भारत के मुख्य न्यायाधीश | Chief Justice of India In Hindi

भारत की न्याय व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर सुप्रीम-कोर्ट यानी की उच्चतम न्यायालय को रखा गया है। उच्चतम न्यायालय देश में न्यायिक व्यवस्था में सबसे शीर्ष की संस्था के रूप में प्रतिष्ठित है जिसे की न्यायिक कार्यो हेतु अंतिम न्यायालय का दर्जा भी प्राप्त है। भारत में उच्चतम न्यायालय का न्यायिक क्षेत्र सम्पूर्ण देश में विस्तृत है ऐसे में उच्चतम न्यायालय ही देश में न्यायिक व्यवस्था का केंद्रीय बिंदु है। उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश होते है। उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश का स्थान वरीयता के क्रम में सबसे प्रथम होता है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India In Hindi) सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले है।

साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से आप चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया की नियुक्ति, भारत के मुख्य न्यायाधीश हेतु आवश्यक पात्रताएँ एवं इससे सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कर सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी यह लेख महत्वपूर्ण है।

Chief Justice of India In Hindi
भारत के मुख्य न्यायाधीश

Chief Justice of India (भारत के मुख्य न्यायाधीश)

भारत की न्यायिक व्यवस्था त्रिस्तरीय है। भारत की न्यायिक व्यवस्था में राज्यों में जिला-स्तर पर जिला अदालत, राज्य स्तर पर उच्च-न्यायालय (High-Courts) एवं सम्पूर्ण देश में न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर उच्चतम न्यायालय (Supreme court) है। भारत के सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक व्यवस्था में सबसे शीर्ष पर रखा गया है जिसके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सम्पूर्ण देश का न्यायिक अधिकार क्षेत्र आता है।

सुप्रीम कोर्ट में वरीयता के क्रम में सबसे शीर्ष पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) को रखा गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष एवं भारतीय न्यायपालिका के अध्यक्ष होते है। भारत की न्यायिक व्यवस्था में Chief Justice of India का स्थान सबसे शीर्ष पर होता है जो की उच्चतम न्यायालय की अध्यक्षता करता है।

भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश कौन है ?

हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ को नियुक्त किया गया है। इस प्रकार भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (current chief justice of india) धनञ्जय यशवंत चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) वर्तमान में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर कार्यरत है। current chief justice of india डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में 9 नवंबर 2022 से पद पर कार्य करना प्रारम्भ किया गया है। वे इस पद पर 10 नवंबर 2024 तक बने रहेंगे।

आपको बता दे की धनञ्जय यशवंत चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) भारत के 50वें मुख्य न्यायधीश है। भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश हीरालाल जेकिसुन्दस कनिया (Harilal Jekisundas Kania) थे। current chief justice of india डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सम्बंधित अनुच्छेद

भारत में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सम्बंधित प्रावधान भारत के संविधान में अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत दिए गए है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति एवं कार्य सम्बंधित प्रावधान को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत वर्णित किया गया है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा ही भारत के सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता की जाती है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने हेतु आवश्यक पात्रताएँ

भारत की न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश का पद रखा गया है। भारतीय न्याय व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति के निम्न पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है :-

  1. भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने के लिए किसी भी व्यक्ति को भारत देश का नागरिक होना आवश्यक है।
  2. वह 5 वर्षो तक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर या दो से दो से अधिक उच्च न्यायालयों में लगातार 5 या अधिक वर्षो तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो।
  3. वह किसी उच्च-न्यायालय में 10 वर्षो या दो या दो से अधिक उच्च-न्यायालयों में लगातार10 वर्षो तक अधिकवक्ता का कार्य कर चुका हो।
  4. भारत का मुख्य न्यायाधीश बनने के लिए आवश्यक है की सम्बंधित न्यायाधीश को राष्ट्रपति की नजरों में सम्मानित विधिवेता होना चाहिए।

इस प्रकार से भारत के उच्चतम-न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए किसी भी न्यायाधीश को निम्न शर्तो को पूरा करना आवश्यक है। इसके पश्चात सम्बंधित न्यायधीश सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने के लिए पात्र होता है।

मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया

भारत की शीर्ष न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत की जाती है। संविधान में भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से सम्बंधित प्रावधान दिए गए है जिसके अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए सामान्यत प्रचलित परिपाटी के अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपने उत्तराधिकारी का नाम का चुनाव किया जाता है जिसके लिए कॉलेजियम सिस्टम का तहत अगले मुख्य न्यायाधीश का चयन किया जाता है। यहाँ आपको मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी को बिंदुवार समझाया गया है।

  • मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कॉलेजियम सिस्टम के तहत मुख्य न्यायाधीश का चयन किया जाता है। कॉलेजियम सिस्टम के तहत सुप्रीम कोर्ट के 5 सबसे सीनियर न्यायाधीशों के द्वारा अगले Chief Justice of India का चयन किया जाता है।
  • कॉलेजियम की राय के आधार पर भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपने उत्तराधिकारी का नाम का चयन किया जाता है। सामान्यत सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के पश्चात वरीयता के क्रम में दूसरे नंबर पर आने वाले न्यायाधीश ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर चयनित होते है। वरिष्ठतम न्यायाधीश को ही वर्तमान न्यायधीश के पश्चात मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया जाता है।
  • केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा वर्तमान मुख्य न्यायाधीश से अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से सम्बंधित सुझाव मांगे जाते है जिस पर वर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा कॉलेजियम सिस्टम के तहत चयनित अगले चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया की सिफारिश की जाती है।
  • केंद्रीय कानून मंत्री द्वारा वर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्राप्त सुझावों को भारत के प्रधानमंत्री को सिफारिश के लिए भेजा जाता है जिसके पश्चात प्रधानमन्त्री द्वारा भारत के राष्ट्रपति को इस सम्बंधित में निर्देशित किया जाता है।
  • सभी प्रक्रियाओं के पश्चात भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर अंतिम मुहर लगाकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाई जाती है।

इस प्रकार से निम्न प्रक्रियाओं के द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश का चयन किया जाता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश का चयन भारत के राष्ट्रपति के द्वारा वर्तमान CJI के अनुमोदन पर किया जाता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश के चयन के लिए न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल पद पर नियुक्त होने के पश्चात 65 वर्ष तक की आयु तक होता है। इस प्रकार से भारत के मुख्य न्यायाधीश के लिए कोई भी निर्धारित कार्यकाल तय नहीं किया गया है हालांकि मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के पश्चात 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल समाप्त हो जाता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश के अधिकार

  • भारत का मुख्य न्यायाधीश भारत की न्यायिक प्रणाली का शीर्ष अधिकारी एवं भारत के उच्चतम न्यायालय का अध्यक्ष होता है।
  • भारत के उच्चतम न्यायालय के सञ्चालन हेतु अध्यक्षता एवं अन्य प्रशासनिक कार्यो में मुख्य न्यायाधीश के पास आवश्यक अधिकार है।
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश के अधिकार ‘मास्टर ऑफ द रोस्टर’ प्रणाली के तहत संदर्भित किए गए है जिसमे मुख्य न्यायाधीश को ‘समकक्षों में प्रथम’ (first among the equals) का दर्जा दिया गया है।
  • सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता के क्रम में मुख्य न्यायाधीश का स्थान प्रमुख होता है यही कारण है की वह उच्चतम न्यायायल का संचालनकर्ता के रूप में भी जाना जाता है।
  • उच्चतम न्यायालय के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में भी भारत के मुख्य न्यायाधीश को अधिकार प्राप्त है।
  • किसी मामले में अपनी प्रशासनिक क्षमता के आधार पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा विशेष पीठों का गठन किया जाता है।
  • मुख्य न्यायाधीश द्वारा किसी मामले की सुनवाही के लिए न्यायाधीशों की संख्या को निर्धारित किया जाता है जिससे की किसी भी मामले की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जा सकती है।
  • अपने प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करने के लिए मुख्य न्यायाधीश स्वतंत्र होता है अर्थात अपने प्रशासनिक अधिकारों के उपयोग के लिए CJI को स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता नहीं है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया

भारत के मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करने की प्रक्रिया भारत के राष्ट्रपति द्वारा पूरी की जाती है। हालांकि भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया का पालन किया जाता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश को संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (4) के तहत सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है जिसके लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करना आवश्यक है। इसके पश्चात संसद की संस्तुति पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को पद से हटाया जा सकता है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु

भारत के मुख्य न्यायाधीश को भारत के संविधान के शीर्ष न्यायिक अधिकारी के रूप में मान्यताप्राप्त है। भारत के न्यायिक व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश सम्बंधित निम्न बिन्दुओ को जानना आवश्यक है :-

  • भारत के उच्चतम न्यायालय के अध्यक्ष के रूप में मुख्य न्यायाधीश भारत की न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष अधिकारी है।
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश को राष्ट्रपति द्वारा भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सुझाव (Recommendation) पर नियुक्त किया जाता है।
  • वर्तमान समय में भारत के उच्चतम न्यायालय में कुल 34 न्यायाधीश है।
  • उच्चतम न्यायालयों के न्यायाधीशों का चयन कॉलेजियम सिस्टम के द्वारा किया जाता है जिसके तहत भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एवं चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों अर्थात कुल 5 न्यायाधीशों द्वारा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश का चयन किया जाता है।
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश को पद की गोपनीयता सम्बंधित शपथ भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिलाई जाती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की शपथ सम्बंधित वर्णन संविधान की तीसरी अनुसूची में वर्णित है।
  • भारत के सबसे लम्बे समय तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर वाई. वी. चंद्रचूड़ (Y.V. Chandrachud) रहे है जो की भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के पिता हैं।

इस प्रकार से इस आर्टिकल के माध्यम से आपको भारत के मुख्य न्यायाधीश, मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया, भारत के मुख्य न्यायाधीश के न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकार तथा भारत में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गयी है।

भारत से सम्बंधित अन्य जानकारियां :-

Chief Justice of India से सम्बंधित

भारत की न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष पर कौन है ?

भारत की न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय को रखा गया है। भारत की त्रिस्तरीय न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष पर सुप्रीम कोर्ट अर्थात उच्चतम न्यायालय को रखा गया है।

भारत की न्यायिक व्यवस्था में सबसे शीर्ष पद क्या है ?

भारत की न्यायिक व्यवस्था में सबसे शीर्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद है। भारत की न्यायिक व्यवस्था में सबसे शीर्ष पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद को रखा गया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश के क्या कार्य है ?

भारत का मुख्य न्यायाधीश भारत की न्यायिक व्यवस्था का अध्यक्ष होने के साथ-साथ भारत के उच्चतम न्यायालय का भी शीर्ष अधिकारी होता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक शक्तियों के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकार भी होते है।

भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश कौन है ?

भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश (current chief justice of india) धनञ्जय यशवंत चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) है। डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें मुख्य न्यायधीश है जो की अपने पद पर 10 नवंबर 2024 तक बने रहेंगे।

भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे ?

भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश हीरालाल जेकिसुन्दस कनिया (Harilal Jekisundas Kania) थे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत की जाती है ?

भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सम्बंधित प्रावधान भारत के संविधान में अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत दिए गए है जिसके तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की जाती है।

मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया सम्बंधित जानकारी प्रदान करें ?

मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया सम्बंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए ऊपर दिया गया आर्टिकल पढ़े। यहाँ आपको भारत के भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रक्रिया सम्बंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश को पद से हटाने की प्रक्रिया क्या है ?

भारत के मुख्य न्यायाधीश को संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (4) के तहत सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है जिसके लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करना आवश्यक है।

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