PM Garib Kalyan Yojana: इस दिन से बंद हो रही है फ्री राशन की योजना, जानें क्या है वजह

वर्ष 2019 के अंतिम महीनों से शुरू हुई कोरोना महामारी से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पंहुचा था जिससे की देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के गरीब लोगो के सामने खाने-पीने के लिए आवश्यक सामान की समस्या पैदा हो गयी थी क्यूँकि रोजगार ना होने से वे जरुरी चीजें नहीं खरीद पा रहे थे. इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम गरीब कल्याण योजना (PM Garib Kalyan Yojana) की शुरुआत की थी ताकि लॉकडाउन की वजह से कोई भी गरीब परिवार भूखा ना सोये. 1 साल से भी अधिक समय तक चलने वाली इस योजना को लेकर हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आयी है. चलिए जानते है क्या है ये खबर और क्या हो सकता है इसका प्रभाव

PM Garib Kalyan Yojana

कोरोना महामारी के दौरान गरीबो को लिए अन्न की कोई कमी ना हो इसके लिए केंद्र द्वारा प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण योजना का सुभारम्भ किया गया था. इसके तहत देश के देश के 80 करोड़ लोगो को प्रति माह 5 किलो गेहूँ/चावल मुफ्त प्रदान किये जाते है. साथ ही परिवार को प्रति माह 1 किलो चने की दाल भी दी जाती है ताकि उन्हें किसी तरह की कोई समस्या ना हो. सरकार द्वारा इस योजना के तहत 2.50 लाख करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किये जा चुके है.

साथ ही सरकार द्वारा 22 लाख frontline वर्करो को को भी 50 लाख रुपए तक का इंसोरेंस कवर दिया जाता है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक दिक्कत ना हो.

सरकार द्वारा शुरू इस योजना से देश के करोड़ो परिवारों को लॉकडाउन के दौरान राहत पहुंची थी और वे अपनी गुजर-बसर कर पाए थे परन्तु अब केंद्र द्वारा इस योजना को बंद करने का फैसला लिया गया है जिससे की गरीबो पर असर पड़ना तय है.

क्यों बंद हो रही है PM Garib Kalyan Yojana

इस योजना से सरकार द्वारा ढ़ाई लाख करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च किया जा चुका है जिससे की देश की इकॉनमी पर बोझ पड़ रहा है. सरकार ने अपने फैसले में कहा है की अब देश की इकॉनमी में सुधार हो रहा है जिससे की सरकार ने इस योजना को बंद करने फैसला किया है. हाल ही की कई रिपोर्ट्स ने संकेत दिया है की देश की इकॉनमी में सुधार हो रहा है इसी के मद्देनजर सरकार इस स्कीम को बंद करने का फैसला किया है. इस बात की जानकारी  नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के सेकेट्री सुधांशु पांडेय ने दी है.

गरीबो पर हो सकता है असर

हाल ही में कई रिपोर्टस में इस बात के कयास लगाए जा रहे थे की कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस योजना का आगे बढ़ाया जा सकता है परन्तु सरकार ने इसको लेकर स्पष्ट संकेत दिए है की इकॉनमी के पटरी पर पर लौटने की वजह से इस योजना को जारी रखना निरर्थक है. साथ ही देश में कोरोना के मामले भी बहुत कम आ रहे है और 100 करोड़ से ज्यादा लोगो को भी वैक्सीन लग चुकी है इसलिए आगे इकॉनमी में और सुधार होने की उम्मीद है. हालांकि गरीबो को इससे दिक्कत हो सकती है.

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