कार्बन डेटिंग क्या है? जानिए यह कैसे काम करता है और इसके उपयोग | carbon dating in hindi

तो दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की हाल ही कुछ समय पहले उत्तरप्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद शिवलिंग पाई गयी थी तो ऐसे में देश के अधिकतर लोगो का यह मानना था की उस मस्जिद से पहले वहां पर एक मंदिर हुआ करता था। लेकिन इस बात की सच्चाई जानने के लिए सरकार से बहुत सी अपील की गयी थी की इस मस्जिद में जांच पड़ताल की जाए और यह पता लगाया जाये की इस जगह पर पहले मंदिर होता था या नहीं। तो दोस्तों आपको यह भी बता दे की बहुत से लोगो ने इस जगह पर सरकार से कार्बन डेटिंग करने की मांग भी की गयी थी। दोस्तों अब आप सभी यह सोच रहे होंगे की यह कार्बन डेटिंग क्या है ? इससे क्या होता है। इसकी मदद से क्या पता चलता है की कौनसी चीज किते वर्षों पुरानी है।

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कार्बन डेटिंग क्या है? जानिए यह कैसे काम करता है
Carbon Dating in hindi

तो दोस्तों क्या आप सभी के मन में भी कार्बन डेटिंग को लेकर बहुत से प्रश्न मन में आ रहे है जैसे की – कार्बन डेटिंग क्या होता है। अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते है। तो इसमें आपको चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है। क्योंकि आज हम आप सभी को इस लेख के जरिये कार्बन डेटिंग के बारे में बहुत सी जानकारी प्रदान करने वाले जैसे की – कार्बन डेटिंग क्या है? जानिए यह कैसे काम करता है और इसके उपयोग | carbon dating in hindi आदि जैसी जानकारी। तो दोस्तों अगर आप भी कार्बन डेटिंग के बारे में जानकारी जानना चाहते है तो उसके लिए आप सभी को हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा।

क्योंकि इस लेख में ही हमने इससे सम्बंधित जानकारी के बारे में बताया हुआ है। जिसको पढने से ही आप इसके बारे में जान सकोगे। तो दोस्तों इसलिए कृपया करके हमारे इस लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़े और इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त करें।

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कार्बन डेटिंग क्या है | What is Carbon Dating

तो दोस्तों आप सभी को यह बता दे की किसी भी व्यक्ति की आयु का पता बड़े ही आसानी से लगाया जा सकता है। लेकिन अगर कभी भी किसी वास्तु जैसे की – मूर्ति, पत्थर, स्थान, जानवरों के अवशेष आदि जैसी चीजों की आयु का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग का प्रयोग किया जाता है। कार्बन डेटिंग की मदद से किसी भी चीज की आयु, व जानवरों के अवशेषों के प्रजाति आदि जैसी बहुत सी चीजों की चीजों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। तो दोस्तों यह सभी चीजे जानने के लिए एक प्रक्रिया होती है। जिसके बारे में हम आप सभी को इस लेख में बताने वाले है।

कार्बन डेटिंग कैसे काम करता है | How Carbon Dating Works ?

तो दोस्तों आप सभी को यह बतादे की इस धरती के atmosphere में कार्बन के तीन आइसोटोप पाए जाते हैं। ये कार्बन- 12, कार्बन- 13 और कार्बन- 14 के नाम से जाना जता है। इसके साथ आपको यह भी बता दे की कार्बन डेटिंग की प्रक्रिया में इनसे ही जांच की जाती है की कौन सी वर्षों पुरानी है। इस प्रक्रिया में जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्बन 12 व कार्बन 14 के बीच का अनुपात निकाला जाता है। आपको यह बता दे की जब भी किसी जीव या फिर पौधे और पेड़ की मृत्यु हो जाती है तो उसके पश्चात यह चीजें वातावरण से कार्बन का आदान प्रादान बंद कर देते है क्योंकि उनकी मृत्यु हो चुकी है इसके कारण वह आदान प्रदान करने में असमर्थ हो जाते है।

इसी कारण से इनके कार्बन 12 में और कार्बन 14 के अनुपात में अंतर आता है। क्योंकि उसके बाद कार्बन खराब होने लगता है जिसकी मदद से ही किसी भी वास्तु जानवर, या फिर पौधे की आयु का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ साथ आप सभी को यह भी बता दे की कार्बन डेटिंग की मदद से किसी अनेकों वर्षों पुरानी यानि के करीब 50000 वर्षों पुरानी जितनी चीजों का पता नहीं लगाया जा सकता है।

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Carbon Dating का इतिहास

तो दोस्तों अब हम आप सभी को यहाँ पर कार्बन डेटिंग के इतिहास के बारे में बताने वाले है। तो दोस्तों इसलिए आप सभी को यह बता दे की कार्बन डेटिंग की खोज सं 1949 में की गयी थी। उसके साथ साथ आप सभी को यह भी बता दे की अमेरिका के शिकागो यूनिवर्सिटी के विलियर्ड फ्रैंक लिबी और उनके साथियों के द्वारा मिलकर कार्बन डेटिंग का अविष्कार किया गया था। यह उस समय की काफी बड़ी खोज मानी गयी थी। जिसकी प्रशंसा दुनिया भर में की गयी थी। इसके लिए उन सभी लोगो को जिन्होंने इसका अविष्कार किया उन सभी को इस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

जिस समय कार्बन डेटिंग की खोज की गयी थी। उस समय इसका टेस्ट करने के लिए सबसे पहले इसके द्वारा एक लकड़ी की आयु पता लगायी गयी थी।

कार्बन डेटिंग से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके उत्तर

कार्बन डेटिंग क्या है

तो दोस्तों आप सभी को यह बता दे की किसी भी व्यक्ति की आयु का पता बड़े ही आसानी से लगाया जा सकता है। लेकिन अगर कभी भी किसी वास्तु जैसे की – मूर्ति, पत्थर, स्थान, जानवरों के अवशेष आदि जैसी चीजों की आयु का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग का प्रयोग किया जाता है।

कार्बन डेटिंग की खोज कब और किसके द्वारा की गयी थी ?

तो दोस्तों इसलिए आप सभी को यह बता दे की कार्बन डेटिंग की खोज सं 1949 में की गयी थी। उसके साथ साथ आप सभी को यह भी बता दे की अमेरिका के शिकागो यूनिवर्सिटी के विलियर्ड फ्रैंक लिबी और उनके साथियों के द्वारा मिलकर कार्बन डेटिंग का अविष्कार किया गया था। यह उस समय की काफी बड़ी खोज मानी गयी थी। जिसकी प्रशंसा दुनिया भर में की गयी थी।

कार्बन डेटिंग एक बड़ी खोज थी इसलिए उसकी खोज के लिए इसके अविष्कारक को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ?

कार्बन डेटिंग एक बड़ी खोज थी इसलिए इसके लिए उन सभी लोगो को जिन्होंने इसका अविष्कार किया उन सभी को इस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

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