भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा? आइए हिंदुस्तान के 7 नामों इतिहास को जानते हैं 

प्राचीन काल से ही भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध रहा है। भारत के इतिहास में विभिन कालखंड में अनेक समुदायों ने इस भूखंड पर अपना वर्चस्व स्थापित किया है ऐसे में इस देश को विभिन कालखंड में विभिन नामो से जाना जाता रहा है। प्राचीन काल में जम्बूद्वीप से लेकर आर्यावर्त एवं भारत से लेकर हिन्दुस्तान कहलाने तक इस देश का इतिहास अत्यंत रोचक एवं आश्चर्यो से भरा है। भारत की सांस्कृतिक विरासत की भाँति इस देश के नामकरण के पीछे भी समृद्ध इतिहास छिपा है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले है की भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा? साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको हिंदुस्तान के 7 नामों इतिहास (7 names of India and their history) के बारे में भी सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले है।

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7 names of India and their history
भारतवर्ष के सात नाम

भारत के सात नाम

प्राचीन काल से ही भारत को विभिन नामों से जाना जाता रहा है। भारतवर्ष के इतिहास में विभिन कालखंड में इस देश को विभिन नामों से सम्बोधित किया जाता रहा है। यहाँ आपको भारत के 7 नामों की लिस्ट दी गयी है :-

  • भारत या भारतवर्ष
  • इंडिया
  • जम्बूद्वीप
  • हिन्द
  • आर्याव्रत
  • भारतखण्ड
  • हिंदुस्तान

हिंदुस्तान के 7 नामों का इतिहास

प्राचीन काल से ही भारत को विभिन नामों से जाना जाता रहा है। इस देश के नामकरण का इतिहास देश की इतिहास भी भाँति ही समृद्ध है। यहाँ आपको भारत के विभिन नाम एवं नामकरण के इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है :-

जम्बूद्वीप (Jambu Dwipa)

भारत के सबसे प्राचीन नाम की बात की जाए तो प्राचीन काल में भारत को जम्बूद्वीप के नाम से जाना जाता था। जम्बूद्वीप शब्द दो शब्दो जम्बू एवं द्वीप से मिलकर बना है जिसका अर्थ “जामुन के वृक्षों का द्वीप”। प्राचीन भारतीय अपने देश को जम्बूदीप के नाम से सम्बोधित करने थे। जामुन वृक्षों की अधिकता के कारण संभवता इस देश का नामकरण जम्बूद्वीप होना प्रतीत होता है। हालांकि वर्तमान में भी दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों में भारत के लिए जम्बूद्वीप शब्द का प्रयोग किया जाता है जो की सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप के लिए उच्चारित होता है।

आर्यावर्त (Aryavarta)

प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक एवं ऋग्वेदिक ग्रंथो में भारतवर्ष के लिए आर्यावर्त शब्द का उपयोग किया गया है। प्राचीन काल में भारतवर्ष के उत्तरी भाग में आर्यों का निवास था जिनके कारण देश का नाम आर्यावर्त पड़ा। आर्यों के द्वारा ऋग्वैदिक संस्कृति को संचालित किया गया था जो की भारत की प्राचीन ग्रामीण सभ्यता थी। हालांकि यह याद रखना आवश्यक है की आर्य किसी जाति विशेष का वाचक ना होकर भाषा समूह की ओर इंगित करता था।

भारत-खण्ड (Bharat Khand)

प्राचीन काल में भारत को जम्बूद्वीप के नाम से जाना जाता था। प्राचीन भारतीय संस्कृत ग्रंथो एवं पुराणों के अनुसार जम्बूद्वीप में कुल 9 खंड (भूभाग) थे जिनमे से एक का नाम भारत-खण्ड था। इसी आधार पर भारत को भारत-खण्ड के नाम से भी जाना जाता रहा है।

भारत या भारतवर्ष (Bharata or Bharatvarsh)

वर्तमान में हमारे देश का सबसे प्रचलित नाम भारत है जिसका नामकरण भरत के नाम पर हुआ माना जाता है। भारत नाम को महान चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम से उद्भव माना जाता है जो की दुष्यंत एवं शकुंतला के पुत्र थे। प्राचीन काल में उत्तर भारत में रहने वाले एक कबीले भरत के नाम से भी भारत नाम का उद्भव माना जाता है। अनेक पुराणों के अनुसार भारत नाम का नामकरण ऋषभदेश के पुत्र भरत के नाम पर हुआ है। भारत को भारतवर्ष के नाम से भी जाना जाता है जिसके अर्थ है “भरत का देश” .

हिंदुस्तान (Hindustan)

मध्य सल्तनकाल एवं मुग़ल काल में सम्पूर्ण भारतवर्ष को हिंदुस्तान के नाम से जाना गया है। हिन्दू शब्द की उत्पति सिंधु शब्द से मानी जाती है। प्राचीन काल से ही विभिन विदेशी आक्रांताओ एवं व्यापारियों द्वारा भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग से भारत में प्रवेश किया गया है। वहाँ उन्होंने जिस नदी के दर्शन किए उसे सिंधु नदी के नाम से जाना गया है। प्राचीन ईरानवासियों द्वारा सिंधु का उच्चारण हिंदु किया गया एवं सिंधु (ईरान वासियों के अनुसार हिंदु) नदी के देशवासियों को हिन्दू तथा इस देश को हिन्दुस्तान कहा गया। मध्य काल से ही भारतवर्ष के लिए हिंदुस्तान (हिंदुओ का स्थान) नाम प्रचलित हो गया।

हिन्द (Hind)

अरब भाषा में भारत के लिए हिन्द शब्द का प्रयोग किया जाता है जिसके नामकरण हिन्दू नाम से हुआ है। प्राचीन ईरानवासी भारत को हिन्दू कहते थे जिसे की अरबी भाषा में हिन्द कहा गया। यही कारण है की भारतवर्ष को हिन्द नाम से भी जाना जाता है।

इंडिया (India)

भारत की सबसे प्राचीन सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता को अंग्रेजी में इंडस वैली सिविलाइज़ेशन (Indus Valley Civilization) के नाम से जाना जाता रहा है। लैटिन भाषा में इंडस वैली सिविलाइज़ेशन के नाम पर भारत का नाम इन्दे (Inde) पड़ा जिसे की अंग्रेजी भाषा में इंडिया (India) के नाम से जाना गया। इसके पश्चात अंग्रेजो के द्वारा भारत को इंडिया (India) के नाम से पुकारा जाने लगा।

भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा?

ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में भारत को हिंदुस्तान के नाम से जाना जाता था। उच्चारण में कठिनाई के कारण अंग्रेजो के द्वारा भारत के लिए लैटिन भाषा में प्रयुक्त शब्द इन्दे (Inde) के नाम पर इंडिया नाम से पुकारा जाने लगा जो की इंडस वैली सिविलाइज़ेशन (Indus Valley Civilization) से उत्पन हुआ है।

संविधान में भारत के लिए प्रयुक्त शब्द

भारत के संविधान में भारत के लिए इंडिया एवं भारत दोनों शब्दो का प्रयोग किया गया है। भारत के संविधान के आर्टिकल प्रथम में भारत को इंडिया दैट इस भारत (India, that is Bharat) के नाम से वर्णित किया गया है।

हिंदुस्तान के 7 नामों का इतिहास सम्बंधित प्रश्नोत्तर (FAQ)

भारत को प्राचीन काल में किस नाम से जाना जाता था ?

भारत को प्राचीन काल में जम्बूद्वीप, भारतखण्ड एवं आर्यावर्त के नाम से जाना जाता था।

भारत का नामकरण किस प्रकार हुआ ?

भारत का नामकरण भारत के महान चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम पर हुआ जो की राजा दुष्यंत एवं शकुंतला के पुत्र थे। अनेक पुराण भारत नामकरण ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम से मानते है।

हिंदुस्तान के 7 नामों का इतिहास सम्बंधित जानकारी प्रदान करें ?

7 names of India and their history के बारे में जानकारी के लिए ऊपर दिया गया आर्टिकल देखें। यहाँ आपको इससे सम्बंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी है।

भारत का नाम हिंदुस्तान कैसे पड़ा ?

प्राचीन ईरानवासियों द्वारा सिंधु नदी को हिंदु के नाम से जाना जाता था जिसके कारण सिंधु नदी के नाम पर इस देश का नाम हिंदुस्तान पड़ा। विस्तृत जानकारी के लिए आप ऊपर दिया गया आर्टिकल चेक कर सकते है।

भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा?

ब्रिटिशर्स द्वारा इंडस वैली सिविलाइज़ेशन के नाम पर भारत को इंडिया पुकारा गया। लैटिन में इंडिया के लिए inde शब्द का प्रयोग किया जाता है।

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