26 जनवरी को हर वर्ष हमारे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, 26 जनवरी 1950 के दिन पहली बार हमारे देश का संविधान लागू किया गया था

इस दिन को पूरे भारतवर्ष में खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है और देश पर मर-मिटने वाले सभी सवतंत्रता सैनानियों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है,

यूँ तो हमारा देश विविधताओं का देश है अनेकों धर्म, जाति, सम्प्रदाओं, जनजातियों से मिलकर और एकता के सूत्र में बँधकर 26 जनवरी को हम भारतीय राष्ट्रीय पर्व के रूप में हर वर्ष मानते है

गर्व महसूस होता है जब हम कहते हैं, की हमारा संविधान देश का सबसे लम्बा और लिखित संविधान है, जिसका निर्माण बाबा साहेब द्वारा 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन में पूर्ण किया गया

गर्व होता है हमे, जब अनेकता में एकता के राष्ट्रीय गान का स्वर हमारे कानो में गुँजन करता है और गौरवान्वित करता है

भारत सरकार अधिनियम(एक्ट) 1935 को हमारे देश से हटाकर 26 जनवरी 1950 को देश का संविद्धान लागू करने का दिन चुना गया

यह दिवस हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा, हमे गर्व है की हम सभी इस गणतांत्रिक देश के निवासी हैं, जिसे सरल शब्दों में प्रजातंत्र, लोकतंत्र या जनतंत्र भी कहा जाता है,

यानी भारत देश में हुकूमत की बागडोर केवल उसी के हाथो में सौंपी जाती है जिसे चुनने का पूर्णता: हक केवल प्रजा के पास होता है

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधान मंत्री, राष्ट्रपति, नेता व देश के सभी नागरिक दिल्ली के इंडिया गेट में हो रहे आयोजन समारोह को देखने हेतु शामिल होते है