बजट क्या है, प्रकार, उद्देश्य, निबंध | Budget Definition, Type and Aim essay in hindi

बजट का हम सभी के जीवन में अत्यंत महत्व है। चाहे घर का खर्चा चलाना हो या शॉपिंग करनी हो, घूमने जाने से लेकर प्रतिदिन की विभिन आवश्यकताओं के लिए हम बजट बनाकर ही विभिन मदों में खर्च करते है। ऐसे में अगर देश के संचालन की बात हो तो बजट शब्द का अर्थ और भी व्यापक एवं विस्तृत हो जाता है। प्रतिवर्ष सरकार द्वारा देश में विभिन मदों से प्राप्तियों एवं व्यय के अनुसार बजट निर्धारित किया जाता है। देश के आम आदमी के जीवन में बजट का महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। ऐसे में हमे बजट के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले है की बजट क्या है ? (Budget Definition in hindi) एवं बजट को कैसे तैयार किया जाता है। साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बजट के महत्व तथा देश के बजट से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओ से भी अवगत कराया जायेगा।

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बजट क्या होता है ?

बजट वह वार्षिक वित्तीय योजना है जिसके तहत सरकार द्वारा आगामी वर्ष की प्राप्तियों एवं राजस्व तथा व्यय का अनुमान निर्धारित किया जाता है। सरल शब्दो में कहा जाए तो बजट वह प्रक्रिया है जिसके तहत सरकार द्वारा यह तय किया जाता है आगामी वित वर्ष में उसे विभिन स्रोतों से कुल कितनी अनुमानित कमाई होगी जिसके अनुसार वह अलग-अलग योजनाओं एवं सेवाओं में खर्च कर सकती है। भारत के संविधान में आर्टिकल 112 में बजट का प्रावधान किया गया है। भारत का वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है ऐसे में प्रतिवर्ष इसी अवधि के लिए सरकार द्वारा बजट पेश किया जाता है।

इसे आप निम्न प्रकार से भी समझ सकते है। मान लीजिये आप किसी ट्रिप पर जाने का प्लान कर रहे है। ऐसे में निश्चित ही आप यात्रा में आने वाले विभिन खर्चो का संभावित अनुमान पहले से लगा लेंगे या आप अपने आमदनी के अनुसार ही ट्रिप को प्लान करेंगे। बजट भी इसी प्रकार से कार्य करता है। सरकार द्वारा बजट के तहत पहले से अनुमान लगाया जाता है की विशिष्ठ वर्ष में उसे विभिन स्रोतों (राजस्व, प्राप्तियों एवं ऋण आदि) से कुल कितनी कमाई होने वाली है। फिर अपनी कमाई के अनुसार ही सरकार द्वारा विभिन योजनाओं पर (योजनाओ, रक्षा, वेतन, सब्सिडी आदि) में खर्च का प्रस्ताव तैयार किया जाता है।

बजट शब्द फ्रेंच भाषा के bougette (“little bag”) शब्द से निकला है जिसका अर्थ छोटा बैग होता है। हालांकि यह याद रखना आवश्यक है भारत के संविधान में बजट के लिए वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) शब्द का प्रयोग किया गया है ना की बजट का।

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बजट क्यों आवश्यक है ?

देश में वित्तीय सञ्चालन के लिए बजट सबसे महत्वपूर्ण साधन है। बजट के माध्यम से ही सरकार द्वारा आगामी वर्ष की प्राप्तियों एवं व्यय का अनुमानित विवरण लगाया जाता है। बजट के आधार पर ही सरकार द्वारा यह तय किया जाता है की आगामी वित्तीय वर्ष में उसे विभिन मदों में कुल कितनी आमदनी प्राप्त होने वाली है। बजट के द्वारा ही सरकार द्वारा यह अनुमान लगाया जाता है की सरकार अपने प्राप्तियों की तुलना में किस हद तक व्यय कर सकती है। सरकार द्वारा विभिन कल्याणकारी योजनाओं, अनुदान, रक्षा खर्च, विभिन परियोजनाओं एवं संरचनात्मक विकास कार्यो, वेतन एवं अन्य मदों में व्यय के लिए बजट की आवश्यकता होती है। बजट के माध्यम से ही देश की वित्तीय व्यवस्था का सुचारु रूप से संचालन हो पाता है।

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क्या है बजट के मुख्य बिंदु

बजट सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष की कमाई एवं खर्च का विवरण होता है जिसके आधार पर सरकार द्वारा यह तय किया जाता है की वह अपने संसाधनों की तुलना में कितना खर्च कर सकती है। बजट के दो मुख्य भाग होते है :– प्राप्तियाँ एवं व्यय। प्राप्तियाँ एवं व्यय के आधार पर ही सरकार द्वारा बजट का निर्धारण किया जाता है। यहाँ आपको बजट से सम्बंधित मुख्य बिन्दुओ की जानकारी प्रदान की गयी है:-

  • प्राप्तियाँ (receipts)- बजट का सबसे मुख्य भाग सरकार द्वारा प्राप्तियाँ होती है जिसके आधार पर ही सरकार अपने खर्च की क्षमता को तय कर सकती है। सरकार को मुख्यत टैक्स, सार्वजनिक कंपनियों (PSU) की प्राप्तियाँ एवं और सरकारी बांड एवं ऋण पत्रों के माध्यम से कमाई होती होती है।
  • व्यय (expenditure)- सरकार को देश में विभिन मदों जैसे वेतन, सरकारी योजनाओ, कल्याणकारी योजनाओ, पेंशन, अनुदान एवं विभिन परियोजनाओं में व्यय करना होता है जिससे देश की आर्थिक उन्नति हो सके।

बजट के प्रकार

केंद्रीय बजट जिसे की आम बजट या संघीय बजट भी कहा जाता है को मुख्यत दो भागों में बाँटा जाता है:- राजस्व बजट एवं पूंजी बजट। राजस्व एवं पूजी बजट में मुख्य अंतर निम्न है :-

  • राजस्व बजट (Revenue Budget)- राजस्व बजट द्वारा ही सरकार के राजस्व एवं व्यय का सम्पूर्ण लेखा-जोखा तय किया जाता है। इसके तहत सरकार को प्राप्त होने वाले राजस्व एवं इसके व्यय का हिसाब-किताब शामिल किया जाता है। राजस्व बजट में दो स्रोतों से प्राप्त राजस्व को शामिल किया जाता है :-
    • टैक्स
    • नॉन-टैक्स रेवेन्यू

राजस्व बजट के माध्यम से ही सरकार द्वारा प्रतिदिन के कामकाज का एवं नागरिको को प्रदान की जाने वाली विभिन सुविधाओं के खर्च को रखा जाता है। सरकार द्वारा आय से अधिक खर्च करने पर इस प्रकार की स्थिति को राजस्व घाटा कहा जाता है।

  • पूंजी बजट (Capital Budget)- पूंजीगत प्राप्तियां के अंतर्गत सरकार की प्राप्तियों एवं सरकार द्वारा भुगतान की गयी राशि को शामिल किया जाता है। पूंजी बजट के दो मुख्य बिंदु निम्न है :-
    • सरकार को पूंजीगत प्राप्तियाँ- इस प्रकार की प्राप्तियों में जनता से लिया गया लोन (बॉन्ड के रूप में), भारतीय रिजर्व बैंक से लिए गए ऋण एवं विदेशी सरकार एवं संस्थाओ के द्वारा प्राप्त वित्त को शामिल किया जाता है।
    • सरकार का पूंजीगत खर्च – इस व्यय के अंतर्गत सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, घर, मशीनरी, एवं ढांचागत सुविधाओं को प्रदान करने के किया गया खर्च शामिल होता है।

बजट किस आधार पर तय किया जाता है ?

भारत सरकार द्वारा देश की नॉमिनल जीडीपी के आधार पर ही बजट की रुपरेखा तय की जाती है। सरकार द्वारा नॉमिनल जीडीपी के फीसदी के आधार पर आगामी वर्ष का राजकोषीय घाटा तय किया जाता है जिसके आधार पर सरकार द्वारा उस वर्ष के लिए कर्ज की सीमा तय की जाती है। राजकोषीय घाटा के आधार पर तय कर्ज सीमा तक की सरकार कर्ज लेती है एवं इसी आधार पर बजट तैयार किया जाता है।

कैसे तैयार किया जाता है बजट

सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 1 फरवरी को बजट पेश किया जाता है। इसके लिए सरकार द्वारा लगभग 6 माह पूर्व से ही तैयारी शुरू कर दी जाती है। इसके लिए सरकार द्वारा सर्वप्रथम देश के विभिन मंत्रालयों, सरकारी विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों तथ्य राज्यों को अपने वित्तीय खर्च के अनुमान के आधार पर आवश्यक डाटा मुहैया कराने को सर्कुलर जारी किया जाता है जिससे प्राप्त डाटा के आधार पर विभिन विभागों को वित्त मुहैया करवाया जाता है। इसके पश्चात वित्त मंत्री, वित्त सचिव, व्यय सचिव एवं राजस्व सचिव संयुक्त रूप से बजट के विभिन पहलुओं पर चर्चा करते है। बजट तैयार करने के दौरान वित्त मंत्रालय को प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री तथा देश में योजना आयोग के उपाध्यक्ष तथा विशेषज्ञों द्वारा इनपुट प्राप्त होते है।

विभिन विभागों, क्षेत्रों एवं उद्योगों से चर्चा के पश्चात बजट का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाता है। बजट तैयार करने की प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय होती है। इस दौरान चुनिंदा अफसरों की निगरानी में बजट तैयार किया जाता है। साथ ही बजट दस्तावेजों के लीक की सम्भावना को खत्म करने के लिए सभी कम्प्यूटरों को डीलिंक करने के अतिरिक्त सभी कर्मियों को दो से तीन हफ्ते तक नार्थ ब्लॉक के अंदर की रहना होता है। बजट तैयार होने के पश्चात राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही बजट पेश करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

बजट से पहले हलवा सेरेमनी

वित्त मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक में बजट की छपाई के साथ शुरू होने वाला हलवा सेरेमनी ख़ास मौका होता है। दरअसल वित मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष बजट की छपाई करने से पूर्व वित्त मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी आयोजित की जाती है। इस अवसर पर वित्त मंत्रालय में बड़ी कढ़ाई में हलवा तैयार किया जाता है एवं वित्त मंत्री सहित वित विभाग एवं बजट प्रक्रिया के जुड़े अफसरों के मध्य इस हलवे का वितरण किया जाता है। इसे ही हलवा सेरेमनी कहा जाता है। हलवा सेरेमनी के साथ बजट छपाई की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

बजट में किए गए प्रमुख बदलाव

समय-समय पर भारत सरकार द्वारा देश के बजट में बदलाव किए जाते रहे है। यहाँ आपको बजट में किए गए प्रमुख बदलावों सम्बंधित जानकारी प्रदान की गयी है :-

  • बजट का समय – वर्ष 1999 तक बजट को शाम के 5 बजे पेश किया जाता था परन्तु वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा बजट पेश करने का समय बदलकर सुबह के 11 बजे कर दिया गया। वर्तमान में बजट को प्रातः 11 बजे पेश किया जाता है।
  • बजट की तारीख़- वर्ष 2017 को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली के द्वारा आम बजट को 1 फरवरी को पेश की जाने की परंपरा को शुरू किया गया। इससे पहले बजट को प्रतिवर्ष फरवरी के अंतिम दिन को पेश किया जाता था।
  • रेल बजट का आम बजट में विलय- वर्ष 2017 में ही मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली के द्वारा रेल बजट का आम बजट में विलय कर दिया गया। इससे पूर्व रेल बजट को आम बजट से अलग पेश किया जाता था।
  • पेपरलेस बजट- वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के बाद वित् मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा देश का पहला केंद्रीय पेपरलेस बजट पेश किया गया था।

बजट से जुड़े रोचक तथ्य

  • स्वतंत्र भारत का प्रथम बजट 26 नवंबर, 1947 को देश के तत्कालीन वित् मंत्री के. षण्मुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था।
  • कुल 10 बार बजट पेश करने के साथ पूर्व प्रधानमन्त्री मोरारजी देसाई देश में सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले वित् मंत्री भी रह चुके है।
  • देश में प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी द्वारा वित्त मंत्री का पदभार संभालते हुए वर्ष 1970 में प्रथम बार बजट पेश किया गया था। इस प्रकार इंदिरा गाँधी देश में बजट पेश करने वाली प्रथम महिला बनी।
  • भारत में उदारीकरण के दौरान वर्ष 1992 का बजट पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के द्वारा पेश किया गया था। डॉ. मनमोहन सिंह तत्कालीन नरसिम्हा सरकार में वित्त मंत्री के पद पर नियुक्त थे।
  • भारत के इतिहास में सबसे लम्बे बजट भाषण का रिकॉर्ड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम है। वर्ष 2020 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कुल 2 घंटे 40 मिनट का भाषण दिया था जो की अभी तक के इतिहास में सबसे लम्बा बजट भाषण है।

बजट से सम्बंधित अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बजट क्या है ?

बजट वह वार्षिक वित्तीय योजना है जिसके तहत सरकार द्वारा आगामी वर्ष की प्राप्तियों एवं राजस्व तथा व्यय का अनुमान निर्धारित किया जाता है। सरल शब्दो में आगामी वर्ष में सरकार की कमाई एवं खर्चे का ब्यौरा ही बजट है।

संविधान द्वारा बजट को किस अनुच्छेद के अंतर्गत परिभाषित किया गया है ?

संविधान द्वारा आर्टिकल 112 के तहत बजट का प्रावधान किया गया है।

बजट के लिए संविधान में क्या कहा गया है ?

बजट के लिए संविधान में वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) शब्द का प्रयोग किया गया है।

भारत में बजट को किस मंत्रालय के द्वारा पेश किया जाता है ?

भारत में बजट वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के द्वारा पेश किया जाता है।

बजट किस भाषा का शब्द है ?

बजट शब्द फ्रेंच भाषा के bougette (“little bag”) शब्द से निकला है जिसका अर्थ छोटा बैग होता है।

भारत का बजट किस तारीख़ को एवं किस समय पेश किया जाता है ?

देश का बजट प्रतिवर्ष 1 फरवरी को सुबह के 11 बजे पेश किया जाता है।

भारत में बजट को किस आधार पर तय किया जाता है ?

भारत में बजट को नॉमिनल जीडीपी के आधार तय किया जाता है। नॉमिनल जीडीपी के फीसदी के आधार पर आगामी वर्ष का राजकोषीय घाटा तय किया जाता है जिसके आधार पर सरकार द्वारा कर्ज लेने की सीमा तय की जाती है। इस प्रकार नॉमिनल जीडीपी बजट का प्रमुख आधार है।

देश में रेल एवं आम बजट को किस वर्ष विलय किया गया है ?

देश में रेल एवं आम बजट को वर्ष 2017 में तत्कालीन वित मंत्री अरुण जेटली के द्वारा एकीकृत कर दिया गया था।

स्वतंत्र भारत का सर्वप्रथम बजट किसके द्वारा पेश किया गया था ?

स्वतंत्र भारत का सर्वप्रथम बजट तत्कालीन वित्त मंत्री के. षण्मुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था।

देश में बजट पेश करने वाली प्रथम महिला वित्त मंत्री कौन है ?

देश में बजट पेश करने वाली प्रथम महिला वित्त मंत्री इंदिरा गाँधी जी है जिन्होंने वर्ष 1970 में बजट पेश किया था। उस समय इंदिरा गाँधी प्रधानमन्त्री के पद पर भी कार्यरत थीं।

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