PM FME Scheme in Hindi | PM FME Scheme Portal Apply Online

PM FME Scheme:- केंद्र सरकार द्वारा देश के लघु खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयों (food processing industry) को आर्थिक सहायता देने और इनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम (PRADHAN MANTRI FORMALISATION OF MICRO FOOD PROCESSING ENTERPRISES SCHEME) शुरू की गयी है। इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा देश की लघु खाद्य-प्रसंस्करण को आर्थिक सहायता के साथ-साथ इनके फॉर्मलाइज़ेशन के लिए भी प्रावधान किया गया है ताकि देश की खाद्य-प्रसंस्करण इकाईयों को बढ़ावा मिल सके। इस योजना के द्वारा देश में असंगठित क्षेत्र में संचालित होने वाली 25 लाख फ़ूड-प्रोसेसिंग यूनिट्स को आर्थिक मदद दी जाएगी साथ ही सरकार द्वारा इस क्षेत्र में सप्लाई चेन को सपोर्ट करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी किया जायेगा।

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पीएम एफएमइ स्कीम

योजना के तहत खाद्य-प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े समूहों को 10 लाख रुपए तक की का क्रेडिट प्रदान किया जायेगा साथ ही इन्हे अन्य प्रकार के लाभ भी प्रदान किये जायेंगे। आज के इस लेख की सहायता से हम आपको बताने वाले है की PM FME योजना क्या है ? इसका उद्देश्य, लाभ और पात्रता क्या-क्या है ? साथ ही इस लेख के माध्यम से आप योजना में रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस से भी अवगत होंगे।

केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत देश की लघु खाद्य-प्रसंस्करण को ऋण देने और इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ इनको संगठित क्षेत्र में लाने के लिए पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम शुरू की गयी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों और केंद्रशासित-प्रदेशो की सरकार को शामिल करते हुये देश में फ़ूड-प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ऋण और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जायेगा। आपको बता दे की PM FME योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा फ़ूड-प्रोसेसिंग उद्योग(food processing entrepreneurs), कृषक उत्पादक समूह (Farmer Producer Organizations (FPOs), स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups (SHGs) और उत्पादक सहकारी समूहों (Producers Cooperatives) और ऐसे ही खाद्य-प्रसंस्करण समूह से जुड़े अन्य स्टेकहोल्डर को शामिल किया गया है ताकि इन्हे सरकार द्वारा ऋण लाभ और अन्य प्रकार की रियायतें प्रदान की जा सके।

PM FME Scheme, Highlights

नीचे दी गयी टेबल के माध्यम से आपको पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गयी है।

योजना का नामPRADHAN MANTRI FORMALISATION OF MICRO FOOD PROCESSING ENTERPRISES SCHEME
योजना का उद्देश्य देश में लघु खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयों को आर्थिक सहायता प्रदान करना
शुरू की गयी केंद्र सरकार द्वारा
लाभ खाद्य-प्रसंस्करण इकाईयो को
वर्ष 2022
लाभार्थी पूरे देश के नागरिक
योजना के तहत आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत
क्रियान्वयन विभाग खाद्य-प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
आधिकारिक वेबसाइट https://pmfme.mofpi.gov.in/
आवेदन का माध्यम ऑनलाइन/ऑफलाइन

PM FME Scheme, उद्देश्य

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की अधिकांश जनसँख्या कृषि कार्यो में लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो 70 फीसदी तक आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि क्षेत्र से जुड़े खाद्य-प्रसंस्करण उद्योग जो की कृषि पर ही निर्भर है ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों की आमदनी में मुख भूमिका निभाता है। सरकार द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में 25 लाख असंगठित खाद्य-प्रसंस्करण ईकाइयाँ है जिनमे से 66 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में है। इन इकाइयों से 74 फीसदी लोगो को रोजगार मिलता है जिनमे से एक-तिहाई महिलाएँ है। ये फ़ूड-प्रोसेसिंग इकाइयाँ अधिकतर लघु उद्योगों की श्रेणी में आती है जिनमे से अधिकांश परिवार आधारित है। देश की अर्थव्यवस्था में इतना अधिक योगदान देने के बावजूद इन इकाईयो में निवेश की कमी के कारण ये वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाती है। साथ ही निवेश की कमी के कारण ये नयी तकनीकों से भी लैस नहीं होती जिससे इनकी उत्पादन क्षमता पर असर पड़ता है।

इन सभी समस्याओ को ध्यान में रखते हुये केंद्र सरकार द्वारा पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम शुरू की गयी है ताकि इन सभी समस्याओ को दूर किया जा सके। PM FME योजना द्वारा केंद्र सरकार देश के खाद्य-प्रसंस्करण क्षेत्र में कार्यरत विभिन समूहों जैसे फ़ूड-प्रोसेसिंग उद्योग, कृषक उत्पादक समूह, स्वयं सहायता समूह और उत्पादक सहकारी समूहों (Producers Cooperatives) और ऐसे ही खाद्य-प्रसंस्करण समूह को निवेश के लिए ऋण मुहैया करवाया जायेगा। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा ब्रांडिंग और मार्केटिंग के द्वारा इस क्षेत्र की सप्लाई चेन को भी एकीकृत किया जायेगा। साथ ही योजना में अन्य कई घटक भी शामिल किया गए है ताकि सेक्टर से जुड़े सभी हितधारकों को लाभ मिल सके। योजना के तहत प्रोसेसिंग फैसिलिटीज, प्रयोगशालाएँ, पैकिंग, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, स्टोरेज, इन्क्यूबेशन आदि सेवाओं को शामिल किया गया है।

योजना के तहत आर्थिक सहायता

PRADHAN MANTRI FORMALISATION OF MICRO FOOD PROCESSING ENTERPRISES SCHEME केंद्र सरकार द्वारा वित् पोषित योजना है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा खाद्य-प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े विभिन समूहों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान रखा गया है। इसके तहत विभिन हितधारकों के लिए निम्न वित्तीय प्रावधान किये गए है।

  • कृषक उत्पादक समूह (Farmer Producer Organizations (FPOs)और उत्पादक सहकारी समूहों (Producers Cooperatives) को सहायता
    • क्रेडिट लिंकेज के तहत 35 फीसदी का ग्रांट
    • व्यवसाय हेतु ट्रैंनिंग
  • स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups (SHGs) को प्रदान की जाने वाली सहायता
    • सीड-कैपिटल (Seed capital):- योजना के तहत स्वयं सहायता समूह के प्रति मेंबर को कार्य-पूंजी (working capital) और छोटे-इक्विपमेंट खरीदने के लिए 40,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
    • SHGs मेंबर को सिंगल यूनिट के रूप में सहायता (Support to individual SHG members as a single unit):- अकेले मेंबर के रूप में SHGs मेंबर को क्रेडिट लिंकेज के तहत 35 फीसदी अनुदान जो की अधिकतम 10 लाख तक का होगा प्रदान किया जायेगा।
    • पूंजी-निवेश के लिए सहायता (Support for capital investment):- इसके तहत SHGs को क्रेडिट लिंकेज के तहत 35 फीसदी का ग्रांट प्रदान किया जायेगा।
    • प्रशिक्षण सहायता (Training & Handholding Support to SHGs):- योजना के तहत SHGs ग्रुप्स को राज्य ग्रामीण जीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित कर्मियों के द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि खाद्य-प्रसंस्करण यूनिट को अपग्रेड किया जा सके साथ ही उन्हें आधुनिक तरीके से भी उत्पादन करने लायक बनाया जा सके।

ये है जरुरी दस्तावेज, आवश्यक पात्रता

PRADHAN MANTRI FORMALISATION OF MICRO FOOD PROCESSING ENTERPRISES SCHEME के तहत सरकार द्वारा योजना के लिए निम्न पात्रताएं निर्धारित की गयी है।

  • योजना का लाभ लेने के लिए नागरिको को खाद्य-प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ा होना चाहिए।
  • सीड-फण्ड के तहत मिलने वाली राशि को सिर्फ उद्योगों के लिए कार्य-पूंजी और इक्विपमेंट खरीदने के लिए ही इस्तेमाल किया जायेगा।
  • सिर्फ उन्ही स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups (SHGs) को सीड-कैपिटल के तहत लाभ प्रदान किया जायेगा जो निम्न शर्तो को पूरा करते हो:- प्रसंस्करण किये जाने वाले उत्पाद की जानकारी, उत्पादन किये जाने वाले उत्पाद का कच्चा माल और मार्केटिंग सम्बंधित जानकारी और सालाना टर्नओवर और यूनिट द्वारा संचालित अन्य गतिविधियाँ।
  • अगर कोई स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups (SHGs) इस योजना से जुड़ना चाहता है तो उन्हें फ़ूड-प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कम से कम 3 साल का अनुभव होना जरूरी है।
  • योजना के तहत फ़ूड-प्रोसेसिंग यूनिट्स, कृषक उत्पादक समूह, स्वयं सहायता समूह और फ़ूड-प्रोसेसिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगो को ही शामिल किया जायेगा।
  • योजना का लाभ लेने के लिए खाद्य-प्रसंस्करण इकाई को सरकार द्वारा निर्धारित की गयी अन्य शर्तो को पूरा करना भी आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के लिए निम्न दस्तावेजों का होना जरुरी है:- आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, बैंक अकाउंट की पासबुक, खाद्य-प्रसंस्करण यूनिट से सम्बंधित दस्तावेज, निगमन प्रमाणपत्र, टर्नओवर से जुड़े दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर

PM FME योजना, ऐसे करें आवेदन

पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम के तहत आवेदन करने के लिए आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

पीएम एफएमइ स्कीम
  • होमपेज पर आपको Online Registration का ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
PM-FME Scheme Registration
  • अगले पेज पर आपके सामने Sign Up का ऑप्शन प्रदर्शित होगा। इस पर क्लिक कर दे।
PM-FME Scheme Registration.Sign Up
  • इसके बाद योजना का आवेदन फॉर्म खुल जायेगा। इसमें माँगी गयी सभी जानकारियाँ जैसे नाम, ईमेल-ID, राज्य, जिला, मोबाइल नंबर और पता दर्ज करके Register करें के ऑप्शन पर क्लिक कर दे। साथ ही अन्य सभी फॉर्मलिटीज पूरी कर दे।
PM-FME Scheme Registration. Submission
  • इन सभी स्टेप्स को पूरा करने के बाद आप PM FME योजना में आवेदन कर सकते है।

ये है लॉगिन का प्रोसेस

PRADHAN MANTRI FORMALISATION OF MICRO FOOD PROCESSING ENTERPRISES SCHEME में लॉगिन करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करे।

  • सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmfme.mofpi.gov.in/ पर जायें।
PM-FME Scheme
  • होमपेज पर आपको Login का ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर Applicant Login पर क्लिक कर दे।
PM-FME Scheme. login
  • इसके बाद अगले पेज पर आप लाभार्थी का प्रकार, यूजर नेम, पासवर्ड और कैप्चा भरकर Submit के ऑप्शन पर क्लिक कर दे।
पीएम एफएमइ स्कीम

इन स्टेप्स से आप योजना के अंतर्गत लॉगिन कर सकते है।

योजना के घटक

पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज स्कीम के तहत सरकार द्वारा योजना के क्रियान्वयन के लिए इन घटको को शामिल किया गया है।

  • एक जिला एक उत्पाद (ONE DISTRICT ONE PRODUCT)
  • व्यक्तिगत खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयों को अपग्रेड करना (UPGRADATION OF INDIVIDUAL MICRO FOOD PROCESSING UNITS)
  • फ़ूड-प्रोसेसिंग उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (Farmer Producer Organizations (FPOs), स्वयं सहायता समूह (SHGs)और उत्पादक सहकारी समूहों (Producers Cooperatives) को सहायता प्रदान करना
  • स्वयं सहायता समूह (SHGs) को सीड-कैपिटल
  • सामान्य ढांचागत सुविधाएँ (COMMON INFRASTRUCTURE)
  • ब्रांडिंग और मार्केटिंग सपोर्ट (BRANDING AND MARKETING SUPPORT)

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब (FAQ)

PM-FME Scheme क्या है ?

PM-FME Scheme को केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना के द्वारा खाद्य-प्रसंस्करण यूनिट्स को आर्थिक सहायता दी जाएगी साथ ही इन्हे विभिन प्रकार के अनुदान भी प्रदान किये जायेंगे।

इस योजना का क्या लाभ है ?

इस योजना के द्वारा सरकार खाद्य-प्रसंस्करण यूनिट्स को आर्थिक सहायता देगी साथ ही निवेश के लिए उन्हें ऋण भी मुहैया कराएगी। इसके अतिरिक्त इन्फ्रास्टरक्चर का विकास भी किया जायेगा।

PM-FME Scheme में आवेदन करने का प्रोसेस क्या है ?

इस योजना में आवेदन करने के लिए ऊपर बताये गए लेख को ध्यान से पढ़े। इसमें बताये गए स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से इस योजना में आवेदन कर सकते है।

मैं राजस्थान से हूँ ? क्या मैं इस योजना में आवेदन कर सकता हूँ ?

यह योजना केंद्र सरकार द्वारा वित-पोषित है। ऐसे में देश के सभी पात्र नागरिक इस योजना में आवेदन कर सकते है।

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