RTE Act 2009 in Hindi – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009

तो दोस्तों आप सभी शिक्षा का महत्व तो जानते ही होंगे की शिक्षा हर किसी बच्चे के लिए बहुत ही आवश्यक चीज है। शिक्षा देश के हर एक बच्चे के लिए बहुत ही आवश्यक है क्योंकि जब देश का हर बच्चा शिक्षित होगा तब ही तो देश का विकास होगा। परन्तु आज के समय में बच्चो को पढ़ाना भी बहुत ही कठिन हो चूका है जिसका मुख्य कारण है मेहंगाई आजकल शिक्षा भी बहुत महंगी हो चुकी कोई गरीब अपने बच्चो को शिक्षा दिलाने के लिए क्या कुछ नहीं करता परन्तु आज के महंगाई के दौर में गरीब अपने बच्चों को कैसे पढ़ायेगा ? क्योंकि आजकल विद्यालों की फीस भी बहुत अधिक हो गयी है। तो इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए हमारे देश की सरकार ने एक अधिनियम बनाया था जिसका नाम है – RTE Act 2009 तो अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो निश्चिंत हो जाइये क्योंकि

RTE Act 2009 क्या है ?
RTE Act 2009 in Hindi – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से RTE Act 2009 के बारे में बहुत सी जानकारी प्रदान करने वाले है जैसे की RTE Act 2009 क्या है ? इसके उद्देश्य क्या है ?,इससे क्या लाभ होते हैं आदि जैसी जानकारी। तो अगर आप भी इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कृपया करके इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़िए क्योंकि इसमें हमने RTE Act 2009 से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है।

यह भी देखें :- RTI का फुल फॉर्म क्या है?

RTE की full form

  • RTE की full form in English – Right To Education
  • RTE की फुल फॉर्म हिंदी में – शिक्षा का अधिकार अधिनियम

RTE Act 2009 क्या है ?

RTE Act 2009 यानि के शिक्षा का अधिकार अधिनियम को 4 अगस्त 2009 को संसद में अधिनियमित किया गया परन्तु इस एक्ट को 1 अप्रैल 2010 में लागू किया गया था। RTE Act 2009 के मुताबिक़ देश के सभी बचे जो की 6-14 वर्ष के उन सभी बच्चों को मुफ्त (निःशुल्क)में पढ़ाने का प्रावधान रखता है। इस एक्ट की मदद से देश के गरीब बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकते है। यह एक्ट सभी के लिए लागू होता है चाहे वो किसी भी जाती या धर्म का हो और चाहे वो बालक हो या बालिका हो कानून की नजर में सब एक सामान है।

इस एक्ट की मदद से सभी बच्चों को शिक्षित होने का मौका दिया गया है। और जब देश के सभी बच्चे शिक्षित होंगे तब ही तो देश का विकास होगा। इस एक्ट के लागू होने बाद भारत की गिनती भी उन 135 देशों में की जाती है जहाँ पर बच्चों के लिए शिक्षा मुफ्त है। इस RTE Act 2009 में करीब 38 धाराएं हैं और इसको 7 अध्यायों में बांटा गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम को 86 वे संविधान संसोधन 2002 को संशोधित किया गया था।

Highlights of RTE Act 2009

आर्टिकल का विषय RTE Act 2009
किसके द्वारा शुरुआत हुई भारत सरकार द्वारा
लाभार्थी देश के अशिक्षित बच्चे (आर्थिक स्थिति कमजोर हो)
उद्देश्य देश के सभी बच्चों को शिक्षित बनाना
कितने वर्ष के बच्चों के लिए 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए
कब लागू हुआ 1 अप्रैल 2010
कब बनाया गया 4 अगस्त 2009

RTE Act 2009 के उद्देश्य

RTE Act 2009 के उद्देश्य कुछ इस प्रकार हैं।

  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का मुख्य उद्देश्य यह है की 6 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान की जाएँ ताकि जिन बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पढ़ नहीं पाते तो उनको भी पढ़ने का मौका दिया जाए।
  • अगर कोई भी व्यक्ति या फिर विद्यालय RTE Act 2009 का पालन न करके उस बच्चे से फीस की मांग करता है तो उस विद्यालय को उस विद्यालय की फीस का 10 गुना भुगतान करना पड़ेगा और केवल यह ही नहीं सरकार द्वारा उस विद्यालय की मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है।
  • अगर सर्कार द्वारा किसी विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाती है लेकिन अगर उस विद्यालय को उसके बाद भी चलाया गया तो उस विद्यालय को 1 लाख रुपये और 10 हजार रुपये प्रतिदिन का भुगतान करना होगा।
  • अगर कोई बच्चा विकलांग है तो RTE Act 2009 के तहत उन् बच्चों के लिए सीमित आयु को 14 वर्ष से बढाकर 18 वर्ष कर दी गयी है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जो बच्चे विद्यालयों में पढ़ रहे हैं उन सभी बच्चों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी यानि के उन बच्चों को केंद्र सरकार के द्वारा ही मुफ्त में पढ़ाया जा रहा है।
  • RTE Act 2009 के अनुसार कोई विद्यालय अगर बच्चे का या फिर उसके माता पिता का इंटरव्यू लेते है तब उस विद्यालय से 25 हजार रुपये सरकार के द्वारा जुर्माने के रूप में वसूल किया जायेंगे।
  • अगर वह चीज को दोबारा दोहराते हैं तब जुर्माने की राशि 25000 से बढाकर 50 हजार कर दी जायेगी।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार विद्यालय का कोई भी शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन नहीं दे सकते।
  • यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम बच्चों पर होने वाले मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के खिलाफ है और वह इसको रोकता भी है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के के द्वारा बच्चों के लिए केंद्रित शिक्षा प्रणाली की भी शुरुआत की गयी है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की विशेषताएं

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं।

  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार ये केवल 6-वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों ही विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
  • अगर कोई बच्चा विकलांग है या फिर बच्चे के अंदर कुछ शारीरिक कमी है तो उन बच्चों के लिए यह उम्र 14 वर्ष से बढाकर 18 कर दी है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 केवल गरीब वर्ग के बच्चों के लिए ही निःशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत पढ़ने वाले बच्चों से केवल उतनी ही फीस ली जायेगी जितनी फीस सरकारी स्कूल के बच्चों से ली जाती है।
  • RTE Act 2009 के तहत पढ़ने वाले बच्चों की पहचान विद्यालय या फिर आसपास के लोगो से पूछताछ की जायेगी।
  • RTE Act 2009 के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चों की पहचान केवल या विद्यालय या विद्यालय की समिति ही घर घर जाकर पूछताछ कर सकती है।
  • अगर किसी बच्चे की उम्र 6 वर्ष से अधिक है और उस बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है तो उस बच्चे का एडमिशन उसकी उम्र इ मुताबिक़ ही उसी कक्षा में किया जाएगा जिसमे वह बच्चा जाने के काबिल होगा।
  • विद्यालयों में लड़को और लड़कियों के लिए अलग अलग शौचालय होना भी अनिवार्य है।
  • RTE Act 2009 के अनुसार किसी भी बच्चे को मानसिक या फिर शारीरिक दण्ड देने के लिए नहीं कहता है और नहीं लागू करता है।
  • Private school में पहली कक्षा में एडमिशन होते वक़्त प्राइवेट स्कूलों को 25%सेट उन बच्चो के लिए रखनी होगी जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है यानि के RTE के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चों के लिए।
  • हर किसी प्राइवेट स्कूल को कम से कम 2% सीटे कमजोर वर्ग के बचो के लिए आरक्षित रखनी होगी।
  • RTE Act 2009 के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चों न तो पुस्तके, यूनिफार्म,फीस देने की आवश्यकता होगी उनके लिए सब कुछ सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
  • कोई भी व्यक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चे को न तो अगली कक्षा में जाने से रोक सकेगा और नहीं उसको स्कूल से निष्काषित किया जायेगा।
  • किसी भी विद्यालय को यह अधिकार नहीं ही की वह शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत किसी भी बच्चे को एडमिशन लेने से रोक सके। .
  • अगर कोई भी विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत पढ़ने वाले बच्चों से फीस लेता है तो उनपर सरकार द्वारा कार्यवाही एवं जुर्माना भी लिया जाएगा।

RTE Act 2009 के 7 अध्याय

अध्याय 1 – प्रारंभिक

अध्याय 2 – बालक का शिक्षा का अधिकार

अध्याय 3 – समुचित सरकार स्थानीय प्राधिकारी माता पिता के कर्तव्य

अध्याय 4 – विद्यालय एवं शिक्षकों के कार्य कर्तव्य एवं अधिकार

अध्याय 5 – प्रारंभिक शिक्षा एवं पाठ्यक्रम

अध्याय 6 – शिक्षा अधिकार का संरक्षण

अध्याय 7 – प्रकीर्णन [विस्तार]

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के 38 अनुच्छेद

  • निःशुल्क अनिवार्य शिक्षा का अधिकार 2009
  • उपधाराओं का उल्लेख
  • बालक का निःशुल्क अनिवार्य शिक्षा का अधिकार
  • प्रवेश नहीं दिए गए बच्चे को या जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं की है उनके लिए उप्रबंधन
  • अन्य विद्यालयों में स्थानांतरण का अधिकार
  • 3 वर्ष के भीतर बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा,निर्धारित सीमा में विद्यालय तैयार होना चाहिए
  • केंद्र और राज्य सरकार इस अधिनियम के उपबंधों को लागू करने और निधियां उपलब्ध कराएंगे।
  • समुचित सरकार से करता
  • स्थानीय प्राधिकारी के कर्त्तव्य
  • माता पिता के कर्त्तव्य
  • समुचित सरकार का विद्यालय पूर्व शिक्षा के लिए व्यवस्था
  • दुर्बल एवं अलाभित समूह के लिए नजदीकी निजी विद्यालयों में 25%आरक्षण दिया जाएगा
  • प्रवेश के लिए किसी प्रति व्यक्ति 30 अनुवीक्षक प्रक्रिया न होना
  • प्रवेश धरना आयु
  • बालक प्रारम्भ में या विहित समय 6 माह तक कभी प्रवेश ले सकता है।
  • विद्यालय में किसी के द्वारा भी बच्चे को किसी भी क्लास यानि के कक्षा में जाने से रोका नहीं जायेगा और न ही बच्चे को निष्कासित किया जायेगा।
  • बच्चों के शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीड़न का प्रतिरोध
  • मान्यता प्रमाण पत्र के लिए बिना किसी विद्यालय का स्थापित किया जाना
  • विद्यालय के मान- मान मानक
  • अनुसूची का संसोधन करने की शक्ति
  • प्रत्येक विद्यालय में एक विद्यालय समिति का गठन करेगा जिसमे 75 % या फिर 3/4 संरक्षक तथा 50 % महिलाओं की भागीदारी होगी।
  • विद्यालय प्रबंधन समिति एक विद्यालय विकास योजना बनाएगी
  • शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्यताएं और शर्ते।
  • शिक्षकों के कर्तव्य और शिकायतों को दूर करना
  • छात्र शिक्षक अनुपात
  • शिक्षकों के खाली पदों को भरना
  • शिक्षकों को की गैर परियोजना के लिए अभियोजित नहीं किया जाएगा। जनगणना , आपदा रहत, चुनावी प्रक्रिया के अलावा।
  • प्राइवेट ट्यूशन का शिक्षण नहीं करेगा।
  • पाठ्यक्रम और मूल्यांकन
  • परीक्षा समापन प्रमाण पत्र।
  • बच्चों के शिक्षा के अधिकार को मॉनिटर करना।
  • शिकायतों को दूर करना 3 महीने के अंदर अंदर
  • राष्ट्रिय सलाहकार परिषद का गठन
  • राज्य सलाहकार परिषद
  • निर्देश जारी करने की शक्ति
  • अभियोजन के लिए पूर्व मंजूरी
  • सद्भाव पूर्वक की गई कार्यवाही के लिए संस्थान।
  • समुचित सरकार की नियम बनाने की शक्ति।

RTE Act 2009 से सम्बंदित पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके उत्तर

RTE Act 2009 क्या है ?

RTE Act 2009 यानि के शिक्षा का अधिकार अधिनियम को 4 अगस्त 2009 को संसद में अधिनियमित किया गया परन्तु इस एक्ट को 1 अप्रैल 2010 में लागू किया गया था। RTE Act 2009 के मुताबिक़ देश के सभी बचे जो की 6-14 वर्ष के उन सभी बच्चों को मुफ्त (निःशुल्क)में पढ़ाने का प्रावधान रखता है। इस एक्ट की मदद से देश के गरीब बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकते है।

भारत के अलावा और कितने देश है जहाँ पर गरीब बच्चों की शिक्षा को मुफ्त किया गया है ?

भारत के अलावा 135 देश और और है जहाँ पर गरीब बच्चों की शिक्ष को नमुफ्त किया गया है।

RTE Act 2009 को कब लागू किया गया ?

RTE Act 2009 को 1 अप्रैल 2010 को लागू किया गया था।

RTE की फुल फॉर्म क्या है ?

RTE की फुल फॉर्म है – Right To Education

RTE Act 2009 में कितने अनुच्छेद है और उनके नाम बताइये ?

RTE Act 2009 में कुल 7 अनुच्छेद है जिनके नाम कुछ इस प्रकार है तो कृपया ध्यानपूर्वक पढ़िए
अध्याय 1 – प्रारंभिक
अध्याय 2 – बालक का शिक्षा का अधिकार
अध्याय 3 – समुचित सरकार स्थानीय प्राधिकारी माता पिता के कर्तव्य
अध्याय 4 – विद्यालय एवं शिक्षकों के कार्य कर्तव्य एवं अधिकार
अध्याय 5 – प्रारंभिक शिक्षा एवं पाठ्यक्रम
अध्याय 6 – शिक्षा अधिकार का संरक्षण
अध्याय 7 – प्रकीर्णन [विस्तार]

RTE Act 2009 का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का मुख्य उद्देश्य यह है की 6 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान की जाएँ ताकि जिन बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पढ़ नहीं पाते तो उनको भी पढ़ने का मौका दिया जाए।

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