MNC Full Form in Hindi | एमएनसी का फुल फॉर्म और मतलब क्या है

आपमें से कई लोगों ने कभी न कभी MNC का जिक्र करते हुए किसी न किसी को सुना ही होगा। कॉर्पोरेट जगत में इसका कई बार उल्लेख होता है अपने कई बार सुना होगा की वह व्यक्ति एमएनसी में काम करता है या फलाना व्यक्ति MNC कंपनी के लिए अप्लाई कर रहा है। यदि आप नौकरी करते हैं या नौकरी के लिए किसी कंपनी में अप्लाई कर रहे हैं तो आपके लिए MNC के बारे में जानना बहुत जरूरी हो जाता है। आखिर यह MNC होता क्या है और एमएनसी का हिंदी में पूरा नाम (MNC FULL FORM IN HINDI) क्या है ? MNC FULL FORM IN ENGLISH आदि के बारे में हम आपको आज के इस आर्टिकल के माध्यम से बड़ी ही आसान भाषा में बताने जा रहे हैं। आईये जानते हैं विस्तार से।

MNC Full Form in Hindi | एमएनसी का फुल फॉर्म और मतलब क्या है
MNC Full Form in Hindi | एमएनसी का फुल फॉर्म और मतलब क्या है

MNC Full Form in Hindi (एमएनसी का हिंदी में पूरा नाम)

MNC का फुल फॉर्म multinational corporation है। मल्टीनेशनल जहाँ MULTI का मतबल हुआ बहुत सारे और NATIONAL का अर्थ हुआ कंट्री या नेशन ऐसी कंपनियां जिनका व्यापार और सेवाएं बहुत सारे देशों में फैला हुआ होता है। इसे इंग्लिश में मल्टीनेशनल कारपोरेशन कहा जाता है और ”MNC को हिंदी भाषा में “बहुराष्ट्रीय निगम” कहते है ।आपकी जानकारी के लिए बता दें की यदि एमएनसी कंपनी में एक कर्मचारी का औसत वेतन लगभग ₹25 लाख तक होता है। MNC कंपनी में कर्मचारियों को अच्छा सैलरी पैकेज दिया जाता है।

MNC कंपनी बड़े स्तर पर कार्यरत होती है यानि इनकी सेवाएं और इन कंपनियों का नाम कई देशों तक फैला होता है और साथ ही ऐसी कम्पनियों में हर कर्मचारी की कमाई भी अच्छी-खासी होती है।

MNC क्या है ?

एमएनसी जिसे हिंदी में बहुराष्ट्रीय कंपनी तथा इंग्लिश में multinational corporation के नाम से जाना जाता है किसी भी अन्य कंपनियों से यदि एमएनसी कंपनियों की तुलना की जाये तो एमएनसी कंपनियों का टर्नओवर कई ज्यादा होता है। MNC कंपनियों द्वारा अपनी ब्रांच कंपनियों की सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। यह ऐसी कंपनियां होती हैं जिनका विस्तार देश विदेशों में होता है यानि इन कंपनियों की पहुंच लगभग देश ही नहीं विदेशों में भी होती है।

उदहारण के तौर पर यदि कोई कंपनी जैसे की TATA GROUPS जिसका मुख्यालय भारत में है और यहाँ वह कंपनी काम कर रही है और अपनी सेवाएं दे रही है और साथ ही साथ यही कंपनी अपनी ब्रांच को अन्य देशों में स्थापित करती है और वहां भी अपनी सेवाएं देती है किन्तु कंपनी का मुख्यालय (हेड ओफिस)वहां होता है जहाँ वह कंपनी स्थापित की गयी है लेकिन इसकी ब्रांचेज अलग-अलग देशों में होती है ऐसी कंपनियां MNC कंपनी कहलाती हैं।

मल्टीनेशनल कंपनी का मुख्यालय किसी एक देश में ही होता है जिस देश में MNC का मुख्यालय होता है उसे होम कंट्री कहा जाता है और इस MNC कंपनी द्वारा जिन अन्य देशों में व्यापर किया जाता है उन अन्य देशों को होस्ट कंट्री कहा जाता है।

INDIA में MNC( Multinational company) कौनसी हैं ?

  • Apple
  • Microsoft
  • Google
  • Nestle
  • Infosys
  • Unilever
  • Amazon
  • IBM (International Business Machines corporation)
  • The Coca Cola
  • Samsung
  • Procter & Gamble
  • Sony corporation
  • TATA Group
  • Citi group
  • Nike
  • Johnson & Johnson
  • Adidas
  • LTI
MNC कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में उत्पाद नियत्रण कैसे किया जाता है ?

दूसरे देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ (MNC)उत्पाद पर नियंत्रण को कई तरीकों से स्थापित करती हैं कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNC) सुरु से ही स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करती हैं तथा कुछ स्थानीय बाजार के लिए उत्पादन करती है कई MNC कमापनियों के द्वारा किसी देश की स्थानीय कम्पनी के साथ साझा वेंचर किया जाता है जिससे वह अपना कार्य शुरू कर सके।

MNC के फीचर्स क्या हैं ?

  • मल्टीनेशनल कंपनी बड़े लेवल पर ऑपरेट की जाती है।
  • इंटरनेशनल ऑपरेशन -MNC कंपनी की गतिविधियां अलग-अलग कंट्री में होती है।
  • सेंट्रलाइज्ड कण्ट्रोल होता है यानि हेड ऑफिस द्वारा ही सभी ब्रांचेज को ऑपरेट किया जाता है।
  • MNC कंपनियों में अडवांस्ड टेक्नालॉजी का प्रयोग किया जाता है।
  • MNC कंपनी का प्रोफेफेशनल मैनेजमेन्ट होता है।
  • MNC कंपनी द्वारा अन्य देशों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करके लाभ प्राप्त किया जाता है।
  • होस्ट कंट्री में MNC कंपनियों को वहां की सरकार के द्वारा टैक्स में कुछ छूट प्रदान की जाती है।

FORMS OF MNC (मल्टीनेशनल कंपनी) के प्रकार –

  • फ़्रेंचाइज़िंग -जब कोई MNC अपने ट्रेडमार्क ,अपना ब्रांड का नाम ,पेटेंट ,और टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने की स्वीकृति या अधिकार किसी को देती है तो यह प्रक्रिया फ़्रेंचाइज़िंग कहलाती है इसका उद्देश्य अपनी कंपनी के ब्रांड का बड़े लेवल पर विस्तार करना है। जब किसीकपनी या किसी व्यक्ति द्वारा फ़्रेंचाइज़िंग ली जाती है तो इसके लिए उस कंपनी या व्यक्ति को कुछ लाइसेंस शुल्क(पेमेंट) को चुकाना होता है जिसे रॉयल्टी के नाम से जाना जाता है।
  • ब्रांचेज-अन्य कसीस भी देश में MNC कम्पनी द्वारा स्थापित ब्रांचेज को हेडऑफिस कण्ट्रोल करता है।
  • सब्सिडरी-MNC कंपनी को अन्य देशों में कुछ अन्य कंपनी भी हेल्प करती है। सब्सिडरी कंपनी को हेल्पिंग कंपनी कहा जाता है जो की MNC कंपनियों को उनके विकास और विस्तार के लिए सहायता प्रदान करती है।
  • जॉइंट वेंचर्स –MNC द्वारा अन्य किसी देश में दूसरी कंपनी के साथ में पार्टनरशिप की जाती है या मर्ज हो जाती है। जॉइंट वेंचर कहलाता है।
  • टर्न की प्रोजेक्ट –इसमें MNC कंपनियों द्वारा विदेशों में प्रोजेक्ट को लिया जाता है जब प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो इसको होस्ट कंट्री को दे दिया जाता है। यह प्रोजेक्ट अंडर डेवेलप कंट्री प्रयोग में लायी जाती हैं।

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