Holika Dahan 2022 LIVE: आज है होलिका दहन, पूजा के समय जरूर पढ़ें ये कथा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

होलिका दहन का नाम तो आपने सुना ही होगा होलिका दहन भी सभी करते है ,अगले दिन होली भी सभी मनाते है क्या आप जानते है होलिका दहन क्यों किया जाता है, होलिका दहन करने की वजह क्या है। होलिका दहन हिन्दुओ का सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्यौहार है ,इसे फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंग-गुलाल से होली बड़े ही धूमधाम से खेली जाती है तरह तरह के पकवान मिठाईया गुजिया आदि बनाई जाती है। सभी लोग नाचते है गाते है होली त्यौहार को सेलिब्रेट करते है होलिका दहन को होली से एक दिन पहले संध्या में Holika Dahan किया जाता है खुशी ख़ुशी सब इस त्यौहार को सेलीब्रेट करते है आज हम आपको बेहद इंट्रस्टिंग टॉपिक के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे है जिससे आप जब त्यौहार मनायेंगे उससे पहले आपको जानकारी रहेगी आप त्यौहार अच्छे से सेलिब्रेट कर सकेंगे, आइये होलिका दहन, पूजा का समय, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि के बारे में।

Holika Dahan 2022 LIVE: आज है होलिका दहन, पूजा के समय जरूर पढ़ें ये कथा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि
Holika Dahan 2022आज है होलिका दहन, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

होलिका दहन की कथा

आज हम आपको बताने जा रहे है Holika Dahan की कथा बताने जा रहे है। होलिका दहन का पौराणिक महत्व भी है। इस त्योहार को लेकर सबसे प्रचलित है प्रहलाद, होलिका और हिरण्यकश्यप की कहानी प्राचीन काल के समय में हिरण्यकश्यपु नाम के राक्षस थे जिन्होंने भक्ति आराधना तप करके भगवान ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कोई मनुष्य देवी देवता जीव जंतु उन्हें नहीं मार सकता उन्हें इस शक्ति पर काफी घमंड था उनका घमंड दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था जिससे वह खुद को भगवान मान बैठे उसके कुछ समय पश्चात हिरण्यकश्यपु के बेटे ने जन्म लिया जिनका नाम प्रहलाद था बचपन से ही प्रहलाद विष्णु भगवान जी के बहुत बड़ा भक्त थे और हिरण्यकश्यपु विष्णु भगवान जी का सबसे बड़ा दुश्मन था क्योकि हिरण्यकश्यपु चाहते थे प्रहलाद अपने पिता को माने और उनकी पूजा करें इसके प्रहलाद के पिता प्रहलाद को मारना चाहते थे क्योंकि प्रहलाद विष्णु भगवान जी के भक्त थे हिरण्यकश्यपु ने प्रहलाद को मारने के लिए अधिक प्रयास करे हार मानकर हिरण्यकश्यपु ने अंत में होलिका को अपने पास बुलाया और कहा तुम प्रहलाद को अपने साथ लेकर आग में बैठ जाओ ,होलिका यह जानती थी अग्नि उसे भस्म नहीं कर सकती क्योकि उसे वरदान प्राप्त था अंत में होलिका जल गयी और प्रहलाद बच गए आग में जलाने की शक्ति खुद भगवान देते है। प्रहलाद विष्णु भगवान के सच्चे भक्त थे इसलिए अग्नि ने भी उनका साथ दिया।

होलिका दहन शुभ मुहर्त 2022

होलिका दहन फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है प्रदोष काल में पूर्णिमा उपस्थित हो उस समय होलिका दहन किया जाता है उस समय भद्रा नहीं होनी चाहिए इस साल 2022 में 17 मार्च को चतुर्दशी की तारीख दिन में 1 बज के 37 मिनट में लग रहा है पूर्णिमा तिथि 18 मार्च को दिन में 12 बजकर 46 मिनट में शुरू होगी भद्रा रहित मुहर्त में होलिका दहन किया जाता है 17 मार्च को दिन के 1 बजकर 30 मिंट से लेकर रात को 1 बजकर 13 मिनट तक भद्रा रहेगी। प्रदोष काल केसाथ साथ भद्रा हो अगर ऐसी स्थिति आती है भद्रा का समय जब शुरू होता है उसको छोड़कर भद्रा का अंतिम समय में होलिका दहन किया जाता है है 2022 में 17 मार्च को 9 बजकर 20 मिनट से लेकर 10 बज के 31 मिनट तक होलिका दहन कर सकते है या भद्रा समाप्त होने के बाद 1 बज के13 मिनट के बाद Holika Dahan कर सकते है।

पंचांग में 7 वे करण का नाम विष्टी मानते है विष्टी को भद्रा नाम से जाना जाता है वैसे भद्रा सूर्य की पुत्री शनि की बहन है यह बहुत ज्यादा क्रोधी है भद्रा बहुत ही अशुभ मानी जाती है।

किन बातो का ध्यान रखे

अब हम आपको महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं।

  • दोपहर में सभी चीजे बना कर रखते है जो त्यौहारों में मनाई जाती है
  • सभी खाने से संबंधित कार्य सूर्य के अस्त होने से पहले करे।
  • तवा ना चढ़ाये।
  • भगवान को भोग लगाए पित्रो की थाली में पित्रो को भोग लगाए।
  • लगाये हुए भोग को आप गाय को या पंडित या गरीब को दे सकते है।

होलिका दहन की सामाग्री

आइये जानते है Holika Dahan में किन किन सामग्रियो की आवश्यकता होती है अगर आप भी जानना चाहते है तो ध्यानपूर्वक देखे।

  • पूजा की थाली
  • कुमकुम ,चावल
  • कलावा ,नारियल साबुत
  • कच्चा कुकड़िया ,कच्चा सूत
  • रंग
  • लॉन्ग ,कपूर ,फूल
  • हल्दी की गाँठ
  • जौ की बाली ,चने की झाडी
  • भोग
  • गोबर के कंडे
  • होलिका को चढ़ाने के लिए चुन्नी
  • आते का दीपक या मिटटी का दीपक
  • पानी का लौटा
  • अगरबत्ती, धूप ,माचिस

ठंडी होली की पूजा कैसे करें

अब हम आपको बताने जा रहे है ठंडी होली की पूजा कैसे की जाती है।

  • जहाँ पर आप सभी ने मिलकर होलिका दहन की तैयारी जी गयी है सबसे पहले आपको उस स्थान में जाना होगा।
  • उस स्थान पर पहुंचने के बाद होलिका दहन करते हुए डांडा को अलग कर दिया जाता है सबसे पहले डांडा की पूजा की जाती है डांडा को प्रहलाद का स्वरूप माना जाता है इसलिए डांडा की पूजा की जाती है।
  • अब प्रहलाद होलिका दोनों को पिठाई लगाये।
  • अब आप पूजा करें पूजा करने के पश्चात आपको जो भी व्यंजन लाये है सभी व्यंजनों का भोग लगाना है।
  • बड़कुल्ले की माला चढ़ाये अर्थात गोबर के कंदो की माला चढ़ाये उसके पश्चात आपको सूत को लपेटते हुए आपको सात बार परिक्रमा करनी होगी।
  • इसके पश्चात आप दिया जलाये ठंडा पानी डाले खुद पर बच्चो पर तिलक लगाये।
  • उसके बाद आप घर जा सकते है।

होलिका दहन करते हुए होली के गीतों को बड़े जोर शोर से गाया जाता है।

नोट अगर आपने व्रत रखा है तो आप इस प्रक्रिया को करने के बाद अपना व्रत खोल सकते है अब आप पूजन करने के बाद होली की पूजा कर सकते है।

इस प्रकार ठंडी होली की पूजा की जाती है।

होलिका दहन की प्रक्रिया

होलिका दहन कैसे किया जाता है आइये जानते है अगर आप भी जानना चाहते है नीचे दी गयी प्रक्रिया देखे जिससे आप भी इसी विधि विधान से Holika Dahan कर सके।

  • जहाँ ठंडी होली की पूजा की है वही पर आप जाये।
  • पुरुष लोग गोबर के कंडे साथ में लेकर जाये
  • होली जलने के बाद डंडा निकाल लिया जाता है।
  • जो सामग्री आप लेकर गए है जैसे जौ चने की झाडी आदि लेकर गये है आप अग्नि में डाल कर अग्नि के चारो तरफ चार या 7 चक्कर लगाकर परिक्रमा करें।
  • परिक्रमा करते हुए आपको ओम नमो भगवते वाशु देवाय का जाप करके परिक्रमा करनी है।
  • अब लौटे जो जल है अब आप उसे वहां डाले।
  • उसके बाद पुरूष घर आ सकते है।
  • महिलाये होली के गीत गए सकती है कथा सुन सकती है।
  • आपने जो सामाग्री रखी थी जैसे हल्दी की गाँठ कच्चा कुकड़िया आदि उन्हें होली की अग्नि दिखाये।
  • पुरुष होलिका की अग्नि को घर लेकर आये।

नोट – शीतला माता की हनुमान जी की पितृ छत की माला ना घर पर रखे इसके अलावा Holika Dahan के लिए बाकी सभी माला लेकर जाये।

कहा जाता है होलिका की अग्नि में मक्की पापड आदि सेके जाते है कहा जाता है Holika Dahan में सकी गयी चीजों को प्रसाद के रूप खाया जाता है इसको खाने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।

इस प्रकार होलिका दहन किया जाता है।

आशा करते है आपको हमारे द्वारा बतायी गयी जानकारी पसंद आयी होगी अगर आप होलिका दहन आर्टिकल से सम्बंधित कोई प्राप्त करने के इच्छुक है तो आप हमारे साथ आर्टिकल के अंत तक जरूर बने रहे जिससे हम आपको जानकारी दे सके।

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