भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार की जानकारी | Election Process Type of System in India information in hindi

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। चूँकि हमारे देश में नागरिको को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार होता है ऐसे में भारत की चुनावी प्रक्रिया पूरी दुनिया में सबसे बड़ी होती है। चुनाव में नागरिक अपने मत का उपयोग करके विभिन प्रतिनिधियों का चुनाव करते है ऐसे में चुनावी प्रक्रिया ही देश में लोकतंत्र का वास्तविक प्रतिनिधित्व करती है। हमारे देश में चुनाव 5 वर्षो के अंतराल में कराये जाते है जिसमे की सम्पूर्ण देश के 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के नागरिक वोट डालने के पात्र होते है।

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भारत में चुनाव की प्रक्रिया

देश की चुनावी प्रक्रिया को समझने एवं इसके सम्बन्ध के बारे में जानकारी के लिए हमे भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार की जानकारी (Election Process Type of System in India information in hindi) होना आवश्यक है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से आपको भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार की जानकारी सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओ के साथ प्रदान की गयी है।

भारत में चुनाव की प्रक्रिया

भारत एक विशाल देश है। यहाँ के सभी नागरिको को संविधान द्वारा मत का अधिकार दिया गया है। हमारे देश में जनप्रतिनिधियों का चुनाव प्रत्येक पांच वर्षो में किया जाता है। भारत में कुल 28 राज्य एवं 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं। केंद्र में केंद्र सरकार का चुनाव लोकसभा चुनाव (Parliament Election) या जिसे आम बोलचाल की भाषा में आम-चुनाव या जनरल इलेक्शन कहा जाता है के माध्यम से किया जाता है। लोकसभा के चयनित सदस्यों को मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट (MP) कहा जाता है जिन्हे की साँसद भी कहा जाता है। साँसदो के द्वारा केंद्र सरकार का चयन किया जाता है।

राज्य सरकार का चुनाव विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के माध्यम से किया जाता है। विधानसभा चुनावो के माध्यम से चयनित प्रतिनिधियों को मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली (MLA) कहा जाता है जिसे की आम बोलचाल की भाषा में विधायक भी कहा जाता है। एमएलए सदस्यो द्वारा ही राज्य सरकार का गठन किया जाता है। । यहाँ आपको इस सम्बन्ध में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की गयी है :-

क्र. सं चुनाव चयनित सदस्य शीर्ष नेता सम्बंधित सरकार
1. लोकसभा चुनाव (Parliament Election)मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट (MP)प्रधानमन्त्री केंद्र सरकार (Central Govt) 
2.विधानसभा चुनाव (Assembly Election) मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली (MLA)मुख्यमंत्री राज्य सरकार (State Govt)
Election Process Type of System in India information in hindi

लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा चुनावो के अतिरिक्त देश में पंचायती राजव्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक पांच वर्ष के अंतराल में पंचायत चुनाव एवं नगरीय निकायों के चुनाव भी कराये जाते है। पंचायती एवं नगरीय निकायों के चुनाव के अंतर्गत नागरिक स्थानीय जनप्रतिनिधियों का चुनाव करते है।

भारत में सरकार की संरचना 

भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार की जानकारी को जानने से पूर्व हमे देश में सरकार की संरचना के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। भारत को राज्यों में विभाजित किया गया है। राज्यों को जिलों और तहसील के स्तर पर विभाजित करके पंचायत स्तर तक जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाता है। भारत में केंद्र पर केंद्र सरकार एवं राज्यों में राज्य सरकार का गठन किया जाता है। आपको बता दे की केंद्र एवं राज्य सरकार के मुख्यत 3 अंग होते है। इस चार्ट के माध्यम से आपको भारत में विभिन स्तरों पर सरकार गठन सम्बंधित जानकारी प्रदान की गयी है।

क्र. सं. केंद्र सरकार की संरचना राज्य सरकार की संरचना 
1.विधायिकाविधान सभा 
2.कार्यपालिकागवर्नर
3.न्यायपालिका विधान परिषद्
Election Process System in India

यहाँ आपको केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की संरचना का विस्तृत वर्णन दिया गया है :-

  • केंद्र सरकार– केंद्र सरकार में सरकार के तीनो अंगो के पृथक शक्तियाँ प्रदान की गयी है। केंद्र में कानून बनाने का कार्य संसद का है जिसके अंतर्गत लोकसभा, राज्यसभा एवं राष्ट्रपति को शामिल किया गया है। लोकसभा सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
  • राज्य सरकार– राज्य सरकार में कानून बनाने की शक्ति विधानमंडल में निहित की गयी है जिसके अंतर्गत विधानसभा, विधानपरिषद् एवं गवर्नर को शामिल किया गया है। विधानसभा के सदस्यों का चुनाव राज्य की जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। विधान परिषद् राज्य विधानमंडल का ऊपरी सदन है। हालांकि आपको बता दे की वर्तमान में सिर्फ 6 राज्यों – उत्तर-प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र-प्रदेश एवं तेलंगाना में ही विधानपरिषद् का अस्तित्व है।

भारत में सरकार की संरचना से सम्बंधित निम्न बिन्दुओ को भी समझना अनिवार्य है :-

  • केंद्रशासित प्रदेश- केंद्रशासित प्रदेशो का शासन केंद्र द्वारा नियुक्त प्रशासक के द्वारा संचालित होता है। हालांकि दिल्ली और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के माध्यम से सरकार का गठन किया जाता है। दिल्ली और पुडुचेरी में जनता द्वारा विधानसभा प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है।
  • स्थानीय चुनाव- भारत में पंचायती राजव्यवस्था के अंतर्गत पंचायत स्तर पर ग्राम, तहसील एवं जिला स्तर पर प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाता है। साथ ही नगरीय क्षेत्र में भी नगर-निगम, नगर-पालिका एवं नगर-पंचायत के स्तर पर प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाता है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियमानुसार चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण किया जाता है।

भारत में चुनाव की प्रक्रिया एवं प्रकार

भारत में केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय सरकार के चयन के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में चुनावो का आयोजन किया जाता है। यहाँ आपको सभी स्तर के चुनावो की प्रक्रिया के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गयी है।

लोकसभा चुनाव (Lok sabha election)

केंद्र स्तर पर सरकार के गठन के लिए प्रत्येक 5 वर्ष की अवधि में लोकसभा चुनाव आयोजित किये जाते है। इसमें विभिन राष्ट्रीय दल भाग लेते है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ही लोकसभा चुनावों का नियंत्रण एवं नियमन किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत परिभाषित किया गया है। भारत में सभी राज्यों को विभिन लोकसभा क्षेत्रों में बाँटा गया है जिसके लिए समय-समय पर परिसीमन किया जाता है। भारत की लोकसभा में कुल 550 सांसद होते है। सांसदों को ही मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट (MP) भी कहा जाता है। संसद में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमन्त्री चुना जाता है। लोकसभा सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट को सभी निर्धारित पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है।

लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए योग्यता

लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक कैंडिडेट को निम्न पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है :-

  • उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • उसे न्यूनतम 25 वर्ष का होना आवश्यक है।
  • उसे संसद द्वारा इस सम्बन्ध में बनाये गए सभी कानूनों का पालन करना आवश्यक है।
  • उम्मीदवार को देश के किसी भी हिस्से में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • उम्मीदवार किसी भी तरह के आपराधिक मामले में दर्ज नहीं होना चाहिए।

इन सभी शर्तो को पूरा करने वाले कैंडिडेट देश में लोकसभा का चुनाव लड़ सकते है।

राज्यसभा (Rajya sabha) चुनाव

राज्यसभा (Rajya sabha) संसद का ऊपरी सदन होता है। इसके कुल सदस्यों की संख्या 250 है जिनमे से एक तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष में सेवानिवृत हो जाते है। इनमे 12 सदस्यों को राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत किया जाता है जो की कला, साहित्य, विज्ञान, समाजसेवा एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट ख्यातिप्राप्त नागरिक होते है। राज्यसभा सांसद बनाने के लिए उम्मीदवार का न्यूनतम 30 वर्ष आयु का होना आवश्यक है। राज्यसभा सांसदो का चुनाव राज्य विधानसभा के द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के माध्यम से किया जाता है। राज्यसभा निरंतर चलने वाली सभा है इसलिए इसे स्थायी सदन की संज्ञा भी दी गयी है।

विधान सभा चुनाव (Vidhan sabha election)

हमारे देश में राज्य सरकारों को चुनने के लिए विधान सभा चुनाव हर 5 वर्ष के अंतराल में आयोजित करवाए जाते है। विधान सभा चुनावों को भी निर्वाचन आयोग के द्वारा आयोजित करवाया जाता है। विधानसभा चुनावो में राज्य को विभिन विधानसभा सीटों में बाँटा जाता है। इन चुनावों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि एमएलए या विधायक कहलाते है।राज्य विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता ही आमतौर पर मुख्यमंत्री पद पर आसीन होता है। राज्य सरकार का गठन विधानसभा चुनाव के माध्यम से ही किया जाता है। विधानसभा चुनाव सम्बंधित सभी प्रक्रिया का विवरण निम्न प्रकार से है:-

विधायक पद के उम्मीदवारों की योग्यता

विधानसभा चुनावो के अंतर्गत किसी भी सदस्य को एमएलए (MLA) या विधायक बनने के लिए निम्न शर्तो को पूरा करना आवश्यक होता है :-

  • उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होना आवश्यक है।
  • उम्मीदवार का भारत देश का नागरिक होना अनिवार्य है।
  • उम्मीदवार का सम्बंधित राज्य में किसी भी विधानसभा क्षेत्र में वोटर के रूप में नाम दर्ज होना आवश्यक है।
  • उम्मीदवार का मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है साथ ही उस पर किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए।

भारत में प्रधानमन्त्री का चुनाव 

भारत में प्रधानमन्त्री का चयन लोकसभा के सांसदों के द्वारा किया जाता है। संविधान के अनुच्छेद 75 में कहा गया है की प्रधानमन्त्री को राष्ट्रपति के द्वारा नियुक्त किया जायेगा और अन्य मंत्रियों को राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर नियुक्त किया जायेगा। आमतौर पर लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता ही प्रधानमन्त्री के पद पर नियुक्त किया जाता है। प्रधानमन्त्री ही देश में सरकार का वास्तविक मुखिया होता है जो की सम्पूर्ण सरकार के केंद्र में होता है। प्रधानमन्त्री की सहायता के लिए कैबिनेट मंत्री होते है जो की सरकार के विभिन मंत्रालयों का कार्यभार संभालते है। राज्य सरकार के अंतर्गत मुख्यमंत्री भी प्रायः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता नियुक्त किया जाता है। राज्य स्तर पर भी मुख्यमंत्री की सहायता के लिए कैबिनेट मंत्री होते है।

भारत में राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति चुनाव

भारत में राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है। भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के चयनित सदस्य (मनोनीत नहीं) एवं राज्य विधानसभा के चयनित सदस्य भाग लेते है। वही देश के उपराष्ट्रपति के चुनाव में सिर्फ दोनों सदनों के चयनित एवं मनोनीत सदस्य ही भाग लेते है। उपराष्ट्रपति के चुनाव में राज्य विधानसभा सदस्यों को भागीदारी नहीं होती है।

भारत में चुनाव परिणाम और बहुमत 

भारत में चुनावों के परिणाम के आधार पर ही नवनिर्मित सरकार गठन तय करता है। चुनावो में दो-तिहाई सीट या बहुमत के आँकड़े को प्राप्त करने वाली पार्टी द्वारा सरकार का गठन किया जाता है। वही किसी भी दल को पूर्ण बहुमत ना मिलने या त्रिशंकु सरकार होने की स्थिति में गठबंधन की सरकार बनती है।

भारत का निर्वाचन आयोग 

भारत का निर्वाचन आयोग देश में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों को अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार संस्था है। यह एक संवैधानिक निकाय है जिसका अर्थ है की इसका गठन संविधान के अंतर्गत ही किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 324 के भारत का निर्वाचन आयोग स्वायत निकाय है जिसमें एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्त होते है। संविधान द्वारा निर्वाचन आयोग को स्वायत तरीके से अपने निर्णय लेने की शक्ति प्रदान की गयी है। देश के लोकतंत्र के लिए भारत का निर्वाचन आयोग की चुनावो में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है।

भारत के निर्वाचन आयोग के कार्य 

भारत के निर्वाचन आयोग का कार्यक्षेत्र बहुत वृहद् है। निर्वाचन आयोग के मुख्य कार्य निम्न प्रकार से है :-

  • देश में होने वाले चुनावो को पारदर्शिता के साथ सम्पन करवाना
  • चुनावो की गरिमा एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिए चुनावो के दौरान आचार संहिता लागू करना
  • राजनैतिक पार्टियों का पंजीकरण, नियमन एवं योग्यता प्रश्न सम्बंधित निवारण
  • चुनाव के दौरान राजनैतिक पार्टियों एवं कैंडिडेट के चुनावी खर्च का निर्धारण एवं नियमन
  • राजनैतिक पार्टियों का वार्षिक लेखा एवं अन्य गतिविधियों की समीक्षा

हालांकि यह याद रखना आवश्यक है की पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले पंचायत चुनावो के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की होती है। राज्य स्तर पर होने वाले सभी पंचायती चुनावो को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सम्पन करवाया जाता है। इसके लिए प्रत्येक राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया जाता है।

भारत के निर्वाचन आयोग के अधिकार 

देश के लोकतान्त्रिक ढाँचे की गरिमा को बनाये रखने के लिए संविधान द्वारा भारत के निर्वाचन आयोग को वृहद अधिकार दिए गए है। यहाँ आपको निर्वाचन आयोग के अधिकार सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान की जा रही है :-

  • चुनाव परिणामो से पूर्व विभिन संस्थानो द्वारा प्रदर्शित किये जाने वाले ओपिनियन पोल के परिणामों को प्रतिबंधित करना
  • आचार संहिता के उलंघन पर उम्मीदवार के योग्यता के प्रश्न को निर्धारित करना
  • उम्मीदवार द्वारा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के उलंघन पर उचित कार्यवाही करना
  • चुनावो के दौरान उमीदवार द्वारा अपने चुनावी खर्चे, आपराधिक मामले या अन्य आवश्यक निर्देशों के अवहेलना करने पर उम्मीदवारो की सदस्यता बर्ख़ास्त करना
  • चुनाव सम्बंधित विभिन दिशानिर्देशों को तय करना

इस प्रकार से इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको भारत के चुनावो से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी प्रदान की है। यहाँ दी गयी जानकारी के माध्यम से आप भारत के चुनावी प्रक्रिया एवं इसके प्रकारों की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर चुके है।

भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार सम्बंधित प्रश्न (FAQ)

भारत में चुनाव की प्रक्रिया के लिए कौन का निकाय जिम्मेदार है ?

भारत में चुनाव की प्रक्रिया के लिए भारत का निर्वाचन आयोग जिम्मेदार निकाय है। भारत का निर्वाचन आयोग देश में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों को अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार संस्था है जिसका वर्णन अनुच्छेद 324 में है।

भारत के निर्वाचन आयोग के कुल कितने सदस्य होते है ?

भारत के निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसमे एक मुख्य चुनाव आयुक्त एवं दो अन्य चुनाव आयुक्त यानी की कुल 3 सदस्य होते है।

भारत के प्रधानमन्त्री का चुनाव कैसे किया जाता है ?

संविधान के आर्टिकल 74 के अनुसार प्रधानमन्त्री की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है। प्रधानमन्त्री आमतौर पर संसद में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है जिसे की लोकसभा सांसदों के नेता के रूप में मान्यता प्राप्त होती है।

भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार सम्बंधित जानकारी प्रदान करें ?

भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार सम्बंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए ऊपर दिया गया आर्टिकल पढ़े। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको भारत में चुनाव की प्रक्रिया व उसके प्रकार सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गयी है।

भारत के वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त कौन है ?

भारत के वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार है।

भारत में चुनाव प्रक्रिया क्या-क्या है ?

भारत में केंद्र सरकार के चयन के लिए लोकसभा चुनाव या जनरल इलेक्शन आयोजित किये जाते है। लोकसभा सदस्यों को सांसद कहा जाता है। राज्य सरकारों के चयन के लिए विधानसभा चुनावो का आयोजन किया जाता है। विधानसभा के सदस्यों को एमएलए या विधायक कहा जाता है। इसके अतिरिक्त राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा आयोजित पंचायत चुनावो के माध्यम से जनता द्वारा स्थानीय प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है।

भारत में राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है ?

भारत में राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है। ऊपर दिए गए आर्टिकल के माध्यम से आपको भारत में राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव सम्बंधित सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गयी है। इसके माध्यम से आप भारत में राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति का चुनाव सम्बंधित सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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