lampi virus क्या है। जानें क्या हैं लंपी वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके

तो दोस्तों आप सभी यह तो जानते ही हैं की आज के समय में नए नए वायरस आते रहते हैं। जैसे की – कोरोना वायरस, मोनकेपॉक्स आदि। जिससे की इंसान, जानवर, पक्षी सब पीड़ित हो जाते हैं। उन्ही वायरस की तरह एक नया वायरस आया हैं जिसका नाम हैं लंपी वायरस। यह वायरस आज के समय में यह वायरस मवेशियों में फैला हुआ हैं। इसकी वजह से कई हजार मवेशियों की जान जा चुकी हैं। यह वायरस सबसे पहले अफ्रीका में फैला था और यह वायरस दूसरे जानवरों के संपर्क में आने से भी फेल रहा हैं तो इसलिए अवश्य हैं की आपको अपने पशुओं के साथ सावधानी बरतनी पड़ेगी। तो दोस्तों क्या आप जानते हैं की lampi virus क्या हैं ? अगर नहीं तो उसके लिए आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि इस लेख में हमने इससे सम्बंधित सभी जानकारी दी हैं तो कृपया इसको पूर्ण रूप से अंत तक पढ़े।

lampi virus क्या है। जानें क्या हैं लंपी वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके
lampi virus क्या है ?

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lampi virus क्या है ?

lampi virus एक प्रकार की बीमारी हैं जो की मवेशियों को हो रहीं हैं। यह एक प्रकार की स्किन की बीमारी हैं। यह बीमारी मवेशियों के स्किन को ग्रसित कर रहीं हैं। इसके कारण हजारों की तादात में मवेशियों की मृत्यु हो चुकी हैं। माना जाता हैं की यह बीमारी मक्खी,मच्छर व टिक्स के कारण फेल रहीं हैं। माना जाता हैं की इस बीमारी की शुरुआत अफ्रीका से हुई हैं और भारत में यह बीमारी पाकिस्तान के जरिये आई हैं। हालाँकि वर्तमान समय में इस बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की भी शुरुआत हो चुकी हैं। यह बीमारी एक गाय से दूसरे गाय में केवल संपर्क आने पर फेल रही हैं। इस बीमारी को गांठदार त्वचा रोग वायरस’ (एलएसडीवी) भी कहा जाता हैं।

जिन गायों में कम रोग प्रतिरोधक क्षमता हैं यह अधिकतर उन्ही गायो में फेल रहा हैं। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि जिन गायों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती हैं उनको बाकी संक्रमण भी जल्दी फैलते हैं। फिलहाल यह बीमारी राजस्थान और गुजरात सहित 10 राज्यों में फैली हुई हैं। lampi virus की तीन प्रजातियां होती हैं पहली ‘कैप्रिपॉक्स वायरस‘, दूसरी गोटपॉक्स (Goatpox) वायरस और तीसरी शीपपॉक्स (SheepPox) वायरस.

लंपी वायरस के लक्षण

यहाँ पर हम आपको लंपी वायरस के कुछ लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं ताकि आप भी जान सकें की अगर कोई लंपी वायरस से ग्रसित हैं। ताकि आप उस गाय का जल्द से जल्द इलाज करवा सकें।

  1. अगर कोई पशु इस लंपी वायरस के चपेट आ जाती हैं तो सबसे पहले उस गाय को बुखार होने लगेगा और वह गाय अपने सुस्त रहने लगेगी।
  2. अगर कोई गाय इस वायरस की चपेट में आती हैं तो उसकी आंखों और नाक से स्राव होता है और उस गाय के मुँह से लार भी टपकने लगती हैं।
  3. जब किसी गाय को यह बीमारी हो जाती हैं तो उस गाय की दूध देने की क्षमता कम हो जाती हैं।
  4. जब इस वायरस की चपेट में कोई गाय आ जाती हैं तो उस गाय के शरीर पर छाले पड़ने लगते हैं और उन चालों की वजह से उस गाय को काफी तकलीफ होने लगती हैं।
  5. इस वायरस के होने के कारण वह पशु अपना चारा भी नहीं खाती व पानी भी नहीं पीते हैं।

लंपी वायरस से बचाव के तरीके

तो दोस्तों यहाँ पर हम आपको लंपी वायरस से बचाव के तरीको के बारे में बताने वाले हैं।

  1. अगर किसी गाय को यह वायरस हो जाता हैं तो उस गाय को बाकी गायों से अलग करदे ताई बाकी पशुओं में यह फेल न सकें।
  2. क्योंकि यह बीमारी मक्खी, मच्छर, व ततैया, से भी फेल रही हैं इसलिए अपने पशुओं के रहने की जगह को साफ़ रखे ताकि उनके आसपास यह चीजें न आ सकें।
  3. जिस चीज में पशु खाना खाते हैं या पानी पीते हैं उन चीजों को पूर्ण रूप से साफ़ रखे।
  4. अपने पशुओं के केवल साफ़ चारा ही खिलाये।
  5. संक्रमित पशु के खाने व पीने के बर्तन को बाकी पशु से अलग रखें।
  6. अगर आपके आसपास कोई संक्रमित क्षेत्र हैं तो उस क्षेत्र से पशु को आना जाना बंद करें।
  7. संक्रमित पशु के आस पास कीटाणु मरने वाले केमिकल का छिड़काव करें।
  8. ध्यान रहे जब आप अपने पशु का सैंपल ले रहे हो तो उस समय आपको सावधानी बरतनी होगी। पीपीई किट का प्रयोग करें।

लंपी वायरस से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके उत्तर

लंपी वायरस क्या हैं ?

lampi virus एक प्रकार की बीमारी हैं जो की मवेशियों को हो रहीं हैं। यह एक प्रकार की स्किन की बीमारी हैं। यह बीमारी मवेशियों के स्किन को ग्रसित कर रहीं हैं। इसके कारण हजारों की तादात में मवेशियों की मृत्यु हो चुकी हैं।

इस वायरस की शुरुआत कहा से हुई थी ?

इस वायरस की शुरुआत अफ्रीका से हुई थी।

भारत में यह वायरस कहा से आया हैं ?

माना यह जाता हैं की भारत में यह वायरस पाकिस्तान के जरिये आया हैं।

lampi virus की कितनी प्रजातियां हैं ?

lampi virus की तीन प्रजातियां हैं – पहली ‘कैप्रिपॉक्स वायरस‘, दूसरी गोटपॉक्स (Goatpox) वायरस और तीसरी शीपपॉक्स (SheepPox) वायरस.

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