MOU क्या होता है? MOU का फुल फॉर्म क्या होता है? MOU Full Form In Hindi

तो दोस्तों जैसा की आप सभी यह तो जानते ही है की आये दिन देश में कही न कही चुनाव होते ही रहते है। चुनाव के समय कोई भी पार्टी अपनी विरोधी पार्टयों का विरोध करती है। बहुत से नेता जो की अलग अलग पार्टी में होते है वह एक दसूरे के ऊपर कीचड चालते रहते है और कई बार तो नेता एक दूसरे की पोल पट्टी भी खोल देते है और यह बता देते है की किस नेता ने क्या क्या कारनामे किये है। परन्तु एक समय ऐसा भी आता है जब दो या दो से अधिक पार्टी को आपस में विरोध करना बंद करने की सोचते है ऐसे में वह पार्टिया आपस में मेल मिलाप कर लेते है और इन मेल मिलाप करने के लिए MOU का प्रयोग किया जाता है। तो दोस्तों अब आप सभी यह सोचे रहे होंगे की यह MOU क्या होता है।

MOU क्या होता है? MOU का फुल फॉर्म क्या होता है? MOU Full Form In Hindi
MOU Full Form In Hindi

तो दोस्तों अगर आप भी यह नहीं जानते हैकि MOU क्या होता है तो आप में से किसी को भी चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज हम आप सभी को इस लेख के माध्यम से आप सभी को MOU की फुल फॉर्म और MOU क्या होता है और इससे सम्बंधित अन्य जानकारी के बारे में बताने वाले है। तो दोस्तों अगर आप भी इस प्रकार की जानकारी जानने के लिए इच्छुक है तो आप भी यह जानकारी प्राप्त कर सकते है उसके लिए आप सभी को हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा तब ही आप इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हो तो कृपया कर इस लेख को सम्पूर्ण रूप से पढ़े।

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MOU का फुल फॉर्म क्या होता है | What is the full form of MOU

  • The full form of MOU in english – Memorandum of Understanding
  • MOU का फुल फॉर्म हिंदी में – मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग

MOU क्या होता है | What is MOU

तो दोस्तों जैसा की हमने आप सभी को यह बताया है की MOU की फुल फॉर्म Memorandum of Understanding होती है जिसको मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग कहते इसको मतलब हिंदी में समझौता ज्ञापन होता है। इसका अर्थ है यह होता है की जब किसी भी दो या फिर दो से अधिक अधिक पक्षों के बीच में विवाद होता है और फिर उन दो या फिर दो से अधिक पक्षों के बीच में लिखित रूप में समझौता करवाया जाता है उसी को Memorandum of Understanding कहा जाता है। जिसको हिंदी में समझौता ज्ञापन भी कहा जाता है। यह एक वेध दस्तावेज होता है जिसपर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर करवाएं जाते है।

इस समझौता ज्ञापन में उन दोनों पक्षों के साथ में कार्य करने के लिए लिखा होता है जिसपर वह हस्ताक्षर भी करते है। आप सभी को यह भी बता दे की इसकी एक सीमा भी होती है और उसी सीमा तक यह चीज लागू हो सकती है और अगर कोई चाहे तो इसको कम सीमा के लिए भी बनवा सकते है। यह केवल एक देश में ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी लागू हो सकता है। आपको यह भी बता दे की इसको अमेरिका में भी प्रयोग किया जाता है परन्तु वहां पर इसको कुछ और नाम से जाना जाता है वो नाम letter of intent (LOI)) है।

एमओयू की विशेषताएं

तो दोस्तों अब हम आप सभी को यहाँ पर एमओयू की कुछ विशेषताओं के बारे में बताने वाले है तो अगर आप भी यह जानकारी प्राप्त करना चाहते हो तो उसके लिए आपको यहाँ दी गयी जानकारी को ध्यान से पढ़ना होगा।

  1. इसमें दलों के नाम के साथ साथ अन्य विवरण को भी उल्लेखित किया जाता है जिसपर हस्ताक्षर किये जा रहे है।
  2. इसमें यह भी लिखना चाहिए की व्यक्ति को सभी प्रकार के निर्णय लेने का अधिकार है चाहे वो वित्तीय अधिकार हो या फिर कोई अन्य।
  3. इसमें सभी चीजें लिखी होनी चाहिए की इसपर हस्ताक्षर करे के क्या या उद्देश्य है और इसपर हस्ताक्षर क्यों किये जा रहे है।
  4. इसमें यह भी उल्लेखित होना चाहिए की इसमें दी गयी राशि का भुगतान पार्टियों के द्वारा किया जाएगा।

MOU से सम्बंधित कुछ आवश्यक प्रश्न व उनके उत्तर

MOU का फुल फॉर्म क्या होता है

The full form of MOU in english – Memorandum of Understanding
MOU का फुल फॉर्म हिंदी में – मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग

MOU क्या होता है

इसका अर्थ है यह होता है की जब किसी भी दो या फिर दो से अधिक अधिक पक्षों के बीच में विवाद होता है और फिर उन दो या फिर दो से अधिक पक्षों के बीच में लिखित रूप में समझौता करवाया जाता है उसी को Memorandum of Understanding कहा जाता है।

MOU को हिंदी में क्या कहा जाता है ?

MOU को हिंदी में समझौता ज्ञापन के नाम से जाना जाता है।

अमेरिका में इसको किस नाम से जाना जाता है ?

अमेरिका में MOU को letter of intent (LOI) के नाम से जाना जाता है।

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