CWG 2022 गोल्ड मेडल विनर जेरेमी लालरिनुंगा का जीवन परिचय Jeremy Lalrinnunga Biography in hindi

लंदन के बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के खिलाडियों में जेरेमी लालरिनुंगा ने देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। Birmingham 2022 Commonwealth Games में 300 किलोग्राम भार उठाकर जेरेमी लालरिनुंगा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है ऐसे में 19 वर्षीय जेरेमी ने करोड़ो देशवासियों को खुश होने का मौका दे दिया है। राष्ट्रमंडल खेलों में चोटिल होने के बावजूद रिकॉर्ड 300 किलोग्राम का वजन उठाकर जेरेमी ने स्वर्ण को अपने नाम किया है और मात्र 19 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की है। ऐसे में सभी लोगों में इस जवान खिलाडी के बारे में जानने की उत्सुकता पैदा हुयी है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको CWG 2022 गोल्ड मेडल विनर जेरेमी लालरिनुंगा का जीवन-परिचय (Jeremy Lalrinnunga Biography in hindi) देने वाले है ताकि इनकी प्रेरणादायक कहानी से देश के सभी नागरिक परिचित हो सके तो चलिए शुरू करते है जेरेमी लालरिनुंगा का जीवन परिचय

Jeremy Lalrinnunga Biography in hindi
Jeremy Lalrinnunga Biography

जेरेमी लालरिनुंगा का जीवन परिचय (Jeremy Lalrinnunga Biography)

जेरेमी लालरिनुंगा भारत के भारोत्तोलन के खिलाडी है जिन्होंने लंदन में बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलो में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। आपको बता दे की जेरेमी की वर्तमान उम्र सिर्फ 19 वर्ष है और उन्होंने इतनी छोटी उम्र में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। भारोत्तोलन में जेरेमी ने कुल 300 किलोग्राम का रिकॉर्ड भार उठाया है जिसमे स्नैच में उन्होंने कुल 140 किग्रा का भार उठाया और क्लीन एंड जर्क में कुल 160 किलोग्राम का भार उठाकर उन्होंने कुल 300 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण अपने नाम किया। आपको बता दे की क्लीन एंड जर्क में तीसरे चरण के दौरान जेरेमी ने 165 किलोग्राम भार उठाने के लिए भी प्रयास किया था परन्तु इस कोशिश के दौरान उन्हें चोट आ गयी। इसके बावजूद वे अपने कठिन प्रयासों से स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे थे।

जेरेमी लालरिनुंगा प्रारंभिक जीवन

जेरेमी लालरिनुंगा का जन्म 26 अक्टूबर 2002 में सुदूर उत्तर-पूर्व में स्थित मिजोरम की राजधानी आईजोल में हुआ। जेरेमी लालरिनुंगा के पिता लालमैथुआवा राल्ते राज्य के ही लोक निर्माण विभाग में मस्टर रोल श्रमिक के रूप में कार्य करके अपने परिवार का गुजारा करते है वही उनकी माताजी का नाम लालमुआनपुई राल्ते है। जेरेमी लालरिनुंगा के चार भाई है और सभी मुक्केबाजी में प्रशिक्षित है। जेरी राल्टे जो की जेरेमी के सबसे बड़े भाई है प्रदेश के ही लोक निर्माण विभाग में कार्यरत है और प्रशिक्षित मुक्केबाज है। जेरेमी के पिता लालमैथुआवा राल्ते भी राज्य के जाने-माने मुक्केबाज रहे है और मुक्केबाजी में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दो पदक अपने नाम किये है।

Jeremy Lalrinnunga with gold medal

प्रारम्भ में जेरेमी ने अपने पिता द्वारा संचालित बॉक्सिंग अकादमी में एक पेशेवर मुक्केबाज के रूप में करियर बनाने की सोची और मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लिया। इसके पश्चात घर को आर्थिक हालात को देखते हुए उन्होंने राज्य के ही पॉवर वर्क्स डिपार्टमेंट में भी कार्य किया। गाँव के ही जिम में लड़कों को भार उठाते देखकर जेरेमी में भारोत्तोलन के प्रति आकर्षण विकसित हुआ और इसी का परिणाम रहा की उन्होंने भारोत्तोलन को अपना करियर बनाकर अपना पूरा ध्यान वेटलिफटिंग पर देना शुरू किया और अपने कठिन परिश्रम की बदौलत राष्ट्रमंडल खेलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

मुश्किलों से भरा रहा है जेरेमी का सफर

वर्ष 2011 में जब जेरेमी सिर्फ 9 वर्ष के थे तभी उनका सिलेक्शन आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) में टैलेंट स्काउटिंग में हुआ जहाँ उन्होंने अपनी भारोत्तोलन की ट्रेनिंग जारी रखी। इसके बाद उन्होंने इंडियन नेशनल कैंप, पटियाला में कोच विजय शर्मा से भारोत्तोलन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। 2016 में आयोजित्त विश्व जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने 56 किलोग्राम भार वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2017 में उनके भाई की शादी हुयी थी जिसमे की अपने प्रशिक्षण के कारण वह भाई की शादी में भी नहीं जा सके थे। ट्रेनिंग के कारण वे अपने परिवार से दूर रहकर अपने घर के खाने को बहुत याद करते थे साथ ही क्रिसमस के दौरान भी उन्होंने अपने प्रशिक्षण को जारी रखा था।

अपने कठिन प्रशिक्षण और मेहनत की बदौलत जेरेमी ने विश्व युवा चैंपियनशिप, एशियन यूथ एवं जूनियर चैंपियनशिप, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, जूनियर चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ यूथ में अपना सिक्का जमाया है और विभिन प्रकार के पदक प्राप्त किये है। इसके अतिरिक्त वे 67 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाले पहले भारतीय भी बन चुके है। साथ ही वर्ष 2022 में भारोत्तोलन में वे 67 किलोग्राम भार वर्ग में भी सोने को कब्ज़ा चुके है।

जेरेमी लालरिनुंगा द्वारा प्राप्त उपलब्धियाँ

जेरेमी लालरिनुंगा द्वारा इतनी छोटी उम्र में ही बड़ी-बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की गयी है। 2016 में विश्व युवा चैंपियनशिप रजत पदक जीतने से शुरू हुआ सफर आज राष्ट्रमंडल खेलो में स्वर्ण पदक तक पहुंच गया है। चलिए नजर डालते है जेरेमी लालरिनुंगा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर

  • विश्व युवा चैंपियनशिप (2016)- 56 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक 
  • राष्ट्रमंडल युवा चैंपियनशिप गोल्ड कोस्ट (2017)-  स्वर्ण पदक
  • कॉमनवेल्थ जूनियर चैंपियनशिप गोल्ड कोस्ट (2017)-  स्वर्ण पदक
  • युवा ओलंपिक, ब्यूनस आयर्स (2018)- स्वर्ण पदक
  • गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन (2021)- वार्षिक खेल पुरस्कार 

Birmingham 2022 Commonwealth Games भारोत्तोलन के 67 किलोग्राम भार वर्ग में रिकॉर्ड 300 किलोग्राम का वजन उठाकर जेरेमी लालरिनुंगा ने स्वर्ण पदक को भारत की झोली में डाला है। इसके साथ ही वे राष्ट्रमडंळ खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे युवा खिलाडियों में शामिल हो गए है।

Jeremy Lalrinnunga Biography से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नो के जवाब (FAQ)

जेरेमी लालरिनुंगा कौन है ?

जेरेमी लालरिनुंगा भारत के एक भारोत्तोलक खिलाड़ी है जिन्होंने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।

जेरेमी लालरिनुंगा का जीवन परिचय दें ?

जेरेमी लालरिनुंगा का जन्म 26 अक्टूबर 2002 में मिजोरम की राजधानी आईजोल में हुआ। प्रारम्भ में इन्होने एक मुक्केबाज के रूप में अपना प्रशिक्षण शुरू किया परन्तु बाद में इनका रुझान भारोत्तोलन की तरफ हो गया। कठिन प्रशिक्षण के दम पर इन्होने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इसके अतिरिक्त भी इनके नाम खेलों में कई उपलब्धियां दर्ज है।

जेरेमी के प्रशिक्षक कोच का क्या नाम है ?

जेरेमी के प्रशिक्षक कोच प्रारम्भ में माल्सावमा खियांगते थे। बाद में पटियाला में भारतीय भारोत्तोलन कोच विजय शर्मा जो की  इंडियन नेशनल कैंप में कार्यरत थे से जेरेमी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

जेरेमी ने राष्ट्रमंडल खेलों में कितने किलोग्राम का वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता ?

जेरेमी ने राष्ट्रमंडल खेलों में 67 किलोग्राम भार वर्ग में रिकॉर्ड 300 किलोग्राम का वजन उठाकर स्वर्ण पदक को अपने नाम किया है। इसमें उन्होंने स्नैच में कुल 140 किग्रा का भार उठाया और क्लीन एंड जर्क में कुल 160 किलोग्राम का भार उठाया है।

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