Zycov-D: बिना सुई के covid वैक्सीन लगेगी 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को, जानें कैसे

Zycov-D Vaccine: यह तो सभी जानते ही है कि कोरोना महामारी ने पुरे देशों-विदेशों में हाहाकार मचा दिया। कई लोगों को कोरोना महामारी के कारण अपनी जान से हाथ धोना पढ़ा। लेकिन इस समस्या से निजात पाने के लिए सरकार ने कोरोना वैक्सीन को बनाने की शुरुवात की और यह वैक्सीन सफल भी रही। वैक्सीन लगवाना सभी बच्चे, जवान, बूढ़ो के लिए बहुत जरुरी है। अभी तक देश में 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को वैक्सीन लगायी जा चुकी है। इसके साथ ही अब 12 से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन जारी कर दी गयी है। जिसका नाम है ZyCov-D. अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला की यह वैक्सीन को ZyCov-D नाम दिया गया है।

आपको बता दें केंद्र सरकार द्वारा जायडस कैडिला की यह नीडल फ्री वैक्सीन (ZyCov-D) की 1 करोड़ डोज हर महीने खरीदने का फैसला लिया गया है। जिसमे तीन डोज बच्चों को दी जाएँगी। वैक्सीन की यह डोज हर 28 दिन के गैप में लगायी जाएगी। आपको बता दें इस डोज की कीमत 358 रूपये निर्धारित की गयी है जिसमे 93 रूपये का एक डिस्पोजेबल जेट भी शामिल किया गया है।

क्या है ZyCov-D वैक्सीन

आपको बता दें ZyCov-D एक डीएनए पर आधारित स्वदेशी वैक्सीन है। इस वैक्सीन को DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया) द्वारा स्वीकृति दी गयी है। कोविड सुरक्षा मिशन के अंडर सरकार ने डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी के साथ मिलकर वैक्सीन को बनाया है। यह वैक्सीन 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को बिना सुई के लगायी जाएगी। जायडस कैडिला की ZyCov-D की तीन डोज़ बच्चों को लगायी जाएगी। जिसमे पहली दोज के बाद दूसरी और तीसरी डोज़ बच्चों की इम्युनिटी और स्ट्रांग करने के लिए दी जाएगी। जो कि बिना सुई लगायी जाएगी इससे साइड इफ़ेक्ट होने के खतरे में नहीं होंगे।

ZyCov-D के ट्रायल में यह पता चला है कि यह वैक्सीन कोविड पॉजिटिव केसों में 66.6% तक असरदार साबित हुई है। यह भारत देश में वैक्सीन के ट्रायल में सबसे बड़ा ट्रायल था जो काफी हद तक बेहतरीन साबित हुई है।

ZyCov-D वैक्सीन: कैसे लगाई जाएगी वैक्सीन बच्चों को

यह कोरोना की पहली डीएनए वैक्सीन होगी जो बिना सुई का इस्तेमाल करें बच्चों पर लगायी जाएगी। बच्चों को यह वैक्सीन फार्माजेट टेक्नीक से लगायी जाएगी जो कि प्लग एंड प्ले की तरह काम करेगी। जिसमे बिना सुई वाले इंजेक्शन के अंदर वैक्सीन भरी जाएगी और उसे मशीन में लगाकर बाहँ (बाजू) पर लगाया जायेगा। यहाँ मशीन पर लगे बटन को दबाते ही टीके की दवा बच्चे से शरीर में पहुंच जाएगी। इससे बच्चों को साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होगा।

ये है ZyCov-D वैक्सीन से जुडी ख़ास बातें

  • ZyCov-D वैक्सीन देश की पहली वैक्सीन है जो डीएनए पर आधारित है।
  • वैक्सीन को 28 हजार वालंटियर्स पर क्लीनिकल ट्रायल किया गया।
  • ट्रायल के दौरान 12 से 18 साल के बच्चे मौजूद थे।
  • इसमें इंजेक्शन की जरूरत नहीं होगी यह एक तरह की इंट्रा-डर्मल वैक्सीन है।
  • वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर लम्बे समय तक रखा जाता है। जिसके बाद 25 डिग्री पर और अधिक 4 महीने स्टोर किया जाता है।
  • यदि कोरोना का नया वैरिएंट आता है तो इसे नए वैरिएंट के लिए भी अपडेट किया जा सकेगा।

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