जानिए (DAC) डिजिटल एड्रेस कोड कैसे जारी होंगे? | डिजिटल एड्रेस कोड की पूरी जानकारी | Digital Address Codes ke Fayade

वर्तमान युग तकनीक का युग है। तकनीक के माध्यम से सभी व्यक्तियों, वस्तुओं एवं सेवाओं को डिजिटल पहचान दी जा रही है। ऐसे में भला आपका घर पीछे क्यों रहे ! जी हाँ जल्द ही आपके घर को भी डिजिटल पहचान मिलने वाली है। चौंक गए ना ! घर को डिजिटल पहचान। जी हाँ जल्द ही सरकार द्वारा देश के सभी घरों को डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) के माध्यम से डिजिटल पहचान प्रदान की जाने वाली है। ऐसे में आपके घर की भी अपनी यूनिक पहचान यानी अड्रेस होगा साथ ही डिजिटल एड्रेस कोड के माध्यम से आप विभिन सेवाओं का लाभ भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। अब आपके मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल आ रहा होगा की यह डिजिटल एड्रेस कोड (Digital Address Code) क्या होता है ?

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Digital Address Code

चलिए आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले है डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) क्या है ? इसकी आवश्यकता एवं कार्यविधि क्या है। साथ ही डिजिटल एड्रेस कोड की पूरी जानकारी प्राप्त करने के अतिरिक्त आपको इस आर्टिकल के माध्यम से डिजिटल एड्रेस कोड के लाभ, विशेषताएँ एवं इससे सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओ के बारे में भी जानकारी प्रदान की जाएगी।

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) क्या है ?

जल्द ही आपके घर को नयी पहचान मिलने वाली है। जी हाँ सरकार द्वारा डाक विभाग की मदद से देश के सभी घरो के लिए डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) जारी किए जाने वाले है। हालांकि अभी भी आपके मन में यह सवाल होगा की डिजिटल एड्रेस कोड (Digital Address Code) क्या है। डिजिटल एड्रेस कोड या DAC डिजिटल रूप से तैयार किया गया किसी स्थान का पता होता है जो की हर एक लोकेशन के लिए यूनिक होता है। डिजिटल एड्रेस कोड के तहत सभी अड्रेस को 12 अंकों का एक यूनीक कोड प्रदान किया जायेगा जिसकी सहायता से आसानी से किसी भी स्थान की लोकेशन पता की जा सकेगी। सरल शब्दो में कहा जाए तो डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) किसी भी अड्रेस के लिए आधार कार्ड की तरह कार्य करेगा जो की सम्बंधित स्थान को यूनिक पहचान प्रदान करेगा।

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सरकार द्वारा देश के सभी आवासीय पतों एवं कार्यालयों के लिए डिजिटल एड्रेस कोड जारी करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है जिससे सभी अड्रेस को आसानी से एक्सेस किया जा सकेंगे।डिजिटल एड्रेस कोड की सहायता से किसी भी स्थान को DAC नंबर के माध्यम से आसानी से सर्च किया जा सकेंगा साथ ही ऑनलाइन सुविधाएँ, अड्रेस वेरिफिकेशन (address verification) ऑनलाइन डिलीवरी एवं अन्य आधुनिक सुविधाओं को सभी नागरिको तक आसानी से पहुँचाया जा सकेगा।

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC), क्या है आवश्यकता

वर्तमान समय में विभिन सेवाओं के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र एवं इसी प्रकार के अन्य दस्तावेजों को अड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस प्रकार के अड्रेस को डिजिटली प्रमाणित करना मुश्किल होता है चूँकि इसके लिए digital location की आवश्यकता होता है। इससे विभिन स्थितियों में धोखाधड़ी एवं अवैध कार्यों की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही कई बार फर्जी अड्रेस के माध्यम से जमीन-खरीद फरोख्त, ऑनलाइन खरीददारी में फर्जीवाड़ा, लम्बे एवं जटिल अड्रेस के कारण समस्या एवं अन्य प्रकार की शिकायतें सामने आती रहती है।

इन सभी समस्याओ के मद्धेनजर सरकार द्वारा सभी नागरिको को डिजिटल रूप से प्रमाणित डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) प्रदान किया जायेगा जिससे की सभी अड्रेस को एक यूनिक पहचान मिल सकेगी। इससे आसानी से 12 अंकों के डिजिटल एड्रेस कोड डिजिट के माध्यम से या अड्रेस हेतु जारी QR code के माध्यम से किसी अड्रेस को एक्सेस किया जा सकेगा।

कैसे काम करेगा डिजिटल एड्रेस कोड (DAC)

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) को संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग द्वारा देश के लगभग 75 करोड़ घरो को जारी किया जायेगा। डिजिटल एड्रेस कोड के तहत सरकार द्वारा भू-निर्देशांक एवं जियोस्पेशियल कोऑर्डिनेट्स (geospatial coordinates) तकनीक की मदद से प्रत्येक लोकेशन को 12 अंको की डिजिटल लोकेशन (भू-स्थानिक निर्देशांक) प्रदान की जाएगी जो की प्रत्येक स्थान के लिए यूनिक या अद्वितीय होगी। इस 12 अंकों के डिजिटल एड्रेस कोड की सहायता से किसी भी स्थान को डिजिटली वेरीफाई किया जा सकेगा साथ ही इस कोड की मदद से जगह की लोकेशन भी पता की जा सकेगी।

अब किसी भी स्थान को गली, मोहल्ले, चौराहे या PIN कोड के बजाय DAC Code के माध्यम से आसानी से खोजा जा सकेगा साथ ही क्यूआर कोड की मदद से इसे स्कैन भी किया जा सकता है।

कितने डिजिट का होगा Digital Address Code?

सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला Digital Address Code या DAC Code कुल 12 अंको का होगा जिसे देश के 75 करोड़ घरों को उपलब्ध कराया जायेगा। 12 अंको का डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) वास्तव में किसी स्थान के लिए आधार कार्ड भी भाँति कार्य करेगा जिसे की DAC Code एवं क्यूआर कोड की सहायता से आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा। डाक विभाग द्वारा प्रत्येक अड्रेस को वेरिफाई करने के पश्चात ही नागरिको को डिजिटल एड्रेस कोड प्रदान किया जायेगा।

Digital Address Code, क्यों है खास

Digital Address Code 12 अंको का यूनिक डिजिटल अड्रेस होगा जो की प्रत्येक लोकेशन के लिए अलग-अलग होगा। geo special Co-ordinate एवं आधुनिकतम तकनीकों के माध्यम से तैयार किया गया डिजिटल एड्रेस कोड वास्तव में किसी भी स्थान की वास्तविक लोकेशन के बारे में जानकारी प्रदान कर सकेगा। QR Code एवं DAC Code के माध्यम से एक्सेस होने वाले Digital Address Code के माध्यम से Digital Map भी देखा जा सकता है साथ ही यह प्रत्येक अड्रेस के लिए स्थायी भी होगा।

Digital Address Code के लाभ

  • Digital Address Code के माध्यम से प्रत्येक घर को यूनिक नंबर प्रदान किया जायेगा जिससे की नागरिको को सभी डिजिटल सुविधाएँ आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
  • डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) के माध्यम से सभी अड्रेस को आसानी से डिजिटल माध्यम से वेरीफाई किया जा सकेगा जिससे की विभिन प्रकार की धोखाधड़ी पर भी रोक लगायी जा सकेगी।
  • बैंकिंग, बीमा, टेलिकॉम, इंश्योरेंस सेक्टर, डिजिटल सेवाओं एवं सरकार द्वारा प्रदान की जा रही विभिन सुविधाओं को Digital Address Code के माध्यम से आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।
  • जियो स्पेशल को ऑर्डिनेट्स से जुड़ा डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) सभी अड्रेस का वास्तविक लोकेशन बताने में सहायक होगा।
  • DAC online authentication, एवं विभिन सरकारी एवं निजी सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं हेतु digital EKYC प्रक्रिया भी DAC के माध्यम से आसानी से पूरी की जा सकेगी।
  • ऑनलाइन डिलीवरी एवं अन्य ऑनलाइन सुविधाएँ भी अब डिजिटल एड्रेस कोड की सहायता से आसानी सटीक लोकेशन पर प्राप्त की जा सकेगी।
  • डिजिटल एड्रेस कोड के माध्यम से विभिन सेवाओं के सञ्चालन में पारदर्शिता प्रदान की जा सकेगी।

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) सम्बंधित अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) क्या है ?

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला 12 अंको का डिजिटल कोड है जिसकी सहायता से प्रत्येक अड्रेस को यूनिक पहचान प्रदान की जा सकेगी।

DAC की फुल-फॉर्म क्या है ?

DAC की फुल-फॉर्म Digital Address Code (डिजिटल एड्रेस कोड) है जो की किसी भी स्थान का यूनिक पता होगा।

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) कुल कितने अंको का होगा ?

डाक विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) 12 अंकीय डिजिटल पता होगा जिसकी सहायता से किसी भी स्थान को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।

Digital Address Code किस प्रकार कार्य करता है ?

पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया जाने वाला Digital Address Code देश के 75 करोड़ अड्रेस को जारी किया जायेगा जिसके तहत प्रत्येक अड्रेस को 12 अंको का यूनिक कोड दिया जायेगा। इस कोड की सहायता से आसानी से सम्बंधित स्थान की लोकेशन की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) के क्या फायदे होंगे ?

Digital Address Codes ke Fayade के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ऊपर दिया गया आर्टिकल पढ़े। इसकी सहायता से आप आसानी से डिजिटल एड्रेस कोड (DAC) के फायदों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

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