जल्द ही इतने रुपये तक बढ़ जाएगा पेट्रोल-डीजल का दाम, जानें कब होगा लागू

यूक्रेन और रूस के बीच भीषण जंग जारी है। रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है ऐसे में तेल के दामों पर इस जंग का असर पड़ना तय है। पहले ही अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में तेल के दाम 100 डॉलर पर बैरल के पार पहुँच चुके है जिससे की घरेलू बाजार में तेल के दाम बढ़ने के आसार है साथ ही अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-कोरिया सहित कई देशो ने रूस को SWIFT पेमेंट सिस्टम से भी बाहर कर दिया है जिससे की कच्चे तेल के दामों में उछाल आने के आसार है। देश के बजट पेश करने के दौरान भी वित मंत्री द्वारा साफ़ किया गया था की इस वर्ष के अक्टूबर माह से बिना बायोडीजल तथा इथेनॉल के मिक्सचर के बिकने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर 2 रुपए का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जायेगा जिससे पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की आशंका है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में होगी 2 रुपए की बढ़ोतरी

अभी तक देश में 70 से 80 फीसदी पेट्रोलियम उत्पादों में बायोडीजल तथा इथेनॉल के मिक्सचर से प्राप्त पेट्रोल और डीज़ल का उत्पादन किया जा रहा है। इससे न सिर्फ देश की पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम होती है बल्कि इथेनॉल जो की गन्ने या अन्य खाद्यान्न से प्राप्त किया जाता है से किसानो को आय का अतिरिक्त स्रोत भी मुहैया करवाता है। वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करने के दौरान वित् मंत्री द्वारा इसी वर्ष से बिना मिक्सचर वाले पेट्रोल और डीज़ल के दामों में 2 रुपए के उत्पाद शुल्क लगाने की घोषणा की गयी है जिससे की तेल के दामों में वृद्धि होगी। अभी तक पेट्रोलियम उत्पादों में 10 फीसदी इथेनॉल मिलाने का प्रावधान है जिसे सरकार 30 फीसदी के स्तर पर ले जाना चाहती है।

यूक्रेन-रूस युद्ध का पड़ेगा असर

वही तेल के दामों में रूस-यूक्रेन के बीच छिड़े अप्रत्याशित युद्ध ने कई गुना बढ़ोतरी की है। पिछले हफ्ते ही 90 डॉलर पर बैरल के आस-पास रहने वाले तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है जिससे की तेल के दाम 100 डॉलर पर बैरल के पार हो गए है। अगर युद्ध ज्यादा लम्बा खींचता है तो विशेषज्ञ इसे 150 डॉलर के पार पहुंचने की आशंका भी जता रहे है। इन सब फैक्टर से भी इस वर्ष तेल के दामों में कई गुना बढ़ोतरी होगी।

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