राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023 | National Voters Day (Rashtriya Matdata Diwas)

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है। लोकतंत्र की मूल शक्ति नागरिकों में निहित है ऐसे में नागरिकों का मतदान के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। चुनावी प्रक्रिया को लोकतंत्र का त्यौहार कहा जाता है और देश के मतदाताओं की इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश के मतदाताओं के द्वारा ही चुनाव के माध्यम से सरकारों का गठन किया जाता है ऐसे में देश के मतदाता ही लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ होते है। भारत में लोकतंत्र में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें अपने मत के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जाता है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले है की राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) कब और क्यों मनाया जाता है? साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से आपको Rashtriya Matdata Diwas 2023 से सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओ के बारे में भी जानकारी प्रदान की जाएगी।

राष्ट्रीय बालिका दिवस कब, क्यों, कैसे मनाया जाता है?

National Voters Day
National Voters Day

राष्ट्रीय मतदाता दिवस

900 मिलियन से भी अधिक मतदाताओं के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश में सरकारों का चयन मतदाताओं के द्वारा डाले गए वोट से तय होता है ऐसे में लोकतंत्र में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। आम आदमी के द्वारा ही देश की सरकारों का चयन किया जाता है ऐसे में लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का मत अमूल्य होता है। मतदाता दिवस के माध्यम से नागरिको को उनके मत के महत्व एवं लोकतंत्र में भूमिका के प्रति जागरूक किया जाता है। जीवंत लोकतंत्र के लिए देश के मतदाताओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। Rashtriya Matdata Diwas के अवसर पर मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए मतदान के प्रति जागरूक किया जाता है। वर्ष 2023 में Rashtriya Matdata Diwas 2023 को बुधवार, 25 जनवरी 2023 को मनाया जायेगा।

मतदाता दिवस 25 जनवरी को ही क्यों?

मतदाता दिवस को प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। ऐसे में मतदाता दिवस के लिए इस तिथि का ही चयन क्यों किया गया ? यह जानना भी आवश्यक है। दरअसल वर्ष 1950 में 25 जनवरी के दिन ही भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) की स्थापना की गयी थी। भारतीय निर्वाचन आयोग देश में चुनाव प्रक्रिया को सम्पन करवाने के लिए जिम्मेदार संवैधानिक संस्था है ऐसे में इस दिवस को ही भारतीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश में प्रथम राष्ट्रीय मतदाता दिवस वर्ष 2011 में मनाया गया था।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य

देश में मतदाताओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया जाता है। लोकतंत्र में एक-एक वोट की अहमियत होती है एवं एक-एक वोट से ही देश की सरकार चुनी जाती है। ऐसे में देश के नागरिको को उनके मत का महत्व बताने एवं लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए मतदान हेतु जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस (Rashtriya Matdata Diwas) का आयोजन किया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के माध्यम से देश के नागरिको को लोकतंत्र में उनके मत के मूल्य के महत्व से अवगत कराया जाता है एवं उन्हें मतदान हेतु प्रेरित किया जाता है। वास्तव में लोकतांत्रिक व्यवस्था में जागरूक नागरिक ही सही प्रत्याशी का चयन करके देश के विकास में अपना योगदान दे सकते है।

कैसे मनाया जाता है National Voters Day

राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) के अवसर पर नागरिकों को उनके मत के महत्व एवं लोकतंत्र में भागीदारी के लिए जागरूक करने के लिए विभिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बैनर, पोस्टर, वॉल पेंटिंग, ग्रैफिटी एवं अन्य माध्यमों से नागरिको को मतदान के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता जागरूकता हेतु विभिन कार्यक्रम संचालित किए जाते है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 18 साल की आयु प्राप्त नए वोटर्स को मतदाता पहचान पत्र जारी करके चुनावो में मतदान हेतु प्रेरित किया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व

देश में आम नागरिक के एक-एक वोट से ही सरकारों का गठन किया जाता है। ऐसे में नागरिको को अपने एक अमूल्य मत का महत्व समझना आवश्यक है। मतदाताओं के एक वोट से सही प्रत्याशी एवं गलत प्रत्याशी का चुनाव किया जाता है ऐसे में सभी नागरिको को अपने मत का प्रयोग अत्यधिक सोच समझकर करना चाहिए। चुनावों के दौरान चुनावी प्रलोभनों से बचकर सभी नागरिको को देश एवं समाज के हित में सोचना चाहिए एवं साम्प्रदायिकता, जातिवाद, सामाजिक वैमनस्य एवं आपराधिक प्रवृति वाले कैंडिडेट की जगह शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज के कल्याण के हित में सोचने वाले प्रत्याशी को वोट करना चाहिए। तभी वास्तव में हम लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी की भूमिका निभा सकते है।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस सम्बंधित अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Rashtriya Matdata Diwas क्यों मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन मतदाताओं के मध्य जागरूकता फैलाने एवं उन्हें मत के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए किया जाता है।

Rashtriya Matdata Diwas कब मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रतिवर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन 25 जनवरी को ही क्यों किया जाता है ?

25 जनवरी 1950 को ही देश में चुनावो को सम्पन करवाने वाली संस्था भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) का गठन हुआ था। ऐसे में इस अवसर को मतदाता जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रथम राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया गया था ?

प्रथम Rashtriya Matdata Diwas का आयोजन 25 जनवरी 2011 को किया गया था। इस दिवस की शुरुआत भारतीय निर्वाचन आयोग के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर की गयी थी।

भारतीय निर्वाचन आयोग का गठन कब किया गया था ?

Election Commission Of India का गठन 25 जनवरी 1950 को किया गया था। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के गठन के उपलक्ष में ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।

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