छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना: अब सरकार पशु पालकों से खरीदेगी गोबर, पढ़ें पूरी खबर

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना: इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के पशुपालकों को लाभान्वित करने व उनकी आय में वृद्धि करने के लक्ष्य से किया गया है। जिसके माध्यम से राज्य के गौ पशुपालकों किसानों से सरकार 2 रूपये किलो की दर से गोबर की खरीद करके उन्हें बेहतर आय अर्जित करने का अवसर प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत गोबर की खरीद कर उसका उपयोग वर्मी कम्पोजिट खाद्य बनाने के लिए सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिल सकेगा। Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के माध्यम से अभी तक राज्य के पशुपालक किसानों से 100 करोड़ रूपये के गोबर की खरीद की जा चुकी है, जिससे राज्य में पशुपालन के क्षेत्र को और बढ़ावा मिल सकेगा।

अब सरकार पशु पालकों से खरीदेगी गोबर

राज्य के पशुपालकों को सुविधा देने के लिए सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी, इस योजना के तहत सरकार राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गोबर की खरीद कर किसानों के लिए आय के श्रोत प्रदान करवा रही है। जिससे राज्य के शहरी क्षेत्रों में बढ़ रही आवारा पशुओं की समस्या को कम किया जा सकेगा, जिससे किसान अपने पशुओं से काम निकल जाने के बाद उन्हें भटकने के लिए आवारा नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए सरकार योजना के माध्यम से आवेदक किसानों से गोबर की खरीद 2 रूपये किलो की दर से करेगी और उसे खाद बनाने के लिए उपयोग में लाएगी, जिसका लाभ किसानों को खेती के लिए मिल सकेगा।

योजना में कीन्हे जारी किया गया 27 वीं किश्त का भुगतान

इस योजना के तहत राज्य के पशुपालकों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा इस वर्ष सप्तम्बर में की गई वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए 27 वीं किश्त की 100 करोड़ रूपये राशि का वित्तरण किया गया, इस राशि से अलग-अलग समूहों को योजना का लाभ प्रदान किया गया, जिसमे 1 करोड़ 41 लाख रूपये की राशि स्वयं सहायता समूह को और 2 करोड़ 18 लाख रूपये की राशि गौठान समितियों को प्रदान की गई। योजना में अभी तक स्वयं सहायता समूह को कुल 21 करोड़ 45 लाख रूपये की राशि और गौठान समितियों को 32 करोड़ 94 लाख रूपये का वित्तरण राज्य सरकार द्वारा किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के लाभ

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के माध्यम से राज्य के पशुपालकों को मिलने वाले लाभ की जानकारी कुछ इस प्रकार है।

  • इस योजना के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा देकर पशुपालकों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी।
  • योजना के अंतर्गत राज्य के सभी गौ पशुपालक इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
  • राज्य के पशुपालक किसानों से 2 रूपये किलो की दर से गोबर की खरीद कर खेती की लिए खाद बनाने हेतु उपयोग में लाया जाएगा।
  • गौधन न्याय योजना में खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद या अन्य तरह के उत्पादनों को तैयार किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक किसानों के लिए रोजगार का साधन उपलब्ध हो सकेगा।
  • पशुपालक अपने पशुओं को आवारा नहीं छोड़ेंगे, जिससे शहरों में बढ़ते पशुओं की संख्या कम हो सकेगी।
  • जैविक खेती द्वारा रसायनिक उर्वरक के उपयोग को कम किया जाएगा।

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