल वेबसाईट: upsc.gov.in
3हेल्पलाइन नंबर्स : 011-23098543 / 23385271 / 23381125 / 23098591
4ऑफिसियल ईमेल आईडी :feedback-upsc@gov.in

आशा करते हैं की हमारे इस आर्टिकल ने आपके यूपीएससी के सभी सवालों का जवाब दे दिया होगा फिर भी कोई डाउट रह गया हो तो आप कमेन्ट बॉक्स में मैसेज कर सकते हैं। आर्टिकल पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत – बहुत धन्यवाद

UPSC Full Form in Hindi सम्बंधित प्रश्नोत्तर (FAQ)

UPSC का फुल-फॉर्म क्या होता है ?

UPSC का फुल-फॉर्म “Union Public Service Commission होता है . हिंदी में इसे संघ लोक सेवा आयोग कहा जाता है। UPSC द्वारा ही सिविल सर्विस परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है जिसके आधार पर कैंडिडेट का आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और आईएफएस जैसी अखिल भारतीय परीक्षाओं के लिये सेलेक्ट किये जाते है।

UPSC का क्या कार्य है ?

UPSC (Union Public Service Commission) द्वारा केंद्र सरकार की प्रथम श्रेणी की सेवाओं के लिये परीक्षाओ का आयोजन किया जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिये परीक्षा आयोजित करने का दायित्व संघ लोक सेवा आयोग को सौंपा गया है।

UPSC में परीक्षा का पैटर्न क्या होता है ?

UPSC में भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिये लिये कैंडिडेट को तीन चरणों को पार करना पड़ता है – प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू, तीनो चरणों को पार करने वाले कैंडिडेट को ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिये चयनित किया जाता है।

क्या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद UPSC का फॉर्म भर सकते है ?

नहीं। भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिये कैंडिडेट का ग्रेजुएशन पूरा होना आवश्यक है। ग्रेजुएट कैंडिडेट ही UPSC द्वारा आयोजित किये जाने वाले एग्जाम में शामिल हो सकते है।

यह भी पढ़े :-

Leave a Comment