इक्कीसवीं सदी का भारत | India in 21st Century in hindi

तो दोस्तों जैसा की आप जानते हैं की आज का समय 21वी सदी का समय हैं और जो बीत चूका हैं वो 19वी और 20वी सदी थी। कहा जाता हैं की 19वी सदी को ब्रिटिश की सदी कहा जाता हैं और 20वी सदी को अमेरिकी सदी के नाम से जाना जाता हैं और और जो वर्तमान में चल रही हैं यानि के 21st Century उसको भारतीय सदी यानि के इंडियन सेंचुरी के नाम से जाना जाट हैं ऐसा इसलिए क्योंकि आज के समय भारत सब कयदा उन्नति करने वाले देशों में से एक हैं।

इक्कीसवीं सदी का भारत
21वीं सदी का भारत

तो क्या आप इक्कीसवीं सदी के भारत के बारे में जानते हैं अगर नहीं तो आपको चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इक्कीसवीं सदी के भाते के बारे में बहुत सी आवश्यक जानकारी प्रदान करने वाले हैं। तो दोस्तों अगर आप भी इक्कीसवीं सदी का भारत के बारे में अधिक जानकरी या फिर इससे सम्बंधित बहुत सी जानकारी के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए आपको हमारे इस लेख को ध्यानपूर्वक व अंत तक पढ़ना होगा उससे आप भी इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकोगे।

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इक्कीसवीं सदी का भारत

तो दोस्तों आज हम आपको इस लेख में इक्कीसवीं सदी के बारे में कुछ आवश्यक जानकरी प्रदान करने वाले हैं तो अगर आप भी इस प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा।

प्रस्तावना – भारत के बहुत ही महान देश है। भारत में पूर्व समय से ही बहुत महान और शूरवीर लोग रहे हैं जो की अपने हक़ के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते थे। उन सभी लोगो ने उनके सामने आने वाली सभी मुश्किलों का सामना डटकर किया हैं और आखिर में जीत उन्ही की हुई हैं और मुश्किलें उनके सामने न टिक सकीं। इक्कीसवीं सदी का भारत यह नारा राजीव गाँधी जी के द्वारा दिया गया था उन्होंने भी इक्कीसवीं सदी के भारत के बारे में सोचा था और चाहा था की भारत हर किसी क्षेत्र में आगे बढे और उन्नति करें और आज के समय में ऐसा हो भी रहा हैं क्योंकि आज के समय में भारत लगभग सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा हैं।

आज के समय में भारत बहुत अच्छे मुक़ाम पर हैं और इसके लिए भारत ने बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पढ़ा हैं। जैसा की आप सभी जानते हैं की आज के समय भारत बहुत ही अधिक गति से उन्नति कर रहा हैं और आज से वो दिन भी कुछ ज्यादा दूर नहीं जब भारत भी बाकी देशों का मार्गदर्शन करेगा। भारत पहले भी पूरे विश्व पर राज करता था और आने वाले समय में भारत फिर से सबसे अवल देश माना जाएगा।

भारत आर्थिक क्षेत्र में – इक्कीसवीं सदी को भारतीय सदी भी कहा जाता हैं। क्योंकि 21वी सदी में भारत सबसे अधिक उन्नति करने वाले देशों में से एक हैं। आज के समय में भारत की पहले के मुक़ाबले भारत की आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर हैं और केवल यह ही नहीं बल्कि हावर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्रियों का यह मन्ना भी हैं की विकास के मामले में भारत का विकास दर 7 प्रतिशत हैं।जो की बहुत ही अच्छा दर माना जाता हैं और सबसे अधिक दर भी भारत का ही हैं। यानि के विकास के मामले में भारत सबसे आगे हैं। मान यह भी जाता हैं की सन 2024 तक भारत प्रगति के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ देगा।

हमारे देश की सरकार यानि के मोदी सरकार ने विदेशी  प्रत्यक्ष  निवेश  [ FDI  पॉलिसी ] को मंजूरी दे दी हैं जिसके अंतर्गत आने वाले कुछ समय में भारत में बहुत सी विदेशी कंपनियां आएँगी जिसकी वजह से भारत में और भी तेजी से उन्नति होंगी और देश की बहुत सी समस्यांए जैसे की बेरोजगारी भी ख़तम हो जायेगी। जिसकी मदद से देश की अर्थव्यवस्था और भी बेहतर और मजबूत हो जायेगी।

भारत चिकित्सा के क्षेत्र में – जैसा की हमने आपको बताय हैं की आज के समय भारत किसी भी क्षेत्र में किसी से भी पीछे नहीं हैं और अगर बात चिकित्सा क्षेत्र की की जाए तो चिकित्सा के क्षेत्र में भारत पहले से ही सभी देशों से आगे हैं क्योंकि पहले के समय में आयुर्वेद की मदद से हर चीज का इलाज किया जाता था और आयुर्वेद के बारे में सभी जानकारी ऋग्वेद में बताई हुई है जो की भारतीय के भगवानों द्वारा लिखी गयी थी। बताया यह भी जाता हैं की आयुर्वेद लाखों वर्ष पुराना माना जाता हैं।

परन्तु हमारे देश के पास केवल उपकरणों की कमी थी लेकिन वह कमी भी धीरे धीरे कम होने लगी हैं और आज के समय में ऐसा बिलकुल भी नहीं हैं क्योंकि आज के समय में भारत के लगभग हर किसी बिमारी के इलाज के लिए उपकरण भी मौजूद हैं और उन बिमारियों को ठीक करने वाले डॉक्टर भी मौजूद हैं। अगर देखा जाए तो स्वतंत्रता के समय से आज के समय की तुलना की जाए तो आज के समय में अस्पतालों में पलंगों की संख्या पहले से बढ़कर 6 गुना हो चुकी हैं।

केवल यह ही नहीं बल्कि आज के समय में हमारे देश में बहुत सी बीमारी जैसे की टीबी,हैजा आदि जैसी बीमारी से पीड़ित लोगो की संख्या बहुत कम हो चुकी हैं और बहुत सी जानलेवा बिमारियों जैसे की – कैंसर,प्लेग,छोटी माता आदि जैसी बिमारियों से मरने वालों की संख्या में भी गिरावट आयी हैं। बहुत सी बीमारियां तो भारत देश में ख़तम ही हो चुकी हैं जैसे की पोलियो। आज के समय में भारत में एक भी ऐसा व्यक्ति जो की पोलियो से पीड़ित हो। हमारे देश में बिमारियों से मरने वालों डर भी कम हो चूका हैं। जिसका मतलब यह हैं की भारत चिकित्सा क्षेत्र में भी काफी उन्नति कर चूका हैं।

भारत तकनीकी क्षेत्र में – आज के समय भारत ने लगभग हर किसी क्षेत्र में उन्नति की हैं चाहे वो कोई भी क्षेत्र ही क्यों न हो। अब हम बात करने वाले हैं तकनीकी क्षेत्र की तो आपको बता दे की आज के समय भारत तकनीकी क्षेत्र में भी लगातार उन्नति कर रहा हैं। आने वाले समय में भारत में भी बहुत सी तकनीक दिखाई देंगी जैसे की – 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी, 5जी वायरलेस, कम्युनिकेशन, स्टेम सेल थेरेपी आदि। भारत में यह सब चीजे आने के बाअद भारत का भी काफी नाम होगा और भारत का नाम भी सबसे बेहतर देशों में से एक होगा। तकनीकी की मदद से भारत को आकांशा बल प्राप्त होगा।

भारत ने तकनीकी बढ़ोतरी के लिए पिछले कुछ समय में बहुत कुछ किया हैं जैसे की भारत ने 2015 में 4500 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग मिशन का एलान किया था जिसकी मदद से देश की रिसर्च क्षमता बढ़ेगी और इसके अंतर्गत भारत में करीब 2022 तक पूरे देश में 73 देसी सुपर कम्प्यूटर लगाए जाने का एलान किया हैं। केवल यह ही नहीं बल्कि राष्ट्रिय मिशन के चलते सन 2020 में भारत ने 8,000 करोड़ रुपये की क्वांटम टेक्नोलॉजी और एप्लीकेशन की भी घोषणा की थी। माना यह भी जाता हैं की तकनीकी क्षेत्र में भारत को जापान,ब्रिटैन,अमेरिका के बाद भारत को चौथे स्थान पर माना जाता हैं।

क्योंकि भारत में सुपरकम्प्युटर बनाने में भी भारत के सभी engineers पीछे नहीं है इनको बनाने के लिए वह सभी पूर्ण प्रयास किया है और इसको बनाने में भी उन्होंने अपने आप को साभित कर दिया है की भारत भी किसी से कम नहीं हैं। इसके साथ साथ भारत नैनोटेक्नोलाजी के मामले में भी भारत काफी आगे बढ़ चूका हैं और वैश्विक अनुसंधान एवं विकास खर्च में भी भारत का योगदान करीब 3.70% 2017 से बढ़कर 2018 में करीब 3.80%तक हो चूका हैं।

भारत रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में – अगर बात रक्षा उपकरणों की जाए तो भारत इसमें भी काफी उन्नति कर चूका हैं। भारत को रक्षा के मामले में विश्व में 7वा स्थान प्राप्त हैं क्योंकि भारत की वायु सेना,थल सेना,जल सेना हमेशा ही देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं और इन सभी यानि के वायु सेना,थल सेना,जल सेना के पास पर्याप्त मात्रा में रक्षा के उपकरण भी मौजूद हैं। आपको यह भी बता दे की भारत सबसे कम वजन वाला लड़ाकू विमान बनाने में सफल हो चूका हैं।

उस विमान का नाम तेजस हैं जो की विश्व का सबसे कम वजनी लड़ाकू विमान हैं। केवल यह ही नहीं बल्कि जो भी उपकरण इस विमान को बनाने में लगे है वह लगभग भारत में ही बने हैं। भारत की सरकार सेना के उपकरण पर ख़ास ध्यान रखती हैं और उनको बेहतर करने का प्रयास करती रहती हैं। आज के समय में भारत के मामले में भारत आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा हैं। रक्षा के सभी उपकरणों को बेहतर करने का प्रयास भी कर रहा हैं। वो समय अब दूर नहीं हैं जब भारत विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों में उसका नाम आएगा।

भारत शिक्षा के क्षेत्र में – अगर पहले के मुक़ाबले देखा जाए तो आज के समय में भारत शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी आगे बढ़ चूका है। आज के समय में भारत में हर किसी चीज के बारे उच्च शिक्षा प्राप्त क्र सकते हैं। लेकिन अभी तक भारत में केवल प्राथमिक शिक्षा ही मुफ्त हो पाई हैं जो क बहुत कम हैं लेकिन इसमें और भी उन्नति करने का प्रयास जारी हैं। भारत में बहुत से स्कूल,कॉलेज व यूनिवर्सिटीज मौजूद हैं जहाँ से भारत के युवा पढ़ लिख कर अपना भविष्य बना सकते हैं।

सिर्फ यह ही नहीं बल्कि आज के समय में भारत में भी बहुत से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। शिक्षा को लेकर हमारे देश में बहुत से अभियान भी चलाये जाते हैं जिसकी मदद से सभी विद्यार्थी शिक्षा के प्रेरित हो सके। हमारे देश में सरकार सभी को शिक्षा के प्रेरित करती हैं क्योंकि शिक्षा हर किसी का जन्मसिद्ध अधिकार हैं। जिसको सभी व्यक्तियों को प्राप्त करना चाहिए। जब हमारे देश के सभी युवा साक्षर होंगे तब हमारा देश कितना आगे बढ़ जायेगा और भारत सरकार उसी की कल्पना करती हैं की देश का हर एक नागरिक शिक्षित हो।

India in 21st Century से सम्बंधित कुछ प्रश्न और उनके उत्तर

इक्कीसवीं सदी क्या हैं ?

आज के समय यानि के जो वर्तमान में चल रहीं हैं वही इक्कीसवीं सदी हैं। इक्कीसवीं सदी की शुरुआत 1 January 2001 से हुई थी और यह सदी 31 December 2100 को ख़तम होगी।

इक्कीसवीं को भारत की सदी क्यों कहा जाता हैं ?

इक्कीसवीं सदी को भारतीय सदी इसलिए कहा जाता हैं क्योंकि आज के समय भारत सबसे अधिक उन्नति करने वाले देशों में से एक हैं और कुछ समय के पश्चात भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका की अर्थव्यवस्था को भी पीछे छोड़ सकती हैं।

19वी सदी कब से कब तक थी ?

19वी सदी की शुरुआत 1 जनवरी, 1801 से प्रारम्भ हुई थी और 19वी शताब्ती 31 दिसंबर, 1900 तक ख़तम हो चुकी थी।

एक शताब्दी यानि के एक सदी में कितने वर्ष होते हैं ?

एक शताब्दी में 100 साल होते हैं।

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