CPR क्या होता है? CPR का फुल फॉर्म क्या होता है? CPR Full Form In Hindi

तो दोस्तों आप सभी यह तो जानते ही होंगे की शरीर में कोई भी बीमारी बोलकर नहीं आती है उसी प्रकार जब भी कभी किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है तो वह कभी कहकर नहीं आता है वह कभी भी किसी भी व्यक्ति को कही पर भी आ सकता है। जिसके कई कारण हो सकते है। जब भी किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है या फिर कभी किसी व्यक्ति की अचानक से साँस रुक जाती है जिससे उनकी जान जाने का खतरा भी हो सकता है। तो दोस्तों आप सभी यह तो जानते ही होंगे की अगर कभी किसी को अचानक से इस प्रकार की मुसीबत आती है तो क्या करते है अगर आपको नहीं पता तो आपको यह बता दे की ऐसी स्थिति में लोग उस पीड़ित व्यक्ति को CPR देते है ताकि उसकी जान बच सके। अब आप यह सोच रहे होंगे की यह CPR क्या होता है।

CPR क्या होता है? CPR का फुल फॉर्म क्या होता है? CPR Full Form In Hindi
CPR Full Form In Hindi

तो दोस्तों क्या आप यह जानते है की सीपीआर क्या होता है अगर नहीं तो आपको चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि आज हम आप सभी को इस लेख के जरिये आप सभी को सीपीआर से सम्बंधित अन्य जानकारी प्रदान करने वाले है जैसे की – CPR क्या होता है? CPR का फुल फॉर्म क्या होता है? तो दोस्तों अगर आप भी यह सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो उसके लिए आप सभी को हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा क्योंकि इस लेख को पढ़ने से ही आप इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकोगे तो दोस्तों अगर आप यह जानकारी प्राप्त करना चाहते हो तो कृपया करके हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े ताकि आप भी यह जान सके की CPR क्या होता है? CPR का फुल फॉर्म क्या होता है?

इसपर भी गौर करें :- ISRO का फुल फॉर्म क्या है?

CPR का फुल फॉर्म क्या होता है | What is the full form of CPR?

तो दोस्तों अब हम आप सभी को यहाँ पर सीपीआर की फुल फॉर्म के बारे में बताने वाले है तो यह जानकारी प्राप्त करने के लिए दी गयी जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़िए।

CPR की फुल फॉर्म कुछ इस प्रकार है –

  • The full form of CPR in english – Cardio-Pulmonary Resuscitation
  • सीपीआर की फुल फॉर्म हिंदी भाषा में – हृत्फुफ्फुसीय पुनर्जीवन (“कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन”)

सीपीआर क्या होता है ?

तो दोस्तों जैसा की हमने आप सभी को यह बताया है की CPR की फुल फॉर्म Cardio-Pulmonary Resuscitation होती है जिसको हिंदी में हृत्फुफ्फुसीय पुनर्जीवन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार की मेडिकल थेरेपी है जो की इमरजेंसी यानि के आपातकालीन स्थिति में इसका प्रयोग किया जाता है। इस थेरेपी की मदद से कई लोगो की जान भी बचायी गयी है। इसका उपयोग उस समय किया जाता है जब भी किसी व्यक्ति को सांस लेने में अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ रहा हो या फिर किसी व्यक्ति को अचानक से हार्ट अटैक आजाये तो भी इसका प्रयोग किया जाता है ताकि उस व्यक्ति की जान बच सकें और उसको जल्द से जल्द अस्पताल लेजाया जा सके।

अगर किसी भी व्यक्ति को इन परेशानी का सामना करना पढ़े तो सीपीआर की मदद से उन व्यक्तियों की जान बचायी जा सकती है। केवल हार्ट अटैक या फिर सास लेने में परेशानी के वक़्त ही नहीं बल्कि इसका उपयोग और भी कई जगहों पर किया जा सकता है जैसे की – अगर किसी व्यक्ति को करंट लग जाता है तो भी उसको सीपीआर दे सकते है उससे उसकी जान बच सकती है और अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब जाता है तो उसकी सास चलना बंद हो जाती है तो उस समय भी सीपीआर का प्रयोग किया जा सकता है ताकि उनकी जान बच सकें। सीपीआर देने के भी कई तरीके होते है जिसके बारे में हम आप सभी को इस लेख में जानकारी देने वाले है।

CPR कैसे देते है ?

तो दोस्तों आप सभी को यह बता दे की CPR देने के भी दो तरीके होते है जो कुछ इस प्रकार है –

  1. मुँह के द्वारा सांस देना
  2. छाती को दबाना

तो आप सभी को यह बता दे की सीपीआर देने के दो तरीके होते है जो कुछ इस प्रकार है। आप सभी को यह बता दे की किस प्रकार से किसी को सीपीआर दे सकते है यह जानकारी प्राप्त करने के लिए भी इस लेख को पूर्ण पढ़े।

  1. अगर किसी भी व्यक्ति को किसी ऐसी स्थिति का सामना करना पढ़े जिसमे उसको सीपीआर की आवश्यकता हो तो उसमे सबसे पहले आप सभी को उस पीड़ित व्यक्ति को किसी बेंच या टेबल पर लेटा देना होगा ध्यान रहे की वो जगह समतल होनी चाहिए।
  2. अगर उस व्यक्ति की धड़कने नहीं चल रही है तो आपको उस व्यक्ति के दी के पास अपने दोनों हाथो से उसकी छाती को झटके से दबाना होगा उससे उसकी दिल की धड़कन वापस से चलनी शुरू हो सकती है।
  3. अगर उस व्यक्ति को सांस भी नहीं आ रहा हो तो आपको उस व्यक्ति को अपने मुँह से साँस देनी होगी उसके लिए आपको उस व्यक्ति का मुँह खोलने होगा और आपको अपना मुँह उसके मुँह पर लगाना होगा फिर आपको अपने मुँह से उसके मुँह में हवा छोड़नी होगी उसे उसके शरीर में ऑक्सीजन जायेगी तो उसकी साँसे वापस चलने लगेंगी।
  4. आपको कुछ बातों का ध्यान भी देना होगा वो यह है की आपको उस व्यक्ति की छाती को ज्यादा अंदर तक नहीं दबाना है और आपको उस व्यक्ति की छाती को करीब 90 से 100 बार दबाना होगा।
  5. अगर आप उस व्यक्ति को मुँह से सांस दे रहे हो तो आपको साथ में उसकी छाती को भी बार बार दबाना होगा।

सीपीआर से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके उत्तर

CPR का फुल फॉर्म क्या होता है

The full form of CPR in english – Cardio-Pulmonary Resuscitation
सीपीआर की फुल फॉर्म हिंदी भाषा में – हृत्फुफ्फुसीय पुनर्जीवन

सीपीआर क्या होता है ?

यह एक प्रकार की मेडिकल थेरेपी है जो की इमरजेंसी यानि के आपातकालीन स्थिति में इसका प्रयोग किया जाता है। इस थेरेपी की मदद से कई लोगो की जान भी बचायी गयी है। इसका उपयोग उस समय किया जाता है जब भी किसी व्यक्ति को सांस लेने में अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ रहा हो या फिर किसी व्यक्ति को अचानक से हार्ट अटैक आजाये तो भी इसका प्रयोग किया जाता है

CPR कैसे देते है ?

तो दोस्तों आप सभी को यह बता दे की CPR देने के भी दो तरीके होते है जो कुछ इस प्रकार है –
मुँह के द्वारा सांस देना
छाती को दबाना

क्या सीपीआर देने से व्यक्ति की जान बच सकती है ?

जी हाँ सीपीआर की मदद से जान बचायी जा सकती है।

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