Indian Army Day 2023 | भारतीय सेना दिवस कब है, थल सेना दिवस

भारत के इतिहास में 15 जनवरी के दिन का ख़ास महत्व है। इस दिन भारत की एकता, अखंडता एवं रक्षा के लिए 24 घंटे तत्पर रहने वाली भारतीय सेना के शौर्य एवं सम्मान हेतु भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। भारतीय सेना का देश के नागरिको के दिल में हमेशा से ही ख़ास स्थान रहा है। अनेक मुश्किलों का सामना करते हुए भी देश की रक्षा के लिए अपना सर्वश्व न्यौछावर करने वाली भारतीय सेना के वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान को नमन करने हेतु Indian Army Day का आयोजन किया जाता है। सेना दिवस के अवसर पर सभी सैन्य मुख्यालयों में परेड एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह दिवस भारत के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day 2023) के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले है। साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से आपको थल सेना दिवस के इतिहास के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।

Vijay Diwas 2022: जब एक नए राष्ट्र ने लिया था जन्म

भारतीय सेना दिवस

थल सेना दिवस (Indian Army Day)

भारतीय सेना देश के करोड़ो देशवासियों के गर्व का प्रतीक है। इतिहास में विभिन समय पर दुश्मन देश से रक्षा हेतु देश के हजारों सैनिकों ने अपना उच्चतम बलिदान दिया है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के लेकर बांग्लादेश की आजादी एवं श्रीलंका में शांति स्थापित करने से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ की पीस कीपिंग फ़ोर्स (Peace Keeping force) में भारतीय सैनिको ने हमेशा ही साहस एवं त्याग का परिचय दिया है। देश की सेना के शौर्य एवं बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करने एवं देश के नागरिको के मध्य भारतीय सेना के वीर जवानो के उच्चतम त्याग एवं बलिदान के प्रति श्रद्धांजलि प्रकट करने हेतु प्रतिवर्ष थल सेना दिवस (Indian Army Day) का आयोजन किया जाता है।

इंडियन आर्मी में पद और रैंक | Indian Army Rank List in Hindi

भारतीय सेना दिवस कब मनाया जाता है ?

भारतीय सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने हेतु थल सेना दिवस (Indian Army Day) प्रतिवर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है। थल सेना दिवस के अवसर पर देश के विभिन भागों में भारतीय सेना के साहस एवं बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है। इस दिवस के अवसर पर मातृभूमि के लिए अपना बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की जाती है।

Indian Army Day का इतिहास

भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day) प्रतिवर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है। भारतीय थल सेना दिवस को प्रतिवर्ष 15 जनवरी को मनाने के पीछे भी रोचक इतिहास छुपा हुआ है। दरअसल औपनिवेशिक शासन के दौरान भारतीय सैनिकों को सेना में उच्च पदों से वंचित रखा जाता था। ब्रिटिश इंडियन आर्मी में सेना के उच्च अधिकारी पदों पर सिर्फ अंग्रेज अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाता था। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिलने के पश्चात वर्ष 1949 में प्रथम बार कोई भारतीय, भारतीय सेना के अध्यक्ष पद पर नियुक्त हुआ था।

भारत की स्वतंत्रता के पश्चात प्रथम बार 15 जनवरी 1949 को भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करिअप्पा को भारतीय सेना के अध्यक्ष पद की कमान सौपी गयी थी। इससे पूर्व इस पद पर ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर तैनात थे। लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करिअप्पा भारतीय सेना के प्रथम भारतीय नागरिक थे जो अध्यक्ष पद पर तैनात हुए थे। इस ऐतिहासिक दिन को याद करने के लिए प्रतिवर्ष 15 जनवरी को Indian Army Day मनाया जाता है।

World Hindi Diwas 2023: विश्व हिंदी दिवस

जाने के. एम. करिअप्पा के बारे में

भारतीय सेना के प्रथम भारतीय अध्यक्ष के रूप में प्रसिद्ध लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करिअप्पा (K. M. Cariappa) का जन्म 28 जनवरी 1899 को कर्नाटक राज्य के कुर्ग प्रांत में हुआ था। इन्हे बचपन में चिम्मा के नाम से भी जाना जाता था। प्रारम्भ से ही सेना में जाने की रुचि रखने वाले के. एम. करिअप्पा द्वारा अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के पश्चात कॉलेज के दिनों में सेना में भर्ती के लिए आवेदन किया गया जहाँ उनका चयन हो गया। वर्ष 1920 में सेना में अस्थायी एवं वर्ष 1922 में स्थायी कमीशन प्राप्त करने के पश्चात वे नियमित रूप से अपनी सेवाएँ देने लगे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ब्रिटिश इंडियन आर्मी में विभिन महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया एवं अपनी प्रतिभा को साबित किया।

General_K._M._Cariappa

भारत की स्वतंत्रता के पश्चात 15 जनवरी 1949 को उन्होंने भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। इस पद पर नियुक्त होने वाले वे प्रथम भारतीय थे। के. एम. करिअप्पा के सम्मान में ही प्रतिवर्ष 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है।

के. एम. करिअप्पा की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

भारत के प्रथम भारतीय सेना अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करिअप्पा द्वारा अपने कार्यकाल में विभिन महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गयी है। यहाँ आपको लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करिअप्पा द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है :-

  • 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व
  • ब्रिटिश सेना की किसी बटालियन को कमांड करने वाले प्रथम भारतीय
  • द्वितीय विश्व युद्ध में हायर आर्मी अफसर के रूप में कार्य
  • भारत के प्रथम फील्ड मार्शल

भारतीय सेना दिवस सम्बंधित अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भारतीय सेना दिवस का आयोजन क्यों किया जाता है ?

भारतीय सेना दिवस का आयोजन भारतीय सेना के शौर्य एवं उच्चतम बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करने एवं देश की रक्षा में सेना के अमूल्य योगदान के प्रति आभार प्रकट करने के लिए किया जाता है।

Indian Army Day कब मनाया जाता है ?

Indian Army Day प्रतिवर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है।

भारतीय सेना दिवस को 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है ?

15 जनवरी 1949 को ही भारतीय सेना का अध्यक्ष पद प्रथम बार भारतीय अधिकारी के. एम. करिअप्पा के द्वारा संभाला गया था। भारतीय सेना में प्रथम भारतीय अध्यक्ष की नियुक्ति एवं के. एम. करिअप्पा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए प्रतिवर्ष 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारतीय सेना के प्रथम भारतीय सेना अध्यक्ष कौन थे ?

भारतीय सेना के प्रथम भारतीय सेना अध्यक्ष के. एम. करिअप्पा थे। इससे पूर्व ब्रिटिश इंडियन आर्मी में ब्रिटिशर्स ही भारतीय सेना के अध्यक्ष पद पर तैनात होते थे।

भारतीय सेना का गठन कब हुआ ?

भारतीय सेना का गठन 1 अप्रैल 1895 को हुआ था। पूर्व में इसे ब्रिटिश इंडियन आर्मी कहा जाता था।

भारतीय सेना दिवस को किस प्रकार मनाया जाता है ?

Indian Army Day के मौके पर दिल्ली स्थित करियाप्पा परेड मैदान में सेना की परेड से होती है। इसके पश्चात अमर जवान ज्योति स्थल पर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। साथ ही दिल्ली में सेना मुख्यालय में इस दिन विभिन प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। देश के सभी हेड कमांड सेंटर एवं देश के विभिन भागो में भी इस दिन भारतीय सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने हेतु विभिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

Leave a Comment

Join Telegram