Petrol Diesel Price: पेट्रोल डीज़ल के दामों में होने वाली है बड़ी बढ़ोतरी, इतने रुपये बढ़ जाएगा

पेट्रोल के दामों में पिछले 120 दिनों से कोई बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है और दाम अधिकतर समय 100 रुपए के नीचे ही रहे है। ऐसे में लोगो ने राहत की साँस ली है। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और 5 राज्यों में होने होने विधानसभा चुनावों की समाप्ति से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कयास लगाए जाने लगे है। रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है ऐसे में युद्ध के कारण रूस पर लगे प्रतिबंधों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इंटरनेशनल मार्केट में तेल के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा है ऐसे में जल्द ही ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल के लिए अधिक दाम चुकाने पड़ सकते है।

नवम्बर से नहीं बढे है तेल के दाम

पिछले वर्ष नवंबर माह में तेल के दामों ने शतक लगाया था जिसके बाद केंद्र द्वारा दिवाली के अवसर पर तेल के दामों में एक्साइज ड्यूटी घटाकर कटौती की थी। साथ ही राज्य सरकारो द्वारा भी तेल के दामों में वैट घटाया गया था जिसके बाद तेल के दाम 100 रुपए से नीचे आ गए थे। इसके बाद सरकार द्वारा तेल के दामों में कोई ख़ास बढ़ोतरी नहीं की गयी थी लेकिन यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण जहाँ अंतर्राष्ट्रीय मार्किट में तेल के दामों में बढ़ोतरी हुयी है वही 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव भी अंतिम दौर में है। ऐसे में जल्द ही तेल के दामों में बढोत्तरी देखने को मिल सकती है।

इतने रुपए बढ़ सकते है तेल के दाम

आपको बता दे की रॉयटर्स में छपी एक रिपोर्ट्स के अनुसार पीछे इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम बड़ी उछाल के साथ 129.78 डॉलर प्रति बैरेल पहुंच गए है जो की वर्ष 2008 के बाद तेल के दामों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है ऐसे में इसका असर घरेलू बाजार पर पड़ना तय है। साथ ही विपक्ष द्वारा भी सरकार पर 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण पेट्रोल के दाम ना बढ़ाने का आरोप लगाया गया है ऐसे में चुनाव खत्म होने के बाद तेल (Petrol Diesel Price) के दामों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। पिछले लोकसभा चुनावो के बाद भी सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों में वृद्धि की गयी थी ऐसे में आने वाले दिनों में तेल के दामों में 5 से 7 रुपए तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।

पिछले कुछ समय से चल रहा है ट्रेंड

पिछले कुछ समय से चुनावो के मद्देनजर तेल के दामों को ना बढ़ाने का ट्रेंड चल रहा है। वर्ष 2017 में भी वर्तमान के 5 चुनावी राज्यों में इलेक्शन के चलते तेल के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गयी थी साथ ही गुजरात विधानसभा चुनावो के मद्देनजर भी यही ट्रेंड देखने को मिला था। ऐसे में विशेषज्ञ जल्द ही चुनावो के बाद तेल के दामों में बढ़ोतरी की आशंका जता रहे है। राहुल गाँधी द्वारा इस सम्बन्ध में सरकार पर निशाना साधते हुये ट्वीट भी किया गया है।

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