UP Bijli Sakhi Yojana: महिलायें घर बैठे कमा रहे हैं 8 से 10 हजार रुपये हर महीने, जाने कैसे

उत्तर-प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएँ शुरू की गयी है। महिलाओ को रोजगार देने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है ऐसे में सरकार का ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओ के विकास पर खासा ध्यान है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओ को रोजगार प्रदान करने के लिए यूपी बिजली सखी योजना (UP Bijli Sakhi Yojana) शुरू की गयी है जिसके तहत महिलाओ को रोजगार के साथ आमदनी के भी अच्छे-खासे अवसर मिल रहे है। इस योजना से जुड़कर महिलाएँ हर महीने 8 से 10 हजार रुपए कमा रही है।

UP Bijli Sakhi Yojana, सशक्त महिलायें सशक्त प्रदेश

उत्तर-प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओ को रोजगार देने के उद्देश्य से यूपी बिजली सखी योजना (UP Bijli Sakhi Yojana) शुरू की गयी है। इसके तहत प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए उन्हें बिजली बिल संग्रह और मीटर रीडिंग जैसे कार्यो में शामिल किया गया है जिसके माध्यम से ग्रामीण महिलाये ना सिर्फ आत्मनिर्भर बनकर रोजगार पा रही है बल्कि अपने परिवार की भी सहारा दे रही है। इस योजना से महिलाओ के जीवन में नयी रौशनी आयी है जिससे की वे आजीविका के गुर सिख रही है।

यूपी बिजली सखी योजना (UP Bijli Sakhi Yojana) के लिए मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को निर्देश दिया गए थे जिसके बाद यूपीपीसीएल द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ एक एमओयू साइन किया गया है जिसके तहत मीटर रीडिंग और बिजली बिल संग्रहण जैसे कार्यो में महिलाओ को रोजगार दिया जा रहा है। अब तक इसके लिए सरकार द्वारा प्रदेश की कुल 15310 महिला स्वयं सहायता समूह से सम्बंधित सदस्यों का चयन किया गया है।

75 जिलों में संचालित है योजना

आपको बता दे की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान समय में प्रदेश के 75 जिलों में यूपी बिजली सखी योजना के तहत 73 क्लस्टर स्तरीय संघों को प्रदेश के पावर कारपोरेशन लिमिटेड के पोर्टल पर पंजीकरण को मंजूरी दी जा चुकी है। अब तक इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 15310 महिला स्वयं सहायता समूह से सम्बंधित सदस्यों का चयन किया जा चुका है। इन महिला सदस्यों द्वारा बिजली सखी के रूप में कार्य करते हुए रिकॉर्ड 62.50 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का संग्रहण किया गया है जिसकी सहायता से ये अब तक 90.74 लाख रुपए का कमीशन भी कमा चुकी है। साथ ही इन्हे हर महीने 8 से 10 हजार तक की कमाई भी हो रही है।

महिलाओ को मिली नयी रौशनी

पिछले डेढ़ साल से हिना महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी मुँह की बीमारी से पीड़ित महोबा की यासमीन बानो बताती है की बिजली सखी के रूप से काम करने से पहले परिवार की आर्थिक खर्चे उठाने के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बिजली सखी बनने के बाद वे हर महीने ना सिर्फ 8 से 10 हजार कमाकर परिवार का खर्च चला रही है बल्कि उन्होंने अपना इलाज भी करवाया है। साथ ही बिजली सखी से जुड़ी सैकड़ो महिलाओ को भी इस तरह से सबल मिला है।

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