Driving Licence New Rule 2022: इस साल ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में हुए बड़े बदलाव, जानें ये नए नियम

गाड़ी चलाने वालो के लिए खुशखबरी है। अब ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए आपको आरटीओ ऑफिस के बाहर लम्बी-लम्बी कतारों में लगने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस पाने के नियमो में बड़ा बदलाव (Driving Licence New Rule 2022) किया गया है जिससे लोगो को जल्द से जल्द ड्राइविंग लाइसेंस मिल सकेंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश भी जारी कर दिये गए है जिससे की अब नागरिको को ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे नागरिको को ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया आसान होगी साथ ही इस प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी। इस सम्बन्ध में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा योजना को कार्यान्वित करने सम्बंधित आदेश जारी किये गए है।

ड्राइविंग स्कूल जारी करेगा सर्टिफिकेट

वर्तमान में RTO कार्यालयों में ड्राइविंग टेस्ट के लिए महीनो तक इन्तजार करना पड़ता है जिससे की लोगो को ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए अच्छी खासी मशक्क़त करनी पड़ती है। अब ड्राइविंग लाइसेंस के नये नियमो के अनुसार सरकार द्वारा इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए अब आपको किसी भी मान्यताप्राप्त ड्राइविंग स्कूल में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। आपकी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको स्कूल द्वारा एक ड्राइविंग सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा जिसके आधार पर आपको ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जायेगा। इससे ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाई जा सकेंगी।

ये है नये नियम – Driving Licence New Rule 2022

सरकार द्वारा नए नियमो को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिये गए है। इसमें ड्राइविंग स्कूल की मान्यत्ता सहित ट्रेनर की शिक्षा सम्बंधित विभिन प्रावधान तय किये गए है। नए नियमो सम्बंधित दिशानिर्देश इस प्रकार है :-

  • सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गयी है की हलके वाहनों और दुपहिया वाहनों सहित अन्य वाहनों के ट्रेनिंग सेंटर के पास 1 एकड़ जबकि भारी वाहनों के जिनमे ट्रक, भारी माल वाहन और अन्य वाहन शामिल किये गए है उनके पास कम से कम 2 एकड़ की जगह होनी चाहिए।
  • ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण देने वाले ट्रेनर के पास कम से कम इस फील्ड में 5 सालो का अनुभव होना चाहिए साथ ही उसे यातायात के नियमो के समबन्ध में भी जानकारी होनी चाहिए। ट्रेनर के लिए सरकार द्वारा कम से कम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास रखी गयी है।
  • ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए सरकार द्वारा शिक्षण पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है जिसमे की थ्योरी और प्रैक्टिकल शामिल किया गया है। हलकी मोटर वाहन को चलाने का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को 4 हफ्ते का पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।

इन बातो का भी रखना होगा ध्यान

सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और लोगो की यातायात के नियमो का महत्व समझाने के लिए सरकार द्वारा इन सभी बातो को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। इसके तहत बुनियादी सड़कों, शहरी सड़कों, राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों और पर्वतीय सडको पर गाड़ी चलाना सीखने के लिए लोगो को 21 घंटे खर्च करने होंगे साथ ही पाठ्यक्रम में 8 घंटे की थ्योरी भी शामिल की गयी है जिससे की लोगो को रोड शिष्टाचार, ट्रैफिक शिक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और रोड नियम के सम्बन्ध में जानकारी दी जाएगी।

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