14 सितम्बर को हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है?

तो दोस्तों आप सभी यह तो जानते ही होंगे की हमारे इस भारत देश में बहुत सी भाषाएँ बोली जाती है जैसे की – हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़, मराठी, पंजाबी आदि जैसी भाषाओ को मिलकर हमारे देश में करीब 22 प्रकार की भाषाए बोली जाती है। इन सभी भाषाओं को देश के अलग अलग भागो में अलग अलग भाषाओ का प्रयोग किया जाता है। लेकिन भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा केवल हिंदी को दिया गया है। हिंदी भारत देश की राष्ट्रभाषा है। हिंदी को 14 सितम्बर, 1949 को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया है। इसलिए हर वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी है जो यह नहीं जानते है की हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है। तो क्या आप भी उन्ही में से एक हैं। अगर हाँ तो आपको चिंता करने के कोई भी आवश्यकता नहीं है

14 सितम्बर को हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है?
हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है

क्योंकि आज हम आपको इस लेख के जरिये आप सभी को हिंदी दिवस के बारे में बताने वाले है की हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है और इसकी क्या विशेषताएं है। तो दोस्तों अगर आप भी इसके बारे में जानना चाहते है की हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है तो उसके लिए आपको हमारे इस लेख को अंत तक ध्यानपूव्रक व बिना स्किप किये पढ़ना होगा तब ही आप इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकोगे।

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हिंदी दिवस का इतिहास

आप सभी यह तो जानते ही है की भारत को अंग्रेजों से सन 1947 में आजादी मिली थी। उसके बाद देश के लोगो के मन में एक सवाल खड़ा हुआ की अब देश की राष्ट्रभाषा क्या होगी। क्योंकि हमारे इस देश में केवल हिंदी ही नहीं और भी ऐसी कई भाषा थी जो की बोली जाती है। इसलिए ही लोगो के मन में यह सवाल था की भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा किस भाषा को दिया जाएगा। फिर उसके बाद 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा के द्वारा भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा हिंदी को दिया गया और देवनागरी को लिपि के रूप में माना गया। ऐसा इसलिए भी किया गया क्योंकि भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी ही है।

आपको यह भी बता दे की सन 1918 में एक हिंदी साहित्य सम्मेलन के दौरान गाँधी जी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने को कहा था। इस भाषा को गाँधी जी ने जनमानस की भाषा कहा था। आपको यह भी बता दे की 14 सितम्बर के दिन मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंहा का 50वा जन्मदिन भी था। इसलिए इस दिन को हिंदी दिवस मानाने के लिए और भी श्रेष्ठ माना गया। आपको यह भी बता दे की भारत के संविधान के 17 के अनुच्छेद 343 (1) में हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा और देवनागरी को लिपि के रूप में माना गया है। 14 सितम्बर को हिंदी को राष्ट्रभाषा घोसित करने की घोसना भारत के प्रधान मंत्री श्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने की थी।

14 सितम्बर को Hindi diwas क्यों मनाया जाता है?

आप सभी यह तो जानते ही है की भारत में कुछ समय पहले अंग्रेजों का राज था। जिसकी वजह से भारत में अंग्रेजी भाषा का भी काफी अधिक उपयोग किया जाता था। इसी वजह से भारत में अंग्रेजी का काफी महत्त्व भी बढ़ चूका था। केवल यह ही नहीं बल्कि भारत के कई लोग भी अंग्रेजी भाषा को महत्त्व देने लगे थे। जिसका सीधा असर हमारी देश की मातृभाषा यानि के हिंदी पर पढ़ा। केवल तब ही नहीं बल्कि आज भी देश में कई लोग ऐसे भी है जो की हिंदी से ज्यादा अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्त्व देते है। यहाँ तक की लोग अपने बच्चों को हिंदी मध्यम स्कूल में भेजने के बजाये अपने बच्चो को अंग्रेजी मध्यम स्कूल में भेजते है।

इसलिए इसी चीज को बदलने के लिए भारत में हर वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि भारत के लोग भी हिंदी भाषा का महत्त्व समझ सके और हिंदी भाषा को भी अधिक महत्त्व दे और ताकि हिंदी भाषा का विकास भी हो सकें। इस दिवस की वजह से लोग हिंदी भाषा का महत्व समझेंगे और हिंदी भाषा को बाकी भाषाओँ से अधिक महत्त्व व सम्मान दे सकेंगे।

आप सभी जानते होंगे की भारत में सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी ही है। माना यह भी जाता है की भारत में करीब 77% फीसदी लोग हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते है। भारत के लोगो को हिंदी भाषा का महत्त्व बताने के लिए ही हिंदी दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने ही हिंदी दिवस मानाने के लिए अनुरोध किया था ताकि लोगो की हमारी राष्ट्रभाषा यानि के हिंदी का महत्त्व पता चल सकें। फिर उसके बाद 14 सितम्बर को हर वर्ष हिंदी दिवस मानाने के लिए मंजूरी दी गयी और इसको भारत के संविधान में भी जगह दी गयी। भारत के संविधान के मुताबिक 17 के अनुच्छेद 343 (1) में हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा और देवनागरी को लिपि के रूप में माना गया है।

हिंदी भाषा की शुरुआत

अब हम आपको यहाँ पर आप सभी को यह बताने वाले है की हिंदी भाषा की शुरुआत कब और कैसे हुई थी तो अगर आप भी यह जानना चाहते है तो कृपया कर इसको ध्यान से पढ़े व समझे ताकि आप भी इस जानकारी को प्राप्त कर सकें

हिंदी भाषा की शुरुआत 1000 ईस्वी से हुई थी। उस समय हिंदी भाषा की शुरुआत जरने के लिए प्रयास किये जा रहे थे। लोग एक दूसरे से हिंदी भाषा में बोलने के प्रयास कर रहे थे और वह सभी प्रयास चलते रहे हो उन प्रयासों के बाद 1500 ईस्वी में धीरे धीरे हिंदी भाषा का विकास होने लगा। उस समय तक काफी लोग हिंदी भाषा को काफी हद तक पढ़ने बोलने व समझने लगे थे। सं 1460 में कई कवियो ने हिंदी भाषा में कई रचनाये लिखी यह सभी बहुत से रचनाकारों के द्वारा लिखे गए जैसे की – कबीर, गोरखनाथ, नरपति विद्यापति आदि। सन 1500 स्वी के बाद देश में मुघलो का राज होने लगा था।

उसके बाद जब भारत में मुग़लों का राज हुआ उस समय मुग़ल भी अपनी भाषा का प्रयोग करते थे जैसे की – फ़ारसी, उर्दू आदि। इसलिए काफी लोगो ने फिर से हिंदी को कम महत्त्व दिया उनकी भाषा का पप्रयोग करने लगे थे। लेकिन उसके बाद जब भारत से सभी मुग़लों का राज खत्म हो चूका था। तब उस समय भारत देश के काफी महान कवियों जैसे की – तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई इन सभी ने बहुत से भगवान जैसे की – भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री ब्रज के काव्य की रचनाएँ की। इन सभी कवियों के द्वारा लिखी गयी सभी रचनाएँ व काव्य लोगो को बहुत अधिक पसंद आये। उस समय भारत में फिरसे हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाने लगा था।

लेकिन फिर भारत में सन 1800 में भारत में अंग्रेजो का राज होने लगा। जिसकी वजह से भारत में फिरसे हिंदी भाषा का महत्त्व कम होने लगा था और अंग्रेजो द्वारा बोले जाने वाली भाषा जैसे की – अंग्रेजी भाषा का उपयोग भी भारत में होने लगा और काफी लोग उस भाषा का प्रयोग करने लगे। लेकिन जब भारत से अग्रेजों को भगा दिया गया उसके बाद भारत में हिंदी को फिरसे अधिक महत्त्व दिया जाने लगा और फिर सन 14 सितम्बर 1949 को हिंदी भाषा को देश की राष्ट्रभाषा का दर्जा दे दिया गया और तब ही से भारत में हर वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

आपको यह भी बता दे की आज के समय में भारत में करीब 77% हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है और विश्व में हिंदी भाषा को सबसे अधिक उपयोग होने वाली भाषाओँ में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। आपको यह भी बता दे की केवल भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कई देशों में भी हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है जैसे की – बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, साउथ अफ्रीका, फिजी, आदि जैसे देश।

हिंदी से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके उत्तर

हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष किस दिन मनाया जाता है ?

हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है।

भारत देश में हिंदी दिवस कितने दिनों तक मनाया जाता है ?

भारत देश में हिंदी दिवस सात दिनों तक मनाया जाता है जिसको हिंदी पखवाड़ा भी कहा जाता है।

हिंदी दिवस मानाने की घोषणा कब की गयी थी ?

हिंदी दिवस को मानाने की घोसना 1949 में की गयी थी। इसकी घोषणा उस समय देश के प्रधान मंत्री श्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के द्वारा की गयी थी।

हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है ?

हिंदी दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग हिंदी भाषा को और भी अधिक महत्व दे और इसकी महत्वता को भी समझे और ताकि हिंदी भाषा का और भी अधिक विकास हो सकें।

14 सितम्बर को भारत के किस महँ साहित्यकार का जन्मदिन मनाया जाता है ?

14 सितम्बर को भारत के महान मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंहा जी का जन्मदिन मनाया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस किस दिन मनाया जाता है ?

जिस प्रकार भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है उसी प्रकार विश्व हिंदी दिवस भी मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है।

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